क्या तनाव लेने से कमजोर हो जाती है आपकी इम्यूनिटी? जानें एक्सपर्ट की राय और स्ट्रेस कम करने के तरीके

Updated at: Jun 30, 2020
क्या तनाव लेने से कमजोर हो जाती है आपकी इम्यूनिटी? जानें एक्सपर्ट की राय और स्ट्रेस कम करने के तरीके

क्‍या आप जानते हैं कि तनाव आपके इम्‍युन सिस्‍टम पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है? आइए यहां विस्‍तार में जानें।

Sheetal Bisht
तन मनWritten by: Sheetal BishtPublished at: Jun 30, 2020

आजकल के जीवन में तनाव हम सबकी जिंदगी का एक हिस्‍सा बन गया है। समय की कमी, व्‍यक्तिगत समस्‍याओं और काम की चिंता और बोझ के कारण तनाव होना आम बात है। यही सब कारक हैं, तो तनाव या चिंता को पैदा करते हैं और लंबे समय के बाद स्थिति को बदतर कर देते हैं। आप में से बहुत से लोग ऐसे होंगे, जिन्‍होंने तनाव के कई कारण और उसके शरीर पर प्रभावों के बारे में सुना होगा। तनाव के हमारे मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के साथ-साथ शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य पर कई तरह के प्रभाव दिखते हैं और यह व्‍यक्ति विशेष में अलग भी हो सकते हैं।

stress in life

बहुत से लोग तनाव के कुछ दुष्परिणामों और प्रभावों के बारे में अवगत नहीं हैं, जिसके कारण इसे नियंत्रित करने में देरी होती है। आप सबने तनाव के कुछ आम लक्षण सुनें होंगे, जिसमें वजन बढ़ना या घटना, लगातार सिरदर्द, भूख में कमी या वृद्धि और हृदय रोगों के खतरे को भी बढ़ाने आदि कई लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा तनाव आपकी त्‍वचा और बालों पर भी बुरा असर डालता है। लेकिन यहां हम तनाव का एक अन्‍य अनसुना प्रभाव बता रहे हैं। क्‍या आप जानते हैं कि तनाव आपके इम्‍यु‍न सिस्‍टम पर भी बुरा असर डालता है? शायद नहीं। लेकिन यहां हम आपको बता रहे हैं कि कैसे तनाव आपके इम्‍युन सिस्‍टम को प्रभावित करता है। जानने के लिए लेख को आगे पढ़ें।

इसे भी पढ़ें: सेहत ही नहीं त्‍वचा पर भी बुरा असर डालता है तनाव, एक्‍सपर्ट से जानें कैसे?

तनाव और इम्‍युन सिस्‍टम के बीच लिंक

तनाव आपके तन और मन दोनों पर बुरा असर डालता है। तनाव का आपके इम्‍युन सिस्‍टम पर कैसे असर डालता है, इस बारे में onlymyhelth ने इंस्‍टीट्यूट ऑफ साइको मैट्रिक्स असेसमेंट एण्‍ड कांउसलिंग की चेयरपर्सन और माइंड डिजाइनर, डॉक्‍टर कोमलप्रीत कौर से बात की। डॉ. कौर कहती हैं:  इम्‍युन सिस्‍टम हमारे शरीर की बीमारियों के खिलाफ रक्षा करने में मदद करता है। लेकिन जब आप तनाव में होते हैं, तो इससे आपका इम्‍युन सिस्‍टम कमजोर होता है। उदाहरण के लिए देखा जाए, तो जैसे एक बॉल दीवार से आकर टकरा जाए और इतने में दीवार टूट जाए, तो इसका मतलब है कि दीवार कमजोर थी। ठीक इसी प्रकार हमारी इम्‍युनिटी हमारे शरीर की एक दीवार समान है, जो यदि मजबूत है, तो वायरस या कोई बीमारी हमारे शरीर पर अटैक नहीं कर पाती है। लेकिन अगर वही दीवार कमजोर होगी, तो बीमारियां हमारे शरीर पर आसानी से हमला कर सकती हैं।

immunity and stress

डॉ. कोमलप्रीत आगे कहती हैं, COVID-19 के इस प्रकोप के समय में भी लोगों की इम्‍युनिटी कमजोर हो रही है। इसके पीछे के दो कारण हैं, जिसमें डर और तनाव इसके प्रमुख कारण हैं। वायरस का खौफ लोगों में डर फैला रहा है, जो तनाव का कारण बन रहा है और जब हम स्‍ट्रेस में आते हैं, तो इम्‍युनिटी को भी कमजोर होती है। इसके अलावा, तनाव के कारण हम गलत आदतों को अपनाते हैं, जिसमें- स्‍मोकिंग, ड्रिंकिंग और गलत समय पर सोना या नींद में गड़बड़ी आदि शामिल है। यह सभी आपको तनाव में डालते हैं और धीरे-धीरे आपकी प्रतिरक्षा पर भी प्रभाव पड़ता हैं। कमजोर इम्‍युनिटी के कारण फिर आप जल्‍दी-जल्‍दी बीमार पड़ने लगते हैं। 

डॉ. कोमलप्रीत का कहना है, हमारा माइंड और बॉडी एक दूसरे से जुड़े हैं, हमारा माइंड सॉफ्टवेयर है और बॉडी हार्डवेयर है। जिस प्रकार के मांइड में इनपुट जाएगा, उसका आउटपुट भी वैसा ही सामने आएगा। यदि आप खुश हैं, तो आप स्‍वस्‍थ हैं, लेकिन अगर आप नकारात्‍मकता, डर, चिंता या तनाव में हैं, तो उसका शरीर पर भी वैसा ही प्रभाव पड़ेगा।

इसे भी पढ़ें: इन 5 लक्षणों का सीधा संकेत है कि तनाव का शिकार हो रहे हैं आप, अगर आप में भी दिखें लक्षण हो जाएं अलर्ट

शरीर पर तनाव के अन्य हानिकारक प्रभाव

  • तनाव आपकी इम्‍युनिटी के अलावा पाचन को भी प्रभावित कर सकता है। इससे आप मतली, उल्टी और अधिक जैसे मुद्दों से पीड़ित हो सकते हैं।
  • बहुत अधिक तनाव थकान का भी कारण बन सकता है और विभिन्न कार्यों को करने में असमर्थता पैदा कर सकता है।
  • तनाव से अनिद्रा, हाई ब्‍लड प्रेशर, सांस लेने में तकलीफ, मूड स्विंग्‍स, लगातार सिरदर्द आदि कई समस्‍याएं हो सकती हैं।

तनाव से बचने के लिए क्‍या करें

तनाव से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने खानपान पर ध्‍यान दें, और नियमित व्‍यायाम करें। आप हरी सब्जियां, फलों और सात्‍विक भोजन करें। इसके अलावा, आप मेडिटेशन यानि ध्‍यान करके तनाव को दूर कर सकते हैं। आप हमेशा नकारात्‍मक विचारों से बचने के लिए पॉजिटिव सोचें, सुबह की धूप लें और खुश रहने की कोशिश करें।

Read More Article On Mind And Body In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK