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    स्वस्थ रक्तचाप है स्‍वस्‍थ जीवन का आधार

    उच्‍च रक्‍तचाप By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 15, 2013
    स्वस्थ रक्तचाप है स्‍वस्‍थ जीवन का आधार

    अक्‍सर लोगों को यह कहते सुना जाता है कि उनका बीपी कम हो गया है या बढ़ गया है, क्‍या है स्‍वस्‍थ बीपी और किस पैमाने से अधिक या कम होना बीपी के असामान्‍य होने की निशानी हो सकती है, जानने के लिए पढ़ें यह लेख।

    रक्तचाप अगर असामान्‍य हो, तो कई बीमारियां आपको घेर सकती हैं। इसलिए इसे नियं‍त्रण में रखना बेहद जरूरी है। लेकिन, सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर स्‍वस्‍थ रक्‍तचाप क्‍या होता है। और कैसे इसे कायम रखा जा सकता है। रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) रक्तवाहिनियों में बह रहे रक्त द्वारा वाहिनियों की दीवारों पर द्वारा डाले जा रहे दबाव को कहा जाता है। धमनियां वह नलिकाएं होती हैं जो रक्त को हृदय से शरीर के विभिन्न हिस्सों (ऊतकों (टिशू) और इंद्रियों) तक पहुंचाता है। हृदय रक्त को धमनियों में पंप कर धमनियों में रक्त प्रवाह को व्‍यवस्थित करता है। इस पर लगने वाले इस दबाव को ही रक्तचाप कहते हैं।

     

     

     

    निम्न रक्तचाप 

    निम्न रक्तचाप वह दाब है जिससे धमनियों और नसों में रक्त का प्रवाह कम होने के लक्षण या संकेत दिखाई देते हैं। जब रक्त का प्रवाह काफी कम होता है तो मस्तिष्क, हृदय तथा गुर्दे जैसी महत्वपूर्ण इंद्रियों में ऑक्सीजन और पौष्टिक पदार्थ नहीं पहुंच पाते। यदि किसी को निम्न रक्तचाप के कारण चक्कर या मितली आती हो या फिर खड़े होने पर वह बेहोश होकर गिर पड़ता हो तो उसे आर्थोस्टेटिक उच्च रक्तचाप कहते हैं।

    उच्च रक्तचाप 

    जब मरीज का रक्तचाप 140/90 से अधिक होता है तो ऐसी स्थिति को उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन कहा जाता है। इसका अर्थ यह है कि धमनियों में उच्च तनाव है। उच्च रक्तचाप का मतलब अत्यधिक भावनात्मक तनाव होना नहीं है। भावनात्मक तनाव व दबाव अस्थायी तौर पर रक्त के दाब को बढ़ा देते हैं। सामान्यतः रक्तचाप 120/80 तक ही होना चाहिए। 139/89 के बीच का रक्त का दबाव प्री-हाइपरटेंशन कहलाता है और 140/90 या उससे अधिक का रक्तचाप उच्च माना जाता है। उच्च रक्तचाप से हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी, धमनियों का सख्त होना, आंखें खराब होना और मस्तिष्क खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।

    प्रतिदिन करें व्यायाम

    अगर आप स्वस्थ रहना चाहते है तो हर दिन व्यायाम करना जरूरी है। रोज कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम अवश्य करें। यदि कोई रोग या समस्या से ग्रस्त हैं तो डॉक्टर से सलाह लें कि आपके लिए किस तरह का व्यायाम उचित है।

    शराब से करें तौबा

    यदि आप शराब पीते हैं तो आज ही इसका सेवन बन्द कर दें। बहुत से लोग शराब कम करने की सलाह देते हैं लेकिन इस तथ्य में कोई जोर नहीं है। यदि रक्तचाप की समस्या है तो शराब बन्द करने और एक दुखद, पीडादायक जीवन में से किसी एक का चुनाव करना पूरी तरह आपके हाथ में है।

    वजन रखें काबू में

    इंसान का उसकी लम्बाई और उम्र के हिसाब से एक स्वस्थ वजन होता है। जिसकी सही जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। यदि वजन अधिक है तो व्यायाम, नियंत्रित भोजन प्रणाली आदि की मदद से आप इसे काबू किया जा सकता है।

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    नमक पर रखें नियंत्रण

    यदि किसी व्यक्ति को अपना ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रखना है तो उसको दिन भर में एक छोटी चम्मच से ज़्यादा नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। फास्ट फूड में सोडियम की मात्रा काफी अधिक होती है इसलिए उनका सेवन भी कम से कम ही करना चाहिए।

    सही हो भोजन

    भोजन का चयन करते समय सदैव ध्यान रखें कि वह आपके ह्रदय के लिए खतरनाक तो नहीं है। जितना हो सके कम से कम कोलेस्ट्राल वाला भोजन खाएं और संतृप्त वसा से भी परहेज करें।

    समय पर डॉक्टर को संपर्क करें

    अगर अधिक समस्या हो रही है तो अपने डॉक्टर से जल्द संपर्क करें और यदि आपके डॉक्टर ने आपको दवाइयों का सेवन करने को कहा है तो बिना भूले और सही समय पर दवा लें।

     

    Image Source - Getty

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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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