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दिल को सेहतमंद रखने में मददगार है आयुर्वेद

दिल को सेहतमंद रखने में मददगार है आयुर्वेद
Quick Bites
  • आयुर्वेद दिल को तंदुरुस्‍त रखने में मददगार होता है।
  • ब्राह्मी नामक औषधि दिल के लिए अच्‍छी होती है।
  • कुटकी हृदय की धड़कन में भी सुधार लाता है।
  • अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है।

हृदय रोगों में आयुर्वेद बहुत लाभकारी है। आयुर्वेद दिल को तंदुरुस्‍त रखता है। दिल के रोगियों के लिए आयुर्वेद में अनेक उपाय हैं। आयुर्वेद के इन उपायों को अपनाकर आप अपने दिल को मजबूत बना सकते हैं। आयुर्वेद से बिना किसी सर्जरी के किसी भी तरह के हृदय रोग का उपचार संभव है। आयुर्वेद चिकित्सा से बीमारी पूर्ण रूप से समाप्त हो जाती है और इन दवाओं का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता।
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हृदय रोगों में कई प्रकार के रोग जैसे हृदयाघात, उच्च रक्तचाप, रुमेटिक हृदय रोग, हृदय की विफलता, पेरिकार्डियल बहाव आदि शामिल है। अगर आप दिल के लिए आयुर्वेद अपनाना चाहते हैं, तो आपको हर्बल तरीकों को अपनाना होगा। लेकिन इसके लिए चिकित्सक के बताये निर्देशों का अनुपालन करना भी जरूरी है। आइए जानें आयुर्वेद की खासियत के बारे में जिन्हें अपनाकर आप अपने दिल को तंदुरुस्त रख सकते हैं और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।

 

आयुर्वेद से हृदय रोग का उपचार-

  • अर्जुन की छाल हृदय संबंधी समस्याओं को दूर करने में मददगार होती है, क्योंकि यह प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से भरपूर हैं। ऐसे में हृदय रोगी अर्जुन टी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • ब्राह्मी औषधि दिमाग को शांत रखने वाली औषधि है। इससे न सिर्फ दिमाग तेज होता है और याद्दाश्त बढ़ती है और यह हृदय को निरोग रखने में सहायक है। यह खासकर महिलाओं के हृदय के लिए लाभकारी है।

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  • जटामांसी से न सिर्फ इम्युन सिस्टम मजबूत होता है, बल्कि यह हृदय को स्वस्थ रखने में भी कारगर है। यह दिल की धड़कन को नियंत्रि‍त करने में लाभकारी है।
  • येस्टीनमधु हृदय को मजबूत करने, रक्त‍ से कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा घटाने और ह्दयाघात की संभावना को कम करता है। इसे चाय या पानी के साथ भी लिया जा सकता है।
  • पूर्णानवा भी हृदय रोगों को दूर करने में लाभकारी है।
  • कुटकी हृदय संबंधी समस्याओं और बीमारियों को दूर करता है। हृदय की धड़कन में भी सुधार लाता है।
  • खासकर दिल की सेहत के लिए नियमित रूप से हल्दी का सेवन बहुत जरूरी है। लगभग 500 मिलीग्राम हल्दी रोज खाना चाहिए। हल्दी हमारे शरीर में खून का थक्का नहीं बनने देती क्योंकि यह खून को पतला करने का काम करती है।
  • गाय का दूध पीने वाले को हृदय रोग नहीं होता। गाय के दूध में कैलशियम, मैगनिशियम और गोल्ड जैसे बहुत सारे सूक्ष्म पोषक पदार्थ होते हैं। आयुर्वेद में गाय के दूध को हल्का, सुपाच्य, हृदय को बल देने वाला और बुद्धिवर्धक माना गया है।
  • अलसी का उपयोग आपको दिल की बीमारियों से बचा सकता है। अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो रक्त नलिकाओं में वसा के जमाव को रोकता है। अलसी के बीज से बने पदार्थ हृदय रोग दूर करने में काफी मददगार हैं।

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आयुर्वेद से हृदय रोगों के इलाज के लिए जरूरी है कि स्वास्‍थ्‍य के प्रति लापरवाही न बरती जाएं। आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन निर्देशानुसार किया जाये। कुछ हर्बल दवाईयों का मिश्रण हृदय रोगों को पूरी तरह से दूर करने में बहुत उपयोगी है।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते हैं।

Image Source : Getty
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Written by
Pooja Sinha
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 12, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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