Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

सामान्य बुखार और डेंगू के बुखार के लक्षणों में होता है अंतर, ऐसे पहचानें

सामान्य बुखार और डेंगू के बुखार के लक्षणों में होता है अंतर, ऐसे पहचानें
Quick Bites
  • डेंगू और साधारण बुखार में फर्क मालूम होना चाहिये।
  • साधारण बुखार डेंगू रोग की तरह संक्रामक नहीं होता।
  • डेंगू बारिश के मौसम के बाद के महीनों में फैलता है।

डेंगू मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है। ये बीमारी मुख्य रूप से एडीज मच्छरों के काटने से फैलती है। संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद ये मच्छर जिस किसी को भी काटते हैं, उसमें इस बीमारी के वायरस फैल जाते हैं। इस बीमारी के कारण रोगी को बुखार आता है और कई अन्य शारीरिक परेशानियां होती हैं। चूंकि शरीर में वायरस पहुंचने के 3-4 दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखना शुरू होते हैं इसलिए शुरुआत में लोग इसे सामान्य बुखार या अन्य कोई बीमारी समझकर गलत इलाज करते हैं, जिससे मरीज की हालत और ज्यादा खराब होती जाती है। आपको बता दें कि सही इलाज के अभाव में डेंगू रोग जानलेवा भी हो सकता है। हालांकि डेंगू का बुखार होने पर व्यक्ति की त्वचा ठंडी पड़ जाती है और शरीर पर लाल-गुलाबी चकते पड़ जाते हैं लेकिन कुछ डॉक्‍टर साधारण बुखार को  भी डेंगू बता देते हैं ताकि वो मरीज को डराकर सकें। इसलिए आपको डेंगू और साधारण बुखार में फर्क मालूम होना चाहिये।

कैसे होता है साधारण और डेंगू बुखार

साधारण बुखार डेंगू रोग की तरह संक्रामक नहीं होता, बल्कि मौसम में बदलाव के कारण अक्‍सर हो जाता है। लेकिन डेंगू एक संक्रामक रोग है जो एडीज नामक मच्‍छर के काटने से फैलता है। हालांकि ये मरीज को छूने, उसके पास बैठने या उसके साथ खाना-खाने से नहीं फैलता है।

इसे भी पढ़ें:- डेंगू की पहचान के लिए करें रक्‍त जांच

कब फैलता है डेंगू बुखार  

साधारण बुखार के फैलने का कोई विशेष मौसम नहीं होता। लेकिन आमतौर पर डेंगू बारिश के मौसम में या इसके बाद के महीनों में फैलता है। सामान्यत: जुलाई से अक्टूबर तक इसके फैलने की सबसे अधिक संभावना रहती है, क्योंकि बरसात के मौसम के बाद मच्छरों की तादाद बढ़ जाती है।

कैसे फैलते हैं दोनों तरह के बुखार

साधारण बुखार शरीर की प्रक्रिया है, जिसमें मस्त‍िष्क का तापमान बढ़ने पर शरीर उसे बैलेंस करने के लिये खुद गर्म होने लगता है। हालांकि बुखार आने के कई अन्य कारण निमोनिया, फ्लू या किसी प्रकार का इंफेक्शन भी होता है। लेकिन डेंगू 4 प्रकार के डेंगू वायरस (डी-1, डी-2, डी-3, डी-4) से होता है। यह वायरस दिन में काटने वाले दो प्रकार के मच्छरों से फैलता है।

दोनों के सामान्य लक्षणों में अंतर  

सामान्‍य बुखार में ठंड लगना, कंपकपी, छींके आना और कभी-कभी खांसी भी हो जाती है। साथ ही बुखार उतरने पर बहुत सारा पसीना आने लगता है। लेकिन डेंगू में ठंड के साथ तेज बुखार, सिर मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले भाग में दर्द, कमजोरी, भूख लगना, शरीर पर लाल-गुलाबी ददोरे या दाने आना शामिल है। इसके अलावा बेचैनी और बल्ड प्रेशर कम होना भी शामिल है।

इसे भी पढ़ें:- बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षण

शरीर का तापमान

साधारण बुखार में शरीर का तापमान 100 से 102 डिग्री तक रहता है। हालांकि कभी-कभी 103 डिग्री फेरनाइट तक हो जाता है। लेकिन डेंगू में शरीर का तापमान 103 डिग्री फेरनाइट से ऊपर चला जाता है। जो बढ़कर 105 डिग्री तक हो जाता है।

कैसे पता चलता है कि आपको कौन सा बुखार है  

अगर बुखार दो से तीन घंटे में आराम करने से उतर जाये, तो बुखार सामान्य होता है। आमतौर पर साधारण बुखार का पता दवा की पहली खुराक में उतरने पर ही लग जाता है। लेकिन असाधारण बुखार जल्दी उतरता नहीं और इसका पता ब्‍लड टेस्‍ट के माध्यम से किया जाता है। अगर ब्‍लड में डेंगू वायरस हो तो तुरंत उपचार दिया जाना चाहिये।

डेंगू और सामान्य बुखार के खतरे में अंतर  

साधारण बुखार में कई बार पेट में इंफेक्‍शन होने पर उल्‍टी-दस्‍त शुरू होने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। साधारण बुखार भी गंभीर हो सकता है क्योंकि इसके बढ़ने पर मस्त‍िष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे मरीज का ब्रेन डेड हो जाता। ऐसे में व्यक्त‍ि की कोमा जैसी हालत हो जाती है। वहीं दूसरी तरफ डेंगू के बुखार में शरीर में प्‍लेटलेट्स के कम होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि किसी भी तरह के बुखार में प्लेटलेट्स कम होते हैं लेकिन डेंगू बुखार होने की स्थिति में प्‍लेटलेट्स की संख्‍या बहुत तेजी से गिरने लगती है। डेंगू बुखार का उपचार सही समय पर न करवाने पर प्लेटलेट काउंट इतने ज्यादा गिर जाते हैं, कि प्रतिरक्षा प्रणाली यानि इम्यून सिस्टम पूरी तरह खराब हो सकता है और रोग जानलेवा हो सकता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles on Dengue Fever in Hindi

Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 16, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK