अस्थमा रोगी इन घरेलू उपाय से खुद को रखें स्वस्थ, काफी हद तक लक्षण होंगे कम

Updated at: Dec 01, 2020
अस्थमा रोगी इन घरेलू उपाय से खुद को रखें स्वस्थ, काफी हद तक लक्षण होंगे कम

अगर आप भी अस्थमा रोग से पीड़ित है तो खुद को स्वस्थ रखने के लिए घर पर इन आसानी तरीकों का करें पालन, काफी हद तक लक्षण होंगे कम।

Vishal Singh
विविधWritten by: Vishal SinghPublished at: Dec 01, 2020

अस्थमा एक सांस संबंधित समस्या है जिसके कारण आपको खांसी, कफ और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। बढ़ते प्रदूषण और सर्दी के दिनों में अस्थमा के रोगियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में डॉक्टर उन्हें बचाव और अस्थमा को रोकने के लिए कुछ दवाएं और उपचार बताते हैं, जिसकी मदद से वो खुद को गंभीर स्थिति से बचाकर रख सकते हैं। वैसे तो अस्थमा को पूरी तरह से खत्म किया नहीं जा सकता लेकिन हां, इसके लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है जिसकी मदद से मरीज खुद को स्वस्थ महसूस करता है। वहीं, कुछ लोग वो भी हैं जो खुद को स्वस्थ रखने के लिए और अस्थमा की स्थिति को गंभीर बनने से रोकने के लिए अलग-अलग तरह के तरीके अपनाते हैं, लेकिन सही जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें ज्यादा तकलीफ हो सकती है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हमने आपकी परेशानी को समझते हुए  पारस हॉस्पिटल में चीफ ऑफ चेस्ट इंस्टीट्यूट एंड रेस्पिरेटरी मेडिसिन के डॉक्टर अरुणेश कुमार से बात की। इस विषय पर डॉक्टर अरुणेश कुमार ने कई अहम जानकारियां दी जिसकी मदद से अस्थमा रोगी खुद को घरेलू उपाय से स्वस्थ रख सकता है। लेकिन इसके उपाय से पहले जानना जरूरी है कि अस्थमा के लक्षण क्या है, तभी आप खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। 

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अस्थमा के लक्षण क्या हैं (What Are The Symptoms Of Asthma In Hindi)

  • सांस लेने में परेशानी होना।
  • सीने में जकड़न महसूस होना।
  • गले में घरघराहट।
  • खांसी, कफ और बोलने में रुकावट होना।

अस्थमा रोगियों के लिए घरेलू उपचार

एलर्जी वाली चीजों से दूरी बनाएं

डॉक्टर अरुणेश कुमार ने बताया कि एलर्जी के कारण अस्थमा रोगियों को सबसे ज्यादा लक्षण दिखाई देते हैं, इस दौरान उन्हें बहुत ज्यादा खांसी और सांस लेने में तकलीफ होती है। ये एलर्जी मरीज को कई चीजों से हो सकती है, जिसमें घर में सब्जी बनते समय लगने वाला छौंक, किसी खुशबू या परफ्यूम के कारण और अगरबत्ती या धूपबत्ती का धुएं के कारण। इस तरह की चीजें अस्थमा रोगी के साथ आम लोगों को भी हो सकती है, इसके लिए आप ऐसी चीजों से दूर रहें। अगर आपको परफ्यूम से परेशानी होती है तो आप परफ्यूम का इस्तेमाल करना बंद कर दें। वहीं, अगर आपके घर में सब्जी के दौरान छौंक लगाने की आदत को न कहें और खाना बनाते समय घर के दरवाजे और खिड़कियों को खोल दें। इस तरह आपको जिन चीजों से एलर्जी होती है आप उनसे दूरी बनाएं, अगर आप ऐसा नहीं करते तो आपके लक्षण बढ़ सकते हैं जिसके कारण आपको डॉक्टर के पास भी जाना पड़ सकता है। 

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बदलते मौसम में कम से कम बाहर जाएं

बदलते मौसम या सर्दी के दौरान आपको कम से कम बाहर जाने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि इस दौरान आपको सांस लेने में कमी और खांसी, जुकाम का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आप कोशिश करें कि बदलते मौसम के दौरान आप बाहर न जाएं। 

प्रदूषण से करें बचाव

प्रदूषण अस्थमा रोगियों के लिए एक जहर का रूप है जिसके कारण सांस लेना बहुत मुश्किल हो सकता है और ये खांसी और कफ का कारण भी बन सकते हैं। ये प्रदूषण सिर्फ बाहर का नहीं होता बल्कि आपके घर में मौजूद प्रदूषक तत्व भी आपको बीमार बना सकते हैं। इसलिए आपको बाहर के प्रदूषण के साथ-साथ इनडोर पॉल्यूशन से भी बचाव करना चाहिए। जिस दौरान बाहर प्रदूषण का स्तर ज्यादा हो उस समय आपको बाहर नहीं जाना चाहिए, वहीं, घर में मौजूद प्रदूषण को कम करने के लिए आप रोजाना सफाई करें और दरवाजे खिड़कियों को कुछ देर जरूर खोलें। आप रोजाना घर की सतहों पर जमी धूल मिट्टी को हटाएं और उन्हें साफ करें। 

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ठंडी चीजों का न करें सेवन

कुछ भी फ्रिज से निकाल कर खा लेना एक बुरी आदत है जो अस्थमा रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है। लेकिन फिर भी लोग फ्रिज से निकला हुई ठंडी चीजों का सेवन करते हैं जिस कारण उनके लक्षणों में भी बढ़त होती है। आपको कुछ भी फ्रिज से निकाल कर सीधा खाने से बचना चाहिए और उसे सामान्य होने तक रखा रहने देना चाहिए। खासतौर पर केले और आइस्क्रीम आपके लिए बहुत खतरनाक हो सकते हैं। 

गुनगुना पानी पिएं

सर्दी के दौरान अस्थमा रोगियों को हमेशा गुनगुना पानी पीना चाहिए, इससे उनके लक्षण काफी हद तक कम हो जाते हैं। अगर आप सामान्य पानी पीते हैं तो ये आपको खांसी और कफ का कारण बन सकता है, इसके साथ ही आपको सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। इसलिए आप कोशिश करें कि जब भी आपको पानी पीना हो तो आप गुनगुना पानी ही पिएं। 

कुछ मामलों में हल्दी का दूध पिएं

हल्दी का दूध और अस्थमा का किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है लेकिन हां, जब आपको बहुत ज्यादा खांसी या कफ की समस्या हो तो हल्दी का दूध आपके लिए कारगर साबित हो सकता है। वैसे तो हल्दी वाला दूध स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन अस्थमा के लिए इसको सीधा जोड़ा जाना गलत है। ये आपके लक्षणों को कम कर सकता है लेकिन अस्थमा रोग को कम नहीं कर सकता। 

अदरक की चाय 

अदरक की चाय भी आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती है, ये कई बीमारियों, सामान्य सर्दी, जुकाम और खांसी जैसी स्थितियों को दूर करने के साथ आपको स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। इसी तरह जब आपको अस्थमा के दौरान खांसी या कफ बहुत ज्यादा हो तो आप अदरक की चाय का सेवन कर सकते हैं। इससे आपको काफी हद तक राहत महसूस होगी और आप खुद को पहले से बेहतर महसूस कर सकते हैं।

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किन लोगों को है अस्थमा का ज्यादा खतरा?

  • अस्थमा रोग जेनेटिक होता है जिसके कारण आप इसका शिकार हो सकते हैं। अगर आपके परिवार के किसी सदस्य को पहले अस्थमा रोग का शिकार होना पड़ा हो तो आपको भी इसका खतरा हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप समय-समय पर डॉक्टर से संपर्क करें और लक्षणों पर नजर रखें। 
  • अस्थमा का मौटापा भी एक कारण जिसकी वजह से आप अस्थमा का शिकार हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप अपने वजन को नियंत्रण में रखें, इससे आप कई बीमारियों को आसानी से दूर कर सकते हैं। 
  • बहुत ज्यादा धूम्रपान करने वाले लोगों को अक्सर अस्थमा का शिकार होना पड़ सकता है। 
  • इसके अलावा जो लोग प्रदूषण के बीच में रहते हैं उन लोगों को भी अस्थमा जैसी समस्या का शिकार होना पड़ सकता है, ऐसे लोग बहुत ज्यादा अस्थमा के खतरे में रहते हैं। 

इस लेख में दी गई जानकारी पारस हॉस्पिटल में चीफ ऑफ चेस्ट इंस्टीट्यूट एंड रेस्पिरेटरी मेडिसिन के डॉक्टर अरुणेश कुमार से बातचीत पर निर्भर है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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