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प्रेग्नेंसी में ज्यादा वसा वाले आहारों से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा, बरतें ये सावधानियां

विविध By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 26, 2018
प्रेग्नेंसी में ज्यादा वसा वाले आहारों से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा, बरतें ये सावधानियां

प्रेग्नेंसी के दौरान आपको खाने-पीने के मामले में अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक गर्भावस्था में ज्यादा फैट वाले आहारों के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।

प्रेग्नेंसी के दौरान आपको खान-पान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि भ्रूण के विकास और गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर आपके खान-पान का असर पड़ता है। गर्भावस्था में आप जो कुछ खाती हैं, उसी से आपके शिशु को पोषण मिलता है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान आपको खाने-पीने के मामले में अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक गर्भावस्था में ज्यादा फैट वाले आहारों के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए गर्भावस्था में चिप्स, बर्गर, पिज्जा, फ्राइज जैसे हाई फैट वाले आहारों का सेवन नहीं करना चाहिए।

अगली 3 पीढ़ी तक ब्रेस्ट कैंसर का खतरा

ऑनलाइन जर्नल ब्रेस्ट कैंसर रिसर्च में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर कोई महिला गर्भावस्था के दौरान ज्यादा वसा वाले आहारों का सेवन करती है, तो उसकी आगामी 3 पीढ़ियों को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा होता है। अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने गर्भवती मादा चुहिया को सामान्य मक्के के तेल से बना वसायुक्त खाना दिया। इससे उसके अंदर आनुवांशिक बदलाव देखे गए, जो काफी हद तक अगली तीन पीढ़ी की मादा संतानों में स्तन कैंसर की आशंका को बताता है। साथ ही इस अध्ययन में यह भी देखा गया कि मेल चाइल्ड (नर संतान) से ज्यादा खतरा फीमेल चाइल्ड (मादा संतान) को होता है।

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कैसा होना चाहिए प्रेग्नेंसी के दौरान आपका आहार

गर्भावस्था के दौरान बच्चे और प्लेसेंटा के विकास के लिए प्रोटीन युक्त आहार जरूर लेना चाहिए। यह जी मिचलाने और थकान से भी लड़ने में मददगार है। महिला को कितना प्रोटीन लेना चाहिए, यह महिला के वजन पर निर्भर करता है। सी फूड, लीन मीट, दाल, अंडा, दूध, बीन्स, अनसाल्टेड नट और सीड्स इसका अच्छा स्रोत है। 90 प्रतिशत गर्भवती भारतीय महिलाओं में प्रोटीन की कमी है। प्रोटीन की मात्रा या कमी से संबंधित जानकारी के लिए अपने चिकित्सक या डाइटीशियन से संपर्क करें।

थोड़ा-थोड़ा खाएं

गर्भवती होने के बाद एक बार में खाने की बजाय भोजन को छोटे-छोटे भागों में बांटें और धीरे-धीरे लें। इस प्रकार भोजन करना आपके लिए भार भी नहीं लगेगा औऱ आपके एवं आपके बच्चे की पोषण जरूरतें भी पूरी होती रहेगीं। दे सकता है।

ताजे फल और सब्जियां खाएं

खाने में ताजी और रंगीन सब्जियों का प्रयोग कीजिए, ताजे फल भी खाइए। इसमें एंटी-ऑक्‍सीडेंट होता है जो शरीर को बीमारियों से बचाता है। सुनिश्चित करें कि सभी फल और सब्जियां अच्छी तरह से पकाई गई हैं, खाने से पहले भोजन को गर्म कर लें, ताकि फूड पॉइजनिंग की संभावना नहीं रहे। बासी भोजन बिलकुल न खायें।

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दाल, अनाज और डेयरी प्रोडक्ट्स खाइए

विभिन्‍न प्रकार की दालों का प्रयोग कीजिए, दालों में जिंक आयरन और प्रोटीन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, जो प्रेग्‍नेंसी के दौरान बहुत जरूरी है। विटामिन और कैल्सियम की कमी पूरा करने के लिए सोया मिल्‍क और पनीर खाइए। इससे आपकी और शिशु की हड्डियां मजबूत होंगी। साबुत अनाज का सेवन कीजिए, साबुत अनाज जैसे - ब्राउन राइस, दलिया आदि आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

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