रात में आपके बच्चे को भी नहीं आती नींद? तो इन 4 घरेलू तरीकों से आसानी से सुलाएं

Updated at: Jul 02, 2020
रात में आपके बच्चे को भी नहीं आती नींद? तो इन 4 घरेलू तरीकों से आसानी से सुलाएं

बच्‍चे अगर सोने में परेशानी हो रही हो, तो आपकी नींद भी खराब होती है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक उपचार के तरीके अपनाकर आप अपने बच्‍चे को चैन की नींद सुला सक

Vishal Singh
घरेलू नुस्‍खWritten by: Vishal SinghPublished at: May 25, 2018

आमतौर पर जो लोग पहली बार माता-पिता बनते हैं उन्हें बच्चों को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, बच्चों को समझना पाना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे ही बच्चों को होने वाली नींद की समस्या से भी पैरेंट्स काफी परेशान रहते हैं और अलग-अलग तरीके अपनाकर बच्चों को सुलाने की कोशिश करते हैं। कई लोग तो इसे एक गंभीर स्थिति समझकर डॉक्टर के पास जाने को भी तैयार हो जाते हैं, लेकिन आपको पता है ये कोई गंभीर समस्या या स्थिति नहीं है बल्कि ये एक आम समस्या है जो सभी बच्चों के साथ होती है। हम आपको इस लेख में बताते हैं कि कैसे आप अपने बच्चों को आसानी से सुला सकते हैं। 

लैवेंडर

लैवेंडर नींद के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, इसकी गंध ज्यादातर लोगों को आराम देती है और तनाव को खत्म कर आरामदायक नींद को बढ़ावा देने के लिए अच्छा होता है। आपको बता दें कि लैवेंडर स्नान बिस्तर से पहले हो सकते हैं या आप अपने बच्चे के तकिए पर जैविक लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को छिड़क सकते हैं। इससे बच्चों को आसानी से नींद आ जाएगी और उनकी थकावट भी तुरंत दूर हो सकेगी।

कैमोमाइल

कैमोमाइल बच्चों के लिए जड़ी बूटी काफी फायदेमंद होता है। ऐतिहासिक रूप से, यह सर्दी, शुरुआती दर्द, शूल, अपच, बेचैनी, चिंता, और चिड़चिड़ापन से सब कुछ का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से बच्चों को सुलाने में भी आपको काफी मदद मिलेगी। चाय बनाने के लिए 12 महीने से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए थोड़ी मात्रा में शहद भी मिलाया जा सकता है। कैमोमाइल को आमतौर पर बहुत सुरक्षित माना जाता है।

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मैग्नीशियम

मैग्नीशियम एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला खनिज और एक आवश्यक पोषक तत्व है। मैग्नीशियम आपके तंत्रिका तंत्र पर शांत प्रभाव डालता है और आरामदायक नींद को बढ़ावा देने में मदद करता है। 2 से 8 साल की उम्र के अधिकांश बच्चों के लिए एक अच्छी खुराक 100 मिलीग्राम मैग्नीशियम सोते समय है। बड़े बच्चों और वयस्कों के लिए अनुशंसित ऊपरी दैनिक सीमा 350 मिलीग्राम है। इसलिए बच्चों को भी अच्छी तरह  मैग्नीशियम की पूर्ति करनी चाहिए जिससे कि बच्चों को नींद न आने की समस्या न हो। 

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फिजिकल एक्टिविटी

बच्चों को नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी के लिए प्रेरित करना चाहिए, अगर आपका बच्चा फिजिकल एक्टिविटी से दूर रहता है तो ऐसे में उसको किसी भी प्रकार की थकावट नहीं होती जिस कारण वो सो नहीं पाता। जबकि बच्चों को इसलिए फिजिकल एक्टिविटी करवानी चाहिए क्योंकि इससे बच्चे जल्दी थक जाते हैं और रात होते ही समय पर नींद आने पर सो जाते हैं। आप उन्हें जिमनास्टिक, मार्शल आर्ट या अन्य समूह व्यायाम कार्यक्रमों में शामिल करना भी मददगार हो सकता है।

 

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