• shareIcon

हुक्‍के का जहरीला धुआं बनता है दिल की बीमारियों का कारण, बढ़ जाता है स्‍ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा

Updated at: Jan 17, 2020
लेटेस्ट
Written by: Sheetal BishtPublished at: Jan 17, 2020
हुक्‍के का जहरीला धुआं बनता है दिल की बीमारियों का कारण, बढ़ जाता है स्‍ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा

चूहों पर किए गए नए अध्‍ययन में पाया गया कि हुक्‍का स्‍मोकिंग आपके लिए हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक का कारण बन सकता है।  

 

तम्‍बाकू खाना या सिगरेट पीना आपके लिए कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा बन सकता है। लेकिन यह आपको दिल की बीमारियों से भी पीडि़त कर सकता है। हाल में हुए एक अध्‍ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि हुक्‍का स्‍मोकिंग स्‍ट्रोक और हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। इस अध्‍ययन को चूहों पर किया गया और जिसमें शोधकर्ताओं ने पाया कि हुक्‍का स्‍मोक से निकलने वाले तम्‍बाकू के धुएं से खून में थक्‍के बन सकते हैं। इस प्रकार खून में थक्‍के बनना स्‍ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है।  

जर्नल आर्टेरियोस्क्लेरोसिस, थ्रोम्बोसिस और वैस्कुलर बायोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि हुक्के से निकलने वाले तम्‍बाकू के धुआं दिल की बीमारी स्‍ट्रोक या हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकता है। हुक्के से निकलने वाले तम्‍बाकू के धुएं से लगभग 11 सेकंड के भीतर खून के थक्के बनते हैं, जबकि, हुक्‍का स्‍मोकिंग न करने वालों में खून के थक्के बनने में समय लगता है। 

Hookah Smoking Linked Heart Attack

अमेरिका में टेक्सास के ईएल पासो विश्वविद्यालय के और अध्ययन के सह-लेखक फदी खसावनेह ने कहा, "हुक्का धूम्रपान, जो पश्चिमी देशों में अधिक लोकप्रिय हो रहा है, क्‍योंकि इसको सिगरेट की तुलना में कम हानिकारक माना जाता है। फिर भी हुक्का भी एक जहरीले प्रोफ़ाइल में आता है, जिसे पारंपरिक सिगरेट की तुलना में अधिक माना जाता है।'' 

इसे भी पढें: बर्नआउट सिंड्रोम बन सकता है दिल की बीमारियों का कारण, अध्‍ययन में हुआ खुलासा

पहले के अध्ययनों के आधार पर, खसावनेह ने कहा कि एक हुक्का तंबाकू स्‍मोकिंग प्रकरण से निकलने वाले धुएं में एक सिगरेट की तुलना में काफी अधिक हानिकारक रसायन होते हैं।

अध्ययन में, वैज्ञानिकों ने एक मशीन से हुक्का के धुएं के संपर्क में आने वाले चूहों में वास्तविक जीवन की धूम्रपान की आदतों की नकल की। स्‍मोकिंग मशीन ने व्यावसायिक रूप से उपलब्ध, सुगंधित तंबाकू के 12 ग्राम का उपयोग किया। इनमें तंबाकू, ग्लिसरीन, गुड़ और निकोटीन और टार के साथ प्राकृतिक स्वाद शामिल थे।

इसे भी पढें: अब आपके शरीर का नॉर्मल टेम्परेचर 98.6 फारेनहाइट नहीं, जानें शोधकर्ताओं का बताया गया नया टेम्परेचर

जिसके बाद शोधकर्ताओं ने हुक्‍का स्‍मोक के संपर्क में रहने और नहीं रहने वाले चूहों के बीच प्लेटलेट गतिविधि की तुलना की। जिसमें शोधकर्ताओं ने पाया कि हुक्का स्‍मोकिंग अस्वास्थ्यकर था। अगर बहुत अधिक नहीं तो, पारंपरिक सिगरेट की तुलना में अधिक।

इस प्रकार शोधकर्ताओं ने इस अध्‍ध्‍यन के आधार पर निष्‍कर्ष निकाले कि "हुक्का, सिगरेट, ई-सिगरेट या तंबाकू के अन्य रूपों को स्‍मोक करने से दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।"

Read More Article On Health News In Hindi 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK