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    जानिए कौन सा रंग आपके ऊपर डालता है क्या असर

    मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 22, 2016
    जानिए कौन सा रंग आपके ऊपर डालता है क्या असर

    हर रंग का हमारे जीवन से गहरा संबंध होता है। यही वजह है कि हर रंग हमारे मूड को प्रभावित करते हैं, आइए जानते हैं कौन सा रंग हमारे ऊपर डालता है पॉजिटिव प्रभाव और कौन सा रंग निगेटिव?

    रंगों के बिना हमारी जिदंगी अधूरी है। खुशियों के रंग में डूबने से लेकर दुखों के बदरंग में खोने तक, रंगों का हमारे जीवन में बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। हमारा पूरा जीवन ही रंगों के इर्द-गिर्द ही घूमता है। अब अगर रंग हमारी जिंदगी के लिए इतने जरूरी हैं तो जाहिर सी बात है कि उनका हमारे मूड से भी कनेक्शन होगा। लाल, हरा नीला, पाली, गुलाबी हर रंग हमारे व्यवहार से लेकर मूड तक को प्रभावित करता है। हर रंग का हमारे ऊपर गहरा असर पड़ता है और हमसे उनका जरूरी कनेक्शन होता है। तो चलिये जानते हैं कि हमारे ऊपर किस रंग का क्या प्रभाव पड़ता है...

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    किस रंग का हमारे ऊपर पड़ता है क्या असर

    लाल रंगः लाल रंग को सभी रंगों में सबसे चमकदार माना जाता है। इस प्यार और खतरे दोनों का रंग माना जाता है। यही वजह है कि रेड सिग्नल से लेकर खतरों के सूचक के तौर पर लाल रंग का प्रयोग किया जाता है। लेकिन प्यार और स्नेह दर्शाने के लिए भी लाल रंग का ही इस्तेमाल होता है। इसीलिए प्यार करने वाले एकदूसरे को लाल गुलाब और रेड कलर वाले हार्ट शेप के गिफ्ट देते हैं। लेकिन लाल रंग का ज्यादा प्रयोग से आपमें गुस्से और चिड़चिड़ेपन का भाव आता है।

    पीला रंगः पीला रंग हमारे मेंटल और नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है और एकाग्रता बढ़ाने में मददगार होता है। यह हमारे दिमाग में सेरोटोनिन नामक केमिकल रिलीज करने में मदद करता है जोकि हमारा मूड हैपी करता है। छोटे बेबी सबसे पहले इसी रंग के प्रति प्रतिक्रिया देते हैं। कुल मिलाकर पीला रंग आपका मूड बेहतरीन करने का काम करता है। शायद इसी वजह से स्माइली का रंग भी पीला ही होता है।

    नीला रंगः नीले रंग को शांति और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है। नीला रंग हमारे दिमाग को सुकून पहुंचाता है और एकाग्रता बढ़ाने में हमारी मदद करता है। नीला रंग आंखों के लिए अच्छा होता और इससे आंखों को सुकून मिलता है। साथ ही ये रंग टेंशन से भी निजात दिलाने का काम करता है। कॉर्पोरेट सेक्टर में इस रंग का प्रयोग किया जाता है क्योंकि माना जाता है कि इसके प्रयोग से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है। नीले रंग के प्रयोग से रचनात्मकता बढ़ती है। लेकिन इस रंग के ज्यादा प्रयोग से उदासी जन्म लेती है और कई बार इसे अनफ्रेंडली कलर भी माना जाता है।

     

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    हरा रंगः नीले रंग की तरह हरे रंग का प्रयोग भी काफी अच्छा माना जाता है। यही वजह है कि घर की दीवारों के रंग में सबसे ज्यादा इसी का इस्तेमाल होता है। हरे रंग को प्राकृतिक रंग माना जाता है यह आपके तनाव को कम करके मूड बेहतर करने का काम करता है। घर से लेकर ऑफिस तक में हरे रंग का प्रयोग काफी अच्छा माना जाता है क्योंकि नीले रंग की ही तरह यह भी आपकी आंखों को सुकून देने काम करता है। हरे रंग को संतुलन का रंग माना जाता है। इससे पढ़ने की क्षमता बढ़ती है और इसे अच्छे स्वास्थ्य और भाग्य का भी प्रतीक माना जाता है।

    ऑरेंज या नारंगी रंगः ऑरेंज को उत्साह और जोश का रंग माना जाता है, शायद यही वजह है कि इसे खिलाड़ियों द्वारा खूब प्रयोग किया जाता है और इसका उपयोग विज्ञापन बोर्डों पर ध्यान खींचने के लिए भी किया जाता है। इस रंग को पतझड़ से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन कुछ लोग इस रंग को सुंदरता से भी जोड़कर देखते हैं। इसे फन कलर माना जाता है लेकिन इसका ज्यादा प्रयोग करने से कई बार बौद्धिक कामों की क्षमता घटती है।  

    गुलाबी रंगः लाल रंग की ही तरह गुलाबी रंग को प्यार और रोमांस से जोड़कर देखा जाता है। इसे महिलाओं और लड़कियों का रंग माना जाता है। बचपन से ही लड़कियों के ज्यादातर खिलौने पिंक कलर के होते हैं। याद कीजिए मेट्रो के महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों के आगे खींची गईं पिंक लाइन को। महिलाओं से संबंधित रंग होने के कारण गुलाबी रंग को कोमलता, दयालुता और दया से भी जोड़कर देखा जाता है।    

    सफेद रंगः सफेद रंग को शांति, स्वच्छता, सादगी और पवित्रता से जोड़कर देखा जाता है। सफेद रंग से कलर किया हुआ कमरा काफी स्पेशियस तो दिखता है लेकिन वह बहुत ही अनफ्रेंडली और खाली भी दिखता। हां, अस्पतालों में सफेद रंग से दीवारें इसलिए कलर कराई जाती है ताकि वे स्वच्छ दिखें और उनसे बैक्टीरिया मुक्त माहौल का अहसास हो। सफेद रंग के कपड़े पहनने से मन में एक गजब की ताजगी का अहसास होता है।


    काला रंगः काले रंग को बुराई और खतरे का प्रतीक माना जाता है लेकिन कई बार इसे शक्ति के भी प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। काले रंग को मृत्यु और विलाप से भी जोड़कर देखा जाता है। लेकिन फैशन इंडस्ट्री में इस रंग का प्रयोग धड़ल्ले से किया जाता है क्योंकि इस रंग के कपड़े काफी अपीलिंग होते हैं और इससे आपको क्लासी लुक मिलता है। माना जाता है कि काले रंग के कपड़े पहनकर आप स्लिम दिखते हैं लेकिन ये सच नहीं है बल्कि इस रंग के कपड़ों से आपका वेट ज्यादा दिखता है और आप सीरियस दिखते हैं। काले रंग का बेस्ट कॉम्बिनेशन सफेद के साथ होता है।  

    ब्राउन रंगः भूरे या ब्राउन रंग को अक्सर शक्ति और स्थायित्व से जोड़कर देखा जाता है। इस रंग को विश्वसनीयता और सुरक्षा से भी जोड़कर देखा जाता है। इसे काले रंग की अपेक्षा कम गंभीरता वाला रंग माना जाता है। ब्राउन को धरती और नेचुरल वर्ल्ड से संबंधित माना जाता है। इस रंग के प्रयोग से आपके दिमाग में सुकून, सुरक्षा और जोश का भाव आता है। लेकिन इसके ज्यादा प्रयोग से अकेलेपन, उदासी और अलग-थलग होने का अहसास होता है।

    पर्पल रंगः पर्पल रंग को राजसी सत्ता और धन से जोड़कर देखा जाता है। पर्पल रंग को बुद्धिमानी और आध्यत्मिकता से भी जोड़कर देखा जाता है। पर्पल रंग के कपड़े पहनने से रॉयल लुक आता है और इसे पहनने वाला समृद्ध दिखता है। साथ ही इस रंग का प्रयोग सेक्शुअल लाइफ में उत्तेजना बढ़ाने का भी काम करता है।



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