हवाई जहाज में उड़ने के डर से इस तरह उबरें!

Updated at: Apr 22, 2017
हवाई जहाज में उड़ने के डर से इस तरह उबरें!

अकसर कई लोगों को हवाई जहान में जाने से डरते देखा गया है। वे अपनी कई-कई टूर सिर्फ इसलिए रद्द कर देते हैं क्योंकि उन्हें फ्लाइट फोबिया है। वे उस डर का सामना नहीं कर पाते।

Meera Roy
तन मनWritten by: Meera RoyPublished at: Apr 22, 2017

अकसर कई लोगों को हवाई जहान में जाने से डरते देखा गया है। वे अपनी कई-कई टूर सिर्फ इसलिए रद्द कर देते हैं क्योंकि उन्हें फ्लाइट फोबिया है। वे उस डर का सामना नहीं कर पाते। नतीजतन वे लंबी, थकाउ ट्रेन की जर्नी करने में सहज महसूस करते हैं। लेकिन जरूरी नहीं कि अगर आपको फ्लाइट में डर लगता हो तो हर बार आपको ट्रेन की ही मदद लेनी होगी। आप चाहें तो इस डर को हराकर फ्लाइट का पूरा मजा ले सकते हैं। जानिए, कैसे-

flight

फ्लाइट की पर्याप्त जानकारी रखें

अकसर लोगों को फ्लाइट में जाने से डर लगता है क्योंकि उन्होंने प्लेन में बैठने के तरह-तरह के किस्से सुन रखे होते हैं। इससे मन में कहीं गहरे तक फ्लाइट में बैठने के नाम से ही डर बैठ गया होता है। लेकिन ऐसी स्थिति में आपके लिए बेहतर हो कि जिस भी फ्लाइट में जा रहे हैं, उसकी पर्याप्त जानकारी रख लें। कुछ उसके इतिहास के बारे में भी जान सकते हैं। असल में जानकारी होने से फाल्तू बातें अपने आप दिमाग से धूमिल हो जाती हैं। इससे आपके फ्लाइट का सफर आरामादायक हो जाएगा।

किसी भी तरह के पूर्वानुमान से बचें

देखने में आता है कि फ्लाइट में बैठने के पूर्वानुमान किसी व्यक्ति विशेष में इतने डरानवने होते हैं, वे अपने ही भय के करण फ्लाइट की अनदेखी करना चाहता है। जबकि व्यवहारिक रूप से फ्लाइट में बैठा जाए तो ऐसा लगेगा कि ‘खोदा पहाड़ और निकला चूहा’ क्योंकि उसमें डर लगने जैसी कोई चीज नहीं होगी। हो सकता है कि फ्लाइट में बैठते ही आप खुद ही अपने ऊपर हंस दे और कहें कि इसमें भला डरने का क्या था!

इसे भी पढ़ेंः ये मास्‍टर तकनीक अपनाएं, 30 सेकंड में नींद को पास बुलाएं!

खतरे और डर अलग-अलग है

ऐसा हो सकता है कि आपको फ्लाइट में बैठने से डर लगे। लेकिन यह मान लेना सही नहीं है कि फ्लाइट में बैठना खतरनाक भी होगा, सही नहीं है। असल में आपको अपने डर और अपने सोचे हुए खतरों को अलग करना होगा। इससे फ्लाइट में बैठना और भी सहज हो जाएगा। यह भी समझने में आसानी होगी कि फ्लाइट में बैठने के उतने ही खतरे हैं, जितने कि किसी भी मोड आफ ट्रांसपोर्ट में बैठने के हो सकते हैं।

खुद को स्ट्रांग समझें

आपने अकसर कहते सुन होगा कि डर के आगे जीत है। फ्लाइट संबंधी डर के सामने भी जीत ही खड़ी है। अगर आपको वाकई फ्लाइट में जाने इतना डर लगता है कि आप अपनी छुट्टियां तक कैंसर कर देते हैं, तो इस बार तय करें कि फ्लाइट में जरूर बैठेंगी। इससे आपको सच और अपने मन में बैठे डर के बीच के फर्क पता चलेगा। हमेशा खुद को कंफर्ट जोन में डालने के बजाय उस स्थिति का सामना करें जो अपको असहज कर रहा है।

इसे भी पढ़ेंः क्यों आती है हिचकी, क्या आपने कभी जानना चाहा है...?

फेला फ्नायर से मदद ले सकते हैं

एक बार प्लेन में बैठ जाने के बाद आप चाहें तो अपने फेला फ्लायर से मदद ले सकती हैं। वैसे भी फ्लाइट में आपको एयर होस्टेस मिलेगी जो कि हर पल आपकी मदद करने को तत्प रहती हैं। इस दौरान आपको किसी भी तरह की परेशानी हो, वे आपकी हर संभव मदद करती हैं। आप एक बार एयर होस्टेस या फेला फ्लायर से मदद लेने के बाद महसूस करेंगी कि आपको अब फ्लाइट में उतना डर नहीं लग रहा, जितना बैठते समय लग रहा था।

खुद को फ्लाइट में जाने लायक बनाएं

अंततः आप पर यही बात लागू होगी कि अपने फोबिया को पीछे छोड़ने के लिए खुद को फ्लाइट में जाने लायक बनाना होगा। अगर आपने खुद को अंदर से स्ट्रांग नहीं किया, मानसिक रूप से फ्लाइट में बैठने को तैयार नहीं हुईं, तो किसी भी स्थिति में आप फ्लाइट में जाने लायक नहीं बन पाएंगी। बेहतर होगा कि आप खुद को फ्लाइट में जाने लायक बनाएं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Mind-Body Related Articles In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK