• shareIcon

लिवर को खराब कर सकता है हेपेटाइटिस रोग, जानें कैसे कर सकते हैं बचाव और इलाज

अन्य़ बीमारियां By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 28, 2018
लिवर को खराब कर सकता है हेपेटाइटिस रोग, जानें कैसे कर सकते हैं बचाव और इलाज

हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ा एक गंभीर रोग है, जिसमें लिवर में सूजन आ जाती है। आमतौर पर हेपेटाइटिस का कारण वायरल इंफेक्शन होता है मगर कुछ अन्य कारणों से भी ये रोग आपको हो सकता है। हेपेटाइटिस कई प्रकार के होते हैं। हेपेटाइटिस ए और ई आमतौर पर दूषित पानी

हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ा एक गंभीर रोग है, जिसमें लिवर में सूजन आ जाती है। आमतौर पर हेपेटाइटिस का कारण वायरल इंफेक्शन होता है मगर कुछ अन्य कारणों से भी ये रोग आपको हो सकता है। हेपेटाइटिस कई प्रकार के होते हैं। हेपेटाइटिस ए और ई आमतौर पर दूषित पानी और भोजन के सेवन से होता है। हेपेटाइटिस बी, सी, और डी आमतौर पर संक्रमित व्‍यक्ति के मूत्र, रक्‍त अथवा अन्‍य द्रव्‍य पदार्थों के संपर्क में आने से होता है। आइए आपको बताते हैं कि किस तरह आप हेपेटाइटिस से बचाव कर सकते हैं और क्या है इसका इलाज।

कैसे पहचानें हेपेटाइटिस के लक्षण

हेपाटाइटिस बढ़ने पर पीलिया का रूप ले लेता है और अंतिम चरण में पहुंचने पर लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर का कारण भी बन सकता है। समय पर उपचार न होने पर रोगी की मृत्यु तक हो सकती है। इसलिए इन लक्षणों के दिखने पर सावधान हो जाएं।

  • थकान
  • फ्लू के लक्षण
  • गहरे रंग का पेशाब
  • मल त्याग में खून आना
  • पेट दर्द की समस्या
  • भूख न लगना
  • अचानक बिना वजह वजन घटने लगना
  • त्वचा और आंखों में पीलापन या पीलिया के लक्षण
  • बुखार के साथ उल्टी आना

कैसे करें हेपेटाइटिस से बचाव

हेपेटाइटिस का एक मुख्य कारण गंदगी है इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखकर आप हेपेटाइटिस जैसे गंभीर संक्रामक रोग से बचाव कर सकते हैं।

  • कुछ भी खाने से पहले हाथों को जीवाणुनाशक साबुन या फिर हैंड सैनिटाइजर से साफ जरूर करें।
  • व्यक्तिगत व सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता रखनी चाहिए।
  • पीने और खाना बनाने वाला पानी साफ हो, ताकि हानिकारक बैक्टीरिया शरीर में न प्रवेश कर जाएं।
  • सड़के के किनारे खुले में मिलने वाले फूड्स और गंदगी के आसपास खड़े स्ट्रीट फूड्स का सेवन न करें।
  • संक्रमण फैलाने वाली चीजों जैसे- इस्तेमाल किया हुआ इंजेक्शन, इस्तेमाल किया हुआ रेजर, ब्लेड आदि का प्रयोग न करें।
  • अगर खून चढ़ाने की जरूरत पड़े तो प्रमाणित ब्लड बैंक से ही खून लें।
  • हेपेटाइटिस ए से बचाव के लिए टीका(वैक्सीन) भी उपलब्ध है। इस वैक्सीन को लगाने के बाद आप ताउम्र हेपेटाइटिस ए से सुरक्षित रह सकते हैं। हेपेटाइटिस ई की वैक्सीन के विकास का कार्य जारी है, जिसके भविष्य में उपलब्ध होने की संभावना है।
  • सही मायनों में देखा जाए तो इस रोग से बचाव ही इसकी रोकथाम का सबसे अच्छा तरीका है।

क्या है हेपेटाइटिस का इलाज

हेपेटाइटिस ए में दो वैक्‍सीन दी जाती हैं। दूसरी वैक्‍सीन पहली वैक्‍सीन दिए जाने के छह महीने बाद ही दी जाती है। बच्‍चों को यह दवा देने से वे 14 से 20 वर्ष तक इस बीमारी से दूर रहते हैं, वहीं वयस्‍कों पर इस वैक्‍सीन का असर 25 वर्षों तक रहता है। हेपेटाइटिस बी के लिए नवजात शिशुओं और वयस्‍कों दोनों को वैक्‍सीन दी जाती है। इस कोर्स में तीन इंजेक्‍शन लगाए जाते हैं, नवजात शिशुओं को पैदा होने के 72 घंटे के भीतर यह इंजेक्‍शन लग जाना चाहिए। और इसके बाद तीन इंजेक्‍शन क्रमशः पैदा होने, एक वर्ष की उम्र में और फिर छह वर्ष की उम्र में लगाये जा सकते हैं। यह वैक्‍सीन किसी इन्सान को 25 वर्षों तक इस बीमारी से बचाकर रखता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Other Diseases In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK