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सेहत के लिहाज से नुकसानदेह है रेड मीट का सेवन

स्वस्थ आहार By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 22, 2015
सेहत के लिहाज से नुकसानदेह है रेड मीट का सेवन

रेड मीट या बीफ भले ही कुछ लोगों का पसंदीदा व्‍यंजन हो लेकिन इसका अधिक सेवन सेहत के लिहाज से बहुत ही हानिकारक है, इससे कई तरह की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें हो सकती हैं, इसके बारे में विस्‍तार से इस लेख में जानें।

Quick Bites
  • बीफ या रेड मीट खाना स्‍वास्‍थ्‍य के लिए है नुकसानदेह।
  • इसमें पाया जाने वाला रसायन सेहत के लिए है खतरा।
  • टाइप-2 डायबिटीज का कारण बनता है इसका सेवन।
  • इससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है।

रेड मीट या बीफ भले ही कुछ लोगों के लिए पसंदीदा आहार हो, लेकिन यह स्‍वास्‍थ्‍य पर बुरा प्रभाव भी डालता है। बहुत से वैज्ञानिक अध्ययन और शोधों से पता चला है कि बीफ, गौ मांस, पोर्क, प्रासेस्ड मीट और लैम्ब के अधिक सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि ये कैंसर, डायबिटीज व अन्य घातक समस्याओं का कारण बन सकते हैं। रेड मीट में वसा काफी मात्रा में होती है जो मोटापे और इसके कारण होने वाली बीमारियों का कारक बन सकती है। अमरीका के हावर्ड मेडिकल स्कूल के शोध में भी पता चला है कि रेड मीट से हमारे स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान पहले से दी गई जानकारियों से कहीं अधिक हैं। लेकिन इस कहानी का एक पहलू और भी है। तो चलिये जानें की बीफ (रेड मीट) खाने के क्या नकसान होते हैं और भारत में इसका क्या अस्तित्व है।

Red Meat in Hindi

 

डायबिटीज का खतरा

'नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर' के एक अध्ययन में बताया गया कि 4 साल तक रेड मीट का नियमित सेवन करने से डायबिटीज होने का खतरा 48 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार रेड मीट में सैचुरेटेड फैट भरपूर मात्रा में होता है। जोकि शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इससे शरीर में मोटापा बढ़ने लगता है। और फिर यह मोटापा और कोलेस्ट्रॉल का मेल टाइप-2 डायबिटीज का कारण बनता है।

कैंसर का खतरा

शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि कैसे रेड मीट अर्थात लाल मांस का सेवन कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसमें मौजूद एक रसायन शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, जो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का कारण बन सकते हैं। भारतीय मूल के अमेरिकी शोधकर्ता डॉ अजीत वर्की ने एक शोध में पाया कि गाय, मेमने और सुअर के लाल मांस में एनईयू5जीसी शुगर अणु होता है, जोकि मानव शरीर में नहीं पाया जाता। और जैसी ही यह शरीर में पहुंचता है, प्रतिरोधी तंत्र इस पर हमला कर देता है। जिससे शरीर में काफी जलन पैदा होती है। यह जलन ट्यूमर का कारण बन सकती है। इससे पहले भी रेड मीट को स्तन, कोलेरक्टल, प्रोस्टेट, डिम्बग्रंथि और फेफड़ों के कैंसर के लिए जिम्मेदार पाया गया है।

 

Red Meat In Hindi

 

इसका एक और पहलू है

पत्रिका आउटलुक की खबर के अनुसार भारत दुनिया का सबसे बड़ा मांस निर्यात करने वाला देश बन गया है। वित्त वर्ष 2014-15 में अप्रैल-दिसंबर के दौरान बीफ के मांस का निर्यात पिछले साल 19.35 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर, इस साल 22.98 हजार करोड़ रुपये तक हो गया है। मोटा-मोटा देखा जाए तो तकरीबन 19 प्रतिशत की वृद्धी।

रेड मीट से होने वाले नुकसान को मद्देनज़र रखते हुए ब्रिटेन में सरकार लोगों को एक दिन में 70 ग्राम से अधिक रेड मीट नहीं खाने की सलाह देती है। इसके अलावा भारत में कुछ जगहों पर बीफ को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है।


Image Source - Getty Images
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Written by
Rahul Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 22, 2015

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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