हृदय रोग का इलाज कैसे करें

हृदय रोग का इलाज कैसे करें

हृदय रोगों से बचाव तथा इन रोगों के दुष्प्रभाव को कम करना संभव है, बस आवश्यक्ता है तो सही जानकारी की। इस लेख को पढें और हृदय रोगों से बचाव को जानें।

हृदय रोग के अंतर्गत हृदय वॉल्‍व सम्बन्धी बीमारियां, हृदय ताल और विशेषकर कोरोनरी धमनी की बीमारियां आदि रोग आते हैं। दुनिया भर के चिकित्‍सकों के लिए हृदय रोगों से निपटना अभी एक बड़ी चुनौती है। भारत में बड़ी संख्‍या में लोग हृदय रोग के कारण अपनी जान गवांते हैं।

heart in hindi
विज्ञान ने चिकित्‍सा के  क्षेत्र में बड़ी कामयाबियां हासिल की हैं, लेकिन बावजूद इसके हृदय रोगों पर पूरी तरह विजय नहीं प्राप्‍त की जा सकी है। लेकिन, अपनी जीवनशैली में सकारात्‍मक बदलाव, खान-पान में सुधार आदि से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। नीचे दिए गये उपायों को अपनाकर आप हृदय रोगों के संभावित खतरों से काफी हब तक बच सकते हैं-


जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन करें

अपने हृदय और हृदय प्रणाली को स्वस्थ रखने की दिशा में कुछ खास बदलाव करें। प्रतिदिन व्यायाम करें। ये तरीके हृदय को स्‍वस्‍थ रखते हैं और हृदय रोगों के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। और साथ ही हृदय रोग होने की स्थिति में रोग को गंभीर होने से भी रोकते हैं। ये बदलाव करने से आपको कोई अन्य हृदय रोग होने से बचाव होगा और यदि रोग का उपचार चल रहा है तो उसमें जल्दी लाभ होने में भी सहायता होगी।

संतुलित आहार लें

एक स्वस्थ संतुलित आहार लें जिसमें सभी खाद्य समूहों से खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। वे भोजन जिनमें संतृप्त वसा, ट्रांस वसा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है, वे शरीर के नुकसानदेह होते हैं। यदि आप हृदय रोगों और समस्याओं से दूर रखना चाहते हैं तो आपको एल्कोहोल का इस्तेमाल भी कम करना होगा।


अन्य स्थितियों पर नजर रखें

हृदय रोग से ग्रसित रोगी अकसर कुछ अन्य रोगों की निदान की प्रक्रियाओं जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल आदि से भी गुजर रहे होते हैं। इन सभी को नियमित जांच और नियंत्रण कर, आप ह्रदय रोगों के जोखिम कारकों से आसानी से मुकाबला कर पायेंगे। हृदय रोग के मरीजों को चाहिए कि वे अपना रक्त चाप 140/90 से कम रखें। इससे उन्हें हृदय रोग को काबू करने में मदद मिलती है। साथ ही वे रोगी जिन्हें हृदय रोग के साथ डाइबटीज है वे अपनी शुगर की नियमित जांच भी करें।

medicine in hindi
आवश्यक दवाएं भी लें

कभी-कभी जीवन शैली में बदलाव हृदय रोगों के निदान के लिए काफी नहीं होता है। दवाएं हृदय रोग के लक्षणों के कई प्रकार के इलाज के लिए एक कारगर तरीका है। कुछ दवाएं रक्त को पतला करने तथा कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने का कार्य करती हैं। आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि जो दवा आप ले रहे हैं वह आपके दिल की बीमारी के इलाज के लिए कैसे काम करती है। यह दवाएं नीयमित रूप से व ठीक मात्रा और समय पर ली जानी जरूरी होती हैं। अपने डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं का सेवन कतई बंद ना करें, ऐसा करने से आपका रोग और गंभीर हो सकता है।

सर्जरी के बारे में जानकारी प्राप्त करें

यदि दवाएं ठीक प्रभावी ढंग से हृदय रोग के लक्षणों को नियंत्रित नहीं करती हैं, तो शल्य चिकित्सा विकल्प के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। कई प्रक्रियाओं, संकीर्ण या अवरुद्ध धमनियों को फिर से खोलने या सीधे हृदय की चिकित्सा के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं।

हृदय की चिकित्सा के निम्न प्रकार हो सकते हैं।

 

  • हार्ट वॉल्व सर्जरी,
  • इनफ्रेक्ट एक्सक्लूजन सर्जरी
  • हार्ट ट्रासप्लान्ट(ह्रदय प्रत्यारोपण)
  • बाईपास सर्जरी

हृदय के लिए अन्य भी कई सर्जरी होती हैं, जो पूरी तरह रोग की स्थिति और अवस्था पर निर्भर करता है।

Image Source : Getty

Read More Articles On Heart Health in hindi

 
Disclaimer:

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।