वात- पित्त, कफ दोष वाले लोगों को दिन में इतनी बार पीना चाहिए काढ़ा! जानें 1बार में काढ़े की कितनी मात्रा पिएं

Updated at: Aug 27, 2020
वात- पित्त, कफ दोष वाले लोगों को दिन में इतनी बार पीना चाहिए काढ़ा! जानें 1बार में काढ़े की कितनी मात्रा पिएं

क्या आप जानते हैं कि आपको दिन में कितनी बार काढ़ा पीना चाहिए। अगर नहीं तो जानें कितनी बार काढ़ा पीना आपके लिए है फायदेमंद। 

 

Jitendra Gupta
आयुर्वेदWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Aug 27, 2020

जब से कोरोनोवायरस महामारी ने हमारे जीवन में दस्तक दी है और जिंदगी को प्रभावित करना शुरू किया है, तब से कई घरों में हर दिन काढ़ा पीना एक नियमित रूटीन सा बन गया है। हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने से लेकर हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करने तक, काढ़ा पीने के विभिन्न स्वास्थ्य लाभ हैं। लेकिन जैसा कि हर चीज के मामले में होता है, काढ़ा के अति प्रयोग के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं और आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। हालांकि काढ़ा पीने से पहले आपको ये पता होना चाहिए कि प्रतिदिन (और सही मात्रा में) कितनी बार काढ़ा पीना चाहिए। काढ़ा पीना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है लेकिन इसकी मात्रा किसी के आयुर्वेदिक शरीर के प्रकार पर निर्भर करती है। अगर आपको भी नहीं पता कि दिन में कितनी बार काढ़ा पीना चाहिए तो चिंता न करें इस लेख में हम आपको बताएंगे कि दिन में कितनी बार से अधिक काढ़ा न पिएं। तो आइए पहले जान लेते हैं आयुर्वेदिक शरीर के प्रकार और काढ़े के बीच संबंध।

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वात शरीर प्रकार

इस प्रकार के शरीर वाले लोग एक दिन में दो बार काढ़ा पी सकते हैं। ये लोग अपने शरीर में ड्राईनेस से बचने के लिए अपने काढ़े में थोड़ा सा घी भी डाल सकते हैं।

पित्त शरीर प्रकार 

पित्त शरीर के प्रकार वाले लोगों को दिन में एक बार से अधिक काढ़ा नहीं पीना चाहिए। इसके अलावा, इन लोगों को खाली पेट कभी भी काढ़ा नहीं पीना चाहिए। पित्त शरीर के प्रकार वाले लोगों के लिए काढ़ा पीना का सबसे अच्छा समय शाम का वक्त है।

कफ शरीर प्रकार 

कफ प्रकार वाले लोग दिन में 2-3 बार काढ़ा का सेवन कर सकते हैं। वास्तव में, इन लोगों को वायरल बीमारी होने का खतरा अधिक होता है और इस प्रकार काढ़ा उनके लिए अमृत के समान होता है।

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बहुत ज्यादा काढ़ा पीने के साइड इफेक्ट्स

यह ध्यान रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है कि काढ़ा बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली सामान्य सामग्री शरीर में गर्मी पैदा कर सकती है और बहुत अधिक मात्रा में काढ़ा पीने से शरीर में कुछ समस्याओं को जन्म दे सकती है। अगर आप हर दिन काढ़ा पी रहे हैं और आप नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी देखते हैं, तो यह इस बात का एक संकेत है कि आप इसे बहुत अधिक पी रहे हैं।

- नाक से खून बहना

- मुंह में फोड़े होना

- बहुत अधिक एसिडिटी होना

- खट्टी डकार

-पेशाब करने में दिक्कत होना 

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एक बार में सेवन की जाने वाली सही मात्रा

आपको एक बार में 50 एमएल से अधिक काढ़ा नहीं पीना चाहिए। आप काढ़ा सामग्री के साथ 100 मिलीलीटर पानी डाल सकते हैं और इसे 50 मिलीलीटर तक कम होने तक उबलने दें। उसके बाद ही काढ़े का सेवन करें। 

वात और पित्त दोष वाले लोग इस बात पर ध्यान दें

काढ़ा खांसी को खत्म करता है और इस तरह कफ दोष से पीड़ित लोगों के लिए अत्यधिक उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त, वात और पित्त शरीर के प्रकार वाले लोग अपने काढ़े में काली मिर्च, दालचीनी और सोंठ जैसी सामग्री मिलाते समय सावधानी बरतें।

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