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थायराइड मूड को कैसे करता है प्रभावित

थायराइड By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 16, 2012
थायराइड मूड को कैसे करता है प्रभावित

थायराइड एक साइलेंट किलर है, जो पूरे शरीर को धीरे-धीरे प्रभावित करता है, लेकिन यह खतरनाक हो सकता है, यह कैसे मूड को प्रभावित करता है, इसके बारे में इस लेख में जानें।

Quick Bites
  • थायराइड तितली के आकार की छोटी ग्रंथि होती है।
  • यह ग्रंथि थायरॉक्सिन हॉर्मोन का निर्माण करती है।
  • इस बीमारी से चिंता और अवसाद हो सकता है।
  • इसलिए यह पूरी तरह दिमाग को प्रभावित करता है।

थायराइड तितली के आकार की छोटी ग्रंथि होती है, यह गर्दन के निचले भाग में बीच में होती है। इसका मूल काम शरीर के मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करना होता हैं। मेटाबोलिज़्म को नियंत्रित करने के लिए थायराइड हार्मोन बनाता है जो शरीर के कोशिकाओं को यह बताता है कि कितनी उर्जा का उपयोग किया जाना है। यह शरीर का महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा होता है। और अगर थायराइड ठीक ढंग से काम नही करता तो कई प्रकार की जटिलताएं हो सकती है जैसे हाइपोथायरायडिज्म, हाइपरथायरायडिज्‍म और हाशिमोटो रोग।

thyroid in hindi

मूड पर प्रभाव

थायराइड रोग का असर आपके मूड पर भी पड़ता है। इस रोग में चिंता या अवसाद के कारण आपका मूड बिगड़ सकता है। आमतौर पर यह माना जाता है कि अधिक गंभीर थायराइड रोग, अधिक गंभीर मूड बदलता है।

यदि आप एक अति थाइराइड यानी हाइपरथारायडिज्‍म से पीडि़त है, तो आपको असामान्य घबराहट, बेचैनी, चिंता, और चिड़चिड़ापन, आदि का अनुभव हो सकता है। इसके विपरीत, यदि आपको अन्‍डरएक्टिव थायराइड हाइपोथायरायडिज्म है, तो आपको गंभीर थकान और अवसाद का हल्का अनुभव हो सकता है।

लेकिन यह भी जरूरी नही कि चिंता या अवसाद जैसे भावनात्मक लक्षण थायराइड की बीमारी के केवल लक्षण हो। थायराइड की बीमारी आम तौर पर संकेत के रूप में इस तरह के लक्षण जैसे वजन लाभ या हानि, गर्म या ठंडे, मल त्याग में परिवर्तन करने के लिए संवेदनशीलता, और मासिक धर्म अनियमितताओं के साथ जुड़ा हुआ होता है।
    
Thyroid Affect Mood in Hindi

निदान और उपचार

 

थायरायड के मूल्यांकन के लिए ब्‍लड का नमूना प्रयोगशाला में भेजा जाता है। और आपका डॉक्टर आकलन के इस निष्‍कर्ष पर पहुंचता है कि आपको कितनी दवा की जरूरत है। इस दवा की मदद से आप बेहतर महसूस करती हैं साथ ही शरीर का मेटाबोलिज्म फिर से सुचारू रूप से काम कर सकता है। जब आपको कई सप्ताह तक दवा दी जाती है, तो आप पाते हैं कि अवसाद, मिजाज, थकान, ध्यान केंद्रित करने की कमी और मूड को प्रभावित करने वाले अन्य लक्षण साथ-साथ गायब होने लगेगें। लेकिन अगर आप दवा लेने के दो महीने के बाद भी मूड विकारों का अनुभव करते है तो आपको अपने से इस बारे में बात करनी चाहिए।

 

Image Sorce-Getty

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Written by
Pooja Sinha
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागNov 16, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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