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High Blood Pressure: किडनी और हार्ट फेल होने की वजह बन सकता है हाई ब्‍लड प्रेशर, जानें बीपी कम करने के उपाय

अन्य़ बीमारियां By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 18, 2013
High Blood Pressure: किडनी और हार्ट फेल होने की वजह बन सकता है हाई ब्‍लड प्रेशर, जानें बीपी कम करने के उपाय

क्या आप जानते हैं, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आपके लिए कितनी खरनाक साबित हो सकती है। इससे दिल की बीमारियां होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) सबसे घातक बीमारियों में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दुनिया भर में हर साल हाई ब्‍लड प्रेशर के चलते 70 लाख मौतें होती हैं। दुनिया का लगभग हर तीसरा व्यक्ति इससे प्रभावित है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि 2025 तक विश्व में 1.5 बिलियन से ज्यादा लोगों को हाई ब्लड-प्रेशर का शिकार हो सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर का सीधे तौर पर कोई इलाज नहीं है, बल्कि इसमें जानकारी ही बचाव है। अगर आप अपने खानपान और लाइफस्‍टाइल पर काबू रखें तो इस पर काबू पाया जा सकता है।

 

क्या है हाई ब्लड प्रेशर

रक्त द्वारा धमनियों पर डाले गए दबाव को ब्लड-प्रेशर या रक्तचाप कहते हैं। हाई ब्लड प्रेशर किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकता है। यह बीमारी पुरुष व महिला किसी को भी हो सकती है। एक बार अगर आप इस रोग के शिकार हो गए तो इससे निकल पाना मुश्किल होता है। इसलिए सावधानी बरतना ही इसका सबसे बड़ा इलाज है। हाई ब्लड-प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। यह अपने साथ अन्य कई बीमारियां लेकर आता है। जिससे शरीर के अन्य हिस्से भी प्रभावित होते हैं। 

आंखों पर प्रभाव

हाई ब्लड प्रेशर से आंखों की समस्या हो सकती है। रोगी को आंखों की रोशनी कम होने लगती है उसे धुंधला दिखाई देने लगता है। इसलिए ब्लड प्रेशर की समस्या में आंखों की नियमित जांच की सलाह दी जाती है। (हाई और लो ब्‍लड प्रेशर में क्‍या खाएं और क्‍या न खाएं, जानें)

गुर्दे की समस्या

गुर्दा हमारे शरीर से दूषित पदार्थों को बाहर निकालता है। हाई ब्लड-प्रेशर के कारण किडनी की रक्त वाहिकाएं संकरी या मोटी हो सकती है। इससे किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर पाती और खून में दूषित पदार्थ जमा होने लगते हैं। 

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हार्ट अटैक का खतरा

हाई ब्लड प्रेशर में सबसे ज्यादा खतरा हृदय को होता है। जब ह्वदय को संकरी या सख्त हो चुकी रक्त वाहिकाओं के कारण पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलता तो सीने में दर्द हो सकता है और अगर खून का बहाव रुक जाए तो हार्ट-अटैक भी हो सकता है।

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मस्तिष्क पर असर

हाई ब्लड-प्रेशर में रोगी की याददाश्त पर असर हो सकता है, जिसे डिमेंशिया कहा जाता है। इसमें समय के साथ-साथ रोगी के मस्तिष्क में खून की आपूर्ति और कम हो जाती है। और व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति घटती जाती है।

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