• shareIcon

15 मिनट की तैयारी बना सकती है आपको काम में अधिक सफल

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 13, 2014
15 मिनट की तैयारी बना सकती है आपको काम में अधिक सफल

काम में सफलता के लिए सबसे पहले जरूरी है लक्ष्य का निर्धारण और फिर दिन के अंत में 15 मिनट की तैयारी, और देखिये सफलता आपके कदमों में होगी।

सफलता के लिए कोई जादू की छड़ी तलाशना व्यर्थ है। इसके लिए सबसे पहले जरूरी है लक्ष्य का निर्धारण। कठिन से कठिन लक्ष्य भी उस स्थिति में सरल हो जाता है, जब उसके लिए आपकी इच्छाशक्ति मजबूत हो। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के एक नए वर्किंग पेपर के अनुसार पूरे दिन के काम के बाद एकांत में 15 मिनट बैठकर पूरे दिन का सार लिखने से आप अपने काम में आप बेहतर बनाते हैं। तो चलिये इस विषय पर विस्तार से बात करते हैं और जनते हैं कि क्या वाकई दिन के ये 15 मिनट काम को बेहतर बना सकते हैं।

 

 

जी हां दिनचर्या में आवश्यक परिवर्तन कर जब एक-एक क्षण की महत्ता समझते हुए लक्ष्य की दिशा में बढ़ने का प्रयास किया जाता है तो सफलता सुनिश्चित होती है। पंद्रह मिनट की 'प्लानिंग' कर आप अपने 23 घंटे 45 मिनट के समय का सदुपयोग करें तो सफलता निश्चित हो जाती है।

 

Writing Your Day in Hindi

 

 

एचबीएस प्रोफेसर फ्रांसिस्का गीनो के अनुसार जब लोगों को चिन्तन करने का अवसर मिलता है, तो वे आत्मविश्वास से भरा महसूस करते हैं और चीजें आसानी से हासिल कर सकते हैं। नतीजतन, वे जो सीखते हैं और जो सकते हैं उसके लिए अधिक प्रयास करना शुरू कर पाते हैं।

 

 

प्रयोगशाला के क्षेत्र में अपने द्वारा किये प्रयोगों की एक श्रृंखला में, गीनो और उनके सहयोगियों ने पाया कि आत्म चिन्तन बेहतर प्रदर्शन करने के उत्साहित करता है। इसका सबसे लाजवाब सबसे उदाहरण उन्हे विप्रो नामक एक भारतीय आउटसोर्सिंग कंपनी के साथ किये प्रयोग में मिला।

 

 

Writing Your Day in Hindi

 

 

शोधकर्ताओं नए कर्मचारियों को दो समूहों में डाला , जहां एक समूह के लोगों ने अपने दिन का चिंतन किया और दूसरे समूह के लोगों ने नहीं। चिंतन करने वाले समूह में कर्मचारियों को एक पेपर जर्नल दिया गया और उनके काम के दिन की समाप्ति पर उस दिन के बारे में बीती अच्छी बातों के बारे में 15 मिनट खर्च कर लिखने को कहा। इस समूह ने दस दिन तक ऐसा किया। इस प्रयोग का परिणाम यह निकला कि चिंतन कर 15 मिनट लिखने वाले कर्मचारियों ने दूसरे समूह की तुलना में 22.8 प्रतिशत अधिक बेहतर प्रदर्शन किया।  

 

मनोविज्ञान शोध से पता चलता है कि अपने जीवन के अनुभवों के बारे में लिखने के कई सकारात्मक प्रभाव होते हैं, जैसे छात्रों के ग्रेड का बढ़ता औसत,नौकरी खोने के बाद दोबारा मिलना और याददाश्त में सुधार आदि। गीनो के अनुसार ऐसा इसलिए क्योंकि लेखन आपके साथ घटी चीजों को कूटबद्ध करने में मदद करता है।

 

यदि आप केवल चीजों के बारे में सोच रहे हैं तो आप उन्हें भूल सकते हैं, या नकार सकते हैं, लेकिन जब आप उन्हें लिखते हैं तो आपके लिए क्या उपयोगी है, यह पहचान करना आसान हो जाता है।

 

 

Read More Article On Mental Health In Hindi.

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK