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    बाइपोलर डिसऑर्डर और डिप्रेशन के बीच के अंतर को समझें

    मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 30, 2015
    बाइपोलर डिसऑर्डर और डिप्रेशन के बीच के अंतर को समझें

    बाइपोलर डिसऑर्डर और डिप्रेशन दोनों ही मानसिक बीमारी है, इसलिए लोग इन दोनों को एक ही समझते हैं, लेकिन वास्‍तव में दोनों के बीच अंतर है, इस अंतर के बारे में जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

    बाइपोलर डिसऑर्डर एक मानसिक विकार है। इस डिसऑर्डर से ग्रस्त इंसान बहुत गंभीर मिजाज का हो जाता है। इसका असर कई हफ्तों या महीनों या कई सालों तक रहता है। आंकणों पर गौर करें तो, हर 100 में से 1 व्यक्ति इस मानसिक विकार से ग्रसित होता है। बाइपोलर शब्‍द दरअसल दो शब्‍दों से मिलकर बना है जिसमें व्‍यक्ति के मूड के दो रूपों को दिखाया गया है। पहला मूड का अचानक से अत्यधिक उच्च स्तर होना व दूसरा, अत्यधिक निम्न स्तर। व्‍यक्ति इन्‍हीं दोनों में उलझा रहता है। लेकिन फिर तनाव या डिप्रेशन क्या है, क्या डिप्रेशन और बाइपोलर डिसऑर्डर एक ही चीज है! जी नहीं इनके बीच फर्क है। चलिये जानें बाइपोलर डिसऑर्डर और डिप्रेशन के बीच क्या अंतर है।

    Bipolar Disorder Different From Depression in Hindi

    बाइपोलर डिसऑर्डर और डिप्रेशन

    बाइपोलर मैनिक डिप्रेशन के लक्षणों में तनाव, दुखी रहना, ऊर्जा में कमी, इच्छा में कमी, आत्मविश्वास में कमी, मरने की इच्छा करना और नाउम्मीद होना आदि शामिल होते हैं। वही दूसरी तरफ उन्माद के लक्षणों में बहुत अधिक खुशी, नींद की जरूरत घटना, बहुत अधिक बोलना, जोखिम लेना, अति आत्मविश्वास होना, बहुत अधिक खर्च करना आदि देखे जाते हैं। यह आमतौर पर किशोरावस्था के दौरान या उसके बाद शुरू होता है, और यह पुरुषों और महिलाओं को समान प्रकार से प्रभावित करते हैं। तो यदि यह कहा जाए कि तनाव बाइपोलर डिसऑर्डर का एक लक्षण है तो लगत न होगा। बाइपोलर डिसऑर्डर दरअसल तनाव के काफी बाद की स्थिति होती है।

     

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    डिप्रेशन बाइपोलर डिसऑर्डर एक आम डिप्रेशन की ही तरह प्रतीत होता है लेकिन वास्तव में ऐसा होता नहीं है और इसे किसी डिप्रेशन की दवाई से ठीक भी नहीं किया जा सकता है। क्योंकि बईपोलर डिसआर्डर से ग्रसित व्यक्ति की हालत बहुत बिगड़ी होती है और वे वास्तविकता से कोसो दूर होते हैं। ऐन्टीडिप्रेसन्ट जैसी दवाई ऐसे रोग से ग्रसित व्यक्तिओं की हालत और ख़राब कर सकती है तो इस प्रकार की दवाओं को लेने से बचना चाहिये।


    Image Source - Getty


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