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    प्राकृतिक प्रसव कैसे हो

    गर्भावस्‍था By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 17, 2012
    प्राकृतिक प्रसव कैसे हो

    प्राचीन काल में की जाने वाली प्रक्रिया को प्राकृतिक प्रसव माना जाता है। प्राकृतिक प्रसव के दौरान कृत्रि‍म चिकित्सा का कोई हस्तक्षेप नहीं होता और प्राकृतिक प्रक्रिया के दौरान किसी भी हाई तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

    प्राकृतिक प्रसव बच्चे के जन्म का एक ऐसा तरीका है जब प्राकृतिक रूप से बच्चे के जन्म के लिए प्रयास किए जाते है। यह तथ्य तो सभी जानते हैं कि प्राकृतिक प्रसव के बहुत लाभ हैं। प्राकृतिक प्रसव में कहीं भी शल्यक्रिया नहीं होती। प्राकृतिक प्रसव के दौरान कृत्रि‍म चिकित्सा का कोई हस्तक्षेप नहीं होता और प्राकृतिक प्रक्रिया के दौरान किसी भी हाई तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया जाता। बल्कि प्राचीन काल में की जाने वाली प्रक्रिया को प्राकृतिक प्रसव माना जाता है।

     




    बर्थ प्लान बनाएं

    बच्‍चे के जन्म से पहले ही बर्थ प्लान बनाएं, आप बर्थ प्लान के लिए अपने पति से सलाह मशविरा कर सकती हैं। डॉक्टर या नर्स या फिर किसी विशेषज्ञ और अनुभवी व्यक्ति से भी कंसल्ट कर सकती हैं। जो आपको सही सलाह दे कि बच्चे का जन्म किस प्रक्रिया के तहत हो। अस्पताल की नर्स आपकी बहुत मदद कर सकती है और आपके नेचुरल बर्थ प्ला‍न में भी मदद कर सकती हैं। लेकिन इसके लिए आपको सभी को समझाने की जरूरत होगी जिससे वे आपको सही रूप में अपना सहयोग दे सकें। आपके बर्थ प्लान में आपका परिवार, दोस्त और डॉक्टर भी बहुत मदद कर सकते हैं। आप अपनी जरूरतों को इन लोगों को बताएं जिससे आपको सही समर्थन मिल सकें। नेचुरल बर्थ के लिए आप किसी अनुभवी और विशेषज्ञ की मदद भी ले सकते हैं।

    प्रसव के स्थान का चयन करेंबर्थ क्लासेज अटेंड करें

    ऐसे स्थान की तलाश करें जहां आपको बच्चे को जन्म देने में आसानी हो। कुछ महिलाओं को घर पर ही प्रसव करवाने में राहत मिलती है तो कुछ को अस्पताल में लेकिन अधिकांश महिलाएं घर में ही प्रसव की इच्छुक होती हैं इससे वे अवांछित हस्तक्षेप से बच सकती हैं और अपने घर के माहौल में अधिक सहज महसूस कर सकती हैं। आपको चाहिए कि आप अनुभवी दाई को ही घर पर प्रसव प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बुलाएं। कुछ महिलाएं चिकित्सीय जटिलताओं को नजरअंदाज करने के लिए घर के बजाय अस्पतालों का चयन करती हैं।

    Natural Childbirth in Hindi

     


    कुछ अच्छी बर्थिंग क्लासेज़ अटेंड करें जिससे आपको बच्चे के जन्म के समय सहज महसूस हो। बर्थ क्लासेज के दौरान लेबर की अलग-अलग स्टेज को जानने का मौका मिलता है। पेन रिलीफ तकनीक, लेबर के दौरान ब्रिथिंग एक्सरसाइज, प्रीनेटल योगा, लेबर के दौरान डाइट, मसाज और लेबर पॉस्चरिंग इत्यादि के बारे में आप इन क्लासेज में जानकारी पा सकते हैं। इन क्लासेज के दौरान और लेबरिंग के दौरान आप मेडीटेशन कैसे करें, इस  बारे में भी जानकारी मिलती है। आपको यह सुनिश्चि‍त कर लेना चाहिए कि आपकी बर्थ क्लासेज में नेचुरल बर्थ पर अधिक फोकस हो। इन क्लासेज के जरिए आप अधिक से अधिक नेचुरल बर्थ टेक्नीक्स को जान सकते हैं। आपको अपनी सभी जिज्ञासाओं को इन क्लासेज के दौरान जानना चाहिए और अपने विचारों को लोगों से डिसकस भी करना चाहिए। क्लासेज में आप बच्चे के जन्म के बाद बच्चे को कैसे संभाले और क्या करना चाहिए, इत्यादि की जानकारी भी पा सकते हैं।



    नेचुरल चाइल्ड बर्थ पर अच्छी किताबे पढ़ें

    अपनी जानकारी को और अधिक बढ़ाने के लिए आपको अच्छी किताबें पढ़नी चाहिए जिससे आप नेचुरल बर्थ के बारे में जान सकें और उन महिलाओं के अनुभवों को भी जान सकें जिन्होंने नेचुरल बर्थ प्रक्रिया में बच्चे को जन्म दिया है। इन किताबों से आप नुचेरल बर्थ तकनीक और पोजीशंस के बारे में जान पाएंगे। इससे नेचुरल बर्थ की प्रक्रिया आपके लिए और आसान हो सकती है। आप एक्युप्रेशर और आरोमाथेरेपी के माध्यम से भी कुछ रिलीविंग टेक्नीक्स के बारे में किताबों से जानकारी हासिल कर सकते हैं।

    एक्सरसाइज एंड रिलेक्स 

    नेचुरल बर्थ के दौरान सकारात्मक व्यवहार और अच्छे विचारों के लिए जरूरी है कि आप योगा करें। आपको अपने दिमाग को शांत करने और बॉडी को नेचुरल बर्थ के लिए तैयार करने के लिए कीगल एक्सरसाइज, मालिश, प्रीनेटल योगा और कुछ आसान व्यायाम करने चाहिए। इससे ना सिर्फ आपकी बॉडी रिलैक्स होगी बल्कि आपकी बच्चे को नेचुरल तकनीक से जन्म देने की क्षमता भी बढ़ेगी।

     

     

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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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