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सेहत की थाली: रेस्तरां से ज्यादा बेहतर है घर पर बना हुआ डोसा, जानें कैसे बनाया जाए पौष्टिक डोसा

स्वस्थ आहार By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 19, 2019
सेहत की थाली: रेस्तरां से ज्यादा बेहतर है घर पर बना हुआ डोसा, जानें कैसे बनाया जाए पौष्टिक डोसा

भारत में लोगों को मसाला डोसा बहुत पसंद आता है। लेकिन जरूरी नहीं की रेस्तरां में बनने वाला डोसा आपके लिए पौष्टिक हो। रेस्तरां में डोसा चखने से बेहतर है की आप इस तरह से घर पर ही मसाला डोसा तैयार कर पौष्टिक डोसे का आनंद ल

हफिंगटन पोस्ट के मुताबिक मसाला डोसा उन दस फूड्स में से एक है, जिसे आपको एक बार जरूर चखना चाहिए। मसाला डोसा एक ऐसी डिश है जिसे भारत से चुना गया। डोसा एक साधारण और हेलदी डिश है। इसमें कैलोरी भी भरपूर मात्रा में पाई जाती है। मसाला डोसा बनाने से पहले कई तरह की न्यूट्रिशियन फैक्टर को जानना बहुत जरूरी है। मसाला डोसे की थाली में हमेशा सांभर, नारियल और टमाटर की चटनी होनी चाहिए। इसके अलावा मसाला डोसा को लाल मिर्च चटनी, आलू की भाजी और नारियल की चटनी के साथ भी खाया जा सकता है। नारियल की चटनी पोलिस्ड सवेद चावल, उड़त की दाल, ऑइल से बनाई जाई जाती है।

हफिंगटन पोस्ट के मुताबिक, जैसा कि ऊपर बताया गया कि मसाला डोसा में कैलोरी बहुत ज्यादा होती है लेकिन इसको बड़ी आसानी और अच्छी तरह से कम किया जा सकता है। दरअसल जब हम ज्यादा कैलोरी का सेवन करते हैं तो हमारे शरीर में फैट की मात्रा बढ़ना शुरू हो जाती है, जिसके कारण मोटापे की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इसमें मौजूद कैलोरी को कम किया जाना बहुत जरूरी है। अगर हम मसाला डोसा से मिलने वाली कैलोरी की गणना करना शुरू करेंगे और उसकी तुलना पनीर, नट्स और मीट जैसी चीजों से करेंगे तो पाएंगे कि हमें पोषक तत्व बहुत देर से मिलेंगे। लेकिन ये आपको मसाला डोसा खाने से नहीं रोक पाएगा।

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बजाए इसके अगर हम एक एसी डिश तैयार करें जो डोसा से होने वाले फायदों को दुगान करें तो यह डोसा खाने की आपकी चाह को और बढ़ा सकता है। कई डायटीशियनों का कहना है कि रेस्तरां में परोसा गया डोसा हेल्दी नहीं होता है। ज्यादा कैलोरी वाला मसाला डोसा बनने में कम से कम एक घंटे से ज्यादा का वक्त लगता है। लेकिन वो कुछ ही देर में उसे तैयार कर देते हैं। कई बार देखा गया है कि आपको अपनी रोजाना की डाइट से मिलने वाली कैलोरी में से ज्यादातर एक ही बार खाने से मिल जाती है। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। आपको अपनी रोजाना की डाइट में से एक बार खाना खाने पर 25 प्रतिशत ही कैलोरी का उपभोग करना चाहिए ताकि आप फिट रहें।

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डोसा खाने के फायदे 

हफिंगटन पोस्ट के मुताबिक, डोसा एक पौष्टिक खाना है, जो कि आपके शरीर में आसानी से पच जाता है और आपको भरपूर मात्रा में पोषण प्रदान करता हैष इसके साथ ही ये आपको सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स जैसे प्रोटीन, फैट, कैल्शियम और फाइबर भी प्रदान करता है।

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नुकसान 

मसाला डोसा चावल और आलू से बनाया जाता है, जो आपके शरीर में कार्ब्स की मात्रा को काफी तेजी से बढ़ाता है। यह आपके खून में मिलकर आपके शुगर लेवल को बढ़ा देते हैं। ज्यादा कैलोरी होने के कारण ये शरीर में फैट की मात्रा को भी बढ़ाने में मदद करता है, जिससे शरीर का वजन भी बढ़ने लगता है। मसाला डोसा किसी प्रकार से प्रोटीन का सही स्त्रोत नहीं है, जो आपके वजन को कम करने में मदद करेगा।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, रेस्तरां में मिलने वाला डोसा काफी ज्यादा मात्रा में फैट पैदा करता है, जो कि सिर्फ एक प्रतिशत से भी कम मात्रा में होना चाहिए। लेकिन ये काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। इसके पीछे का प्रमुखा कारण है अस्वस्थकर तेल। मसाला डोसा आइरन और कैल्शियम का एक खराब स्त्तोत है, जो कि भारतीय लोगों में कम पाया जाता है।

रेस्तरां में मिलने वाला डोसे को बनाने के लिए ज्यादा मात्रा में सोडे का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। इसके साथ ही अलग-अलग प्रकार की चटनी में भी नमक की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। नमक की मात्रा आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती है। चटनी को सही से ना तैयार किया जाना आपके शरीर में इम्युनिटी सिस्टम को कमजोर कर सकता है।

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घर में मसाला डोसा बनाने का तरीका

आप अपने आप भी मसाला डोसा बनाने की रेसेपी तैयार कर सकते हैं। इसमें आप फाइबर युक्त अनाज का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा आप ब्राउन राइस, रेड राइस, बाजरा, सब्जियों की टॉपिंग्स और पनीर का भी प्रयोग कर सकते हैं, जो आपको प्रोटीन देगा।

इसको बनाने के लिए आपको घी, रोजाना इस्तेमाल होने वाला तेल और नारियल जैसी चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए। इतने बदलाव के बाद जरूरी है कि इसमें स्वाद भी बरकरार रहे ताकि आप घर में ही टेस्टी और हेल्दी चीजों का प्रयोग कर सकें।

(Inputs by Edwina Raj, Senior Dietitian, Aster CMI Hospital)

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