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हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है विटामिन ई? जानें इसके फायदे और महत्व

स्वस्थ आहार By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 03, 2018
हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है विटामिन ई? जानें इसके फायदे और महत्व

शुद्ध विटामिन ई की हमारे शरीर को बहुत जरूरत है। अक्सर लोग इसे मामूली विटामिन समझकर इग्नोर कर देते हैं।

शुद्ध विटामिन ई की हमारे शरीर को बहुत जरूरत है। अक्सर लोग इसे मामूली विटामिन समझकर इग्नोर कर देते हैं। विटामिन ई ऑयल हीलिंग में मदद करता है और साथ ही त्वचा, नाखूनों और सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। विटामिन ई में एंटीऑक्सीडेंट होता है जो उम्र के बढ़ने के असर को कम करता है। इसे रोजमर्रा के आहार में जरूर शामिल करना चाहिये। विटामिन ई ऑयल आसानी से बाजार में मिल जाता है। आप इसे तरल अथवा कैप्सूल के रूप में उपयोग कर सकते हैं। इसके साथ ही वेजिटेबल ऑयल, नट्स और बीज भी विटामिन ई के स्रोत होते हैं।

क्या है विटामिन ई

शरीर को स्वस्थ बनाएं रखने के लिए विटामिन ई काफी लाभदायक होता है। सही मात्रा में इसके सेवन से शरीर कई प्रकार की बीमारियां से बचा रहता है और त्वचा पर भी निखार बना रहता है। इसे प्राप्त करना भी बहुत मुश्किल नहीं है। विटामिन ई वनस्‍पति तेल, गेंहू, हरे साग, चना, जौ, शकरकंद, खजूर, चावल के मांढ, क्रीम, बटर, स्‍प्राउट, कड लीवर ऑयल, आम, पपीता, कद्दू, पॉपकार्न और फ्रूट में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा यह मछली में भी अधिक होता है।

क्या है विटामिन ई का महत्व

यूं तो हमारे शरीर के लिए सभी विटामिन्स का अपना-अपना महत्व है, लेकिन उनमें कुछ की खास भूमिका होती है। ऐसे विटामिन्स में एक प्रमुख है विटामिन ई। चाहे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए रखने की बात हो या शरीर को एलर्जी से बचाए रखने की या फिर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में प्रमुख भूमिका निभाने की, यह विटामिन बहुत जी जरूरी होता है। विटामिन ई एक ऐसा विटामिन है जो, हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता है। यह वसा में घुलनशील होता है, और एक अच्छे एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है। शरीर में विटामिन ई की कमी से कई बीमारियां हो सकती हैं।

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विटामिन ई से मिलने वाले लाभ

 विटामिन ई युक्त चीजों के सेवन से शरीर में एंटीऑक्‍सीडेंट को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन विटामिन ई के लिए केवल प्राकृतिक खाद्य पदार्थो का इस्‍तेमाल करना चाहिए। विटामिन ई, शरीर में खून को बनाने वाली रेड ब्‍लड सेल्‍स यानि लाल रक्‍त कोशिकाओं का निर्माण करती हैं। अगर प्रेग्‍नेंसी के दौरान गर्भवती स्‍त्री विटामिन ई का सेवन नहीं करती है तो उसके बच्‍चे को एनीमिया यानि खून की कमी की शिकायत रहेगी। विटामिन ई त्‍वचा में कसाव और दमक बनाए रखता है। विटामिन – ई बेहद लाभकारी त्वचा के लिए बेहद लाभदायक होता है, इसके सेवन से त्‍वचा पर आई झुर्रियां भी दूर हो जाती हैं। शरीर में विटामिन ई की कमी का सबसे ज्‍यादा प्रभाव थॉयराइड ग्रंथी और पिट्यूटरी ग्रंथी की कार्य क्षमता पर पड़ता है। इसकी कमी से यह दोनों ही ग्रंथियां धीमे काम करने लगती हैं, जिससे शरीर में काफी थकान और भारीपन होने लगता है।

विटामिन 'ई' की कमी से नुकसान

विटामिन ई की कमी से वीर्य निर्बल हो जाना, नपुंसकता, बांझपन, आंतों में घाव, गंजापन, गठिया, पीलिया, मधुमेह तथा लिमर व हार्ट प्रोबलम्स हो सकती हैं। इसके अलावा विटामिन ई की कमी से शरीर के अंगों का सुचारू रूप से कार्य न कर पाना, मांसपेशियों में अचानक से कमजोरी आ जाना तथा नजर कमजोर हो जाना व दिखने में झिलमिलाहट महसूस होना, जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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विटामिन ई से भरपूर आहार

  • विभिन्‍न प्रकार की मछली जैसे सालमोन और ट्यूना 'विटामिन डी' की उच्‍च स्रोत होती हैं। सालमोन विटामिन डी की हमारी रोजाना जरूरत का एक तिहाई हिस्‍सा पूरा करने के लिए काफी होती है।
  • दूध की तरह ही संतरे का रस भी विटामिन डी से भरपूर होता है। कई स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का मानना है कि विटामिन डी से स्वास्थ्य में जल्‍दी सुधार कर सकते हैं। इसके लिए वे आपको संतरे के जूस को अपने आहार का हिस्‍सा बनाना चाहिए।
  • दूध विटामिन डी का एक और महान स्रोत है। हमें दिन भर में जितना विटामिन डी चाहिए होता है, उसका 20 फीसदी हिस्‍सा दूध पूरा कर देता है। जबकि अनफॉर्टफाइड डेयरी उत्‍पादों में आमतौर पर विटामिन डी कम मात्रा में पाया जाता है।
  • अनाज विटामिन डी का समृद्ध स्रोत है। विटामिन डी की पूर्ति के लिए नाश्ते से दृढ़ अनाज शामिल कर आप अपने दिन की शुरुआत अच्‍छे से कर सकते है।
  • अंडों को स्‍वस्‍थ भोजन माना जाता है, जो विटामिन डी से भरपूर होते हैं। हालांकि विटामिन डी ज्‍यादा अंडे की जर्दी में पाया जाता है। लेकिन फिर भी हमें इसको पूरा खाना चाहिए। अंडे का सफेद हिस्‍सा खाने से विटामिन डी की पर्याप्‍त आपूर्ति नहीं होती।

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