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3 साल से छोटे बच्चों को कितना पानी पिलाना है जरूरी? जानें क्या कहती है SIM की गाइडलाइन्स

नवजात की देखभाल By पल्‍लवी कुमारी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 08, 2019
3 साल से छोटे बच्चों को कितना पानी पिलाना है जरूरी? जानें क्या कहती है SIM की गाइडलाइन्स

हाल ही में आए एक शोध के मुताबिक 1 से 3 वर्ष के उम्र वाले बच्चों को एक दिन में लगभग 1.3 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा बच्चे को हाइड्रेटेड रखने के लिए हमें उन्हें फल और सब्जियों को भी सही मात्रा में ही देना चाहिए। 

हम सभी जानते हैं कि मानव जीवन के लिए पानी कितना महत्वपूर्ण है। यह हमारे शरीर में मौजूद हर कोशिका का एक लाइफ सेवर और बिल्डिंग ब्लॉक है। पानी के बिना पृथ्वी पर जीवन असंभव है। आपके शरीर का लगभग 60 प्रतिशत पानी से बना है और इसलिए यह अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहने के पानी की बहुत जरूरत है। हमारे पाचन तंत्र, ब्लड सर्कुलेशन, बॉडी टेंप्रेचर को नियंत्रण और यहां तक कि हमारे मस्तिष्क के लिए लिए पानी बहुत उपयोगी है। इसी तरह 1 साल की उम्र वाले बच्चे के लिए भी पानी उतना ही उपयोगी है, जितना हमारे लिए बस मात्रा का फर्क है। हालही में आए एक शोध की मानें तो एक साल के बच्चे को सही मात्रा में ही पानी देना चाहिए। एक सामान्य वयस्क को हर दिन लगभग 2 लीटर पानी पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन मात्रा एक बच्चे के लिए समान नहीं है।

इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के द्वारा डायटरी रेफरेंस इंटेक्स फॉर इलेक्ट्रोलाइट्स एंड वॉटर विषय पर किए शोध के अनुसार 1 से 3 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए पानी के लिए पर्याप्त मात्रा प्रति दिन 1.3 लीटर है। शोध की मानें तो इस उम्र के बच्चों को एक दिन में लगभग 1.3 लीटर के बराबर ही पानी पीना चाहिए। इसके अलावा बच्चे अपनी रोजाना के हिसाब से शरीर में लिए जाने वाले लिक्वी़ड डाइट के अलावा इतना पानी पी सकते हैं। लेकिन इसके अलावा वह दूध और 100 प्रतिशत फलों के रस सहित अन्य स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थों का भी सेवल कर सकते हैं। शोध की मानें तो लगभग 20 प्रतिशत बच्चों में रोजाना पानी का सेवन आमतौर पर ऐसे खाद्य पदार्थों के द्वारा होता है, जिनमें बहुत अधिक नमी / पानी की मात्रा होती है। जैसे रसदार फल, सब्जियां, अनाज और सूप आदि।

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पेशाब के रंग से पहचान सकते हैं पानी की कमी

इसके अलावा मौसम अनुसार भी आप बच्चे को पानी पीने के लिेए दे सकते हैं। जैसे जब मौसम गर्म होगा तो आपका बच्चा सामान्य से अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय होगा। ऐसे में उन्हें और पानी चाहिए हो सकता। इसके अलावा पानी की कमी या ज्यादा का पता आप बच्चे के मूत्र रंग के रंग को देखकर भी मालूम कर सकते हैं कि वह सही से पानी पी रहे हैं या नहीं। अगर उसके पेशाब को रंग साफ है तो इसका मतलब है कि वह पर्याप्त रूप से हाइड्रेटेड है। अगर पेशाब गाढ़ा या पीले रंग का दिखाई देता है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि उसे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए थोड़ा और पीने की जरूरत है।

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अपने बच्चे को हाईड्रेटेड कैसे रख सकते हैं-

  • फलों के द्वारा पानी वाले फलों को धीरे-धीरे अपने बच्चे को खिलाए। कम-कम करके या लगातार छोटे घूंट में कुछ पीलाएं। दिन भर में कम मात्रा में पानी दें। आपका बच्चा हाइड्रेटेड रहेगा। यदि आप पतले फलों के रस का उपयोग करते हैं, तो प्रति दिन शुद्ध रस के 4 औंस ही दें।
  • आप रंगीन कप और मज़ेदार आकार के स्ट्रॉ का उपयोग कर सकते हैं ताकि आपके छोटे बच्चे इस तरह के रंग-बिरंगे पाइप लगाकर पानी पीना चाहे। इस तरह आप अपने बच्चे को पानी पीने के लिए उत्साहित कर सकते हैं।
  • मौसम के अनुसार मौसम अनुसार बच्चों की गतिविधि के प्रति सचेत रहें। बच्चे अपने शरीर के तापमान को वयस्कों की तरह आसानी से नियंत्रित करने में सक्षम नहीं होते हैं, इसलिए बच्चे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। 
  • शोध के अनुसार हर 20 मिनट में या जब भी कोई ब्रेक होता है,  बच्चे को कम से कम 4 औंस पानी वाले पदार्थ को खाने के लिए प्रोत्साहित करें। ऐसे में उन्हें पानी की कमी नहीं होगी और वह कम बीमार पड़ेगे। 
  • घर में बनाए हर चीज में पानी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें। तरबूज, संतरा, अंगूर, सूप या फल जैसे खाद्य पदार्थ पानी में समृद्ध हैं। इसे मज़ेदार और स्वादिष्ट बनाने के लिए आप नींबू, काला नमक और चीनी का प्रयोग कर इसे टेस्टी बना सकते हैं।

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