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पुरुषों में बहुत सामान्य है हियाटल हर्निया, जानें इसके कारण और बचाव के तरीके

पुरुष स्वास्थ्य By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 04, 2018
पुरुषों में बहुत सामान्य है हियाटल हर्निया, जानें इसके कारण और बचाव के तरीके

तथ्यों की ओर नजर दौड़ाएं तो 90 फीसदी आपरेशन के बाद दोबारा हर्निया होने का खतरा नहीं होता। इसलिए हर्निया होने की स्थिति में आपरेशन के भय से हर्निया की अनदेखी न करें। हालांकि, सही समय प

हियाटल हर्निया पुरुषों में बहुत सामान्य है, हालांकि चिकित्सकों का मानना है कि हर्निया एक सामान्य सी समस्या है किन्तु लापरवाही के चलते लोग इसे गंभीर रोग में तब्दील कर देते हैं। इनमें भी उन महिलाओं की संख्या ज्यादा है जो इसे सामान्य विकार समझती हैं। महिलाओं में यह समस्या आम तौर पर प्रसव के बाद उत्पन्न होती है। हर्निया के साथ एक बड़ी गलतफहमी यह भी जुड़ी है कि हर्निया होने पर आपरेशन होगा, जिसके नाकाम होने की आशंका ज्यादा है। जबकि ऐसा नहीं है। हर्निया से सम्बंधित आपरेशन अकसर सफल होते हैं।

तथ्यों की ओर नजर दौड़ाएं तो 90 फीसदी आपरेशन के बाद दोबारा हर्निया होने का खतरा नहीं होता। इसलिए हर्निया होने की स्थिति में आपरेशन के भय से हर्निया की अनदेखी न करें। हालांकि, सही समय पर हर्निया का इलाज न किया गया तो इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलते हैं। अतः इसके परिणामों से बचने के लिए हर्निया के लक्षणों से अवगत होना आवश्यक है।  

हार्निया के प्रमुख लक्षण 

  • पेट की चर्बी आंतों की बाहर की ओर लटकना।
  • अंग विशेष के नीचे उभार महसूस होना।
  • बढ़े हुए अंग में दर्द व भारीपना महसूस होना।
  • ज्यादा देर तक खड़े रहने में तकलीफ होना।
  • मल-मूत्र त्याग करने में समस्या आना। 

इन सभी लक्ष्णों की ओर ध्यान दें तो पता चलेगा कि यदि सही समय पर हर्निया का इलाज नहीं कराया गया तो इसके परिणाम न सिर्फ गंभीर हो जाते हैं बल्कि दिनों दिन हर्निया के कारण रिस्क भी बढ़ जाते हैं। हमारी तकलीफें भी सातवें आसमान छूने लगती हैं। यही कारण है कि सही समय पर हर्निया का उपचार आवश्यक है। जैसा कि पहले ही बताया गया है कि हर्निया का एकमात्र इलाज है आपरेशन।

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सामान्यतः छोटे हर्निया के मामले में हर्निया की जगह चीरा लगाया जाता है। इसके अलावा उभार वाले भाग को भीतर कर क्षतिग्रस्त हिस्से को रिपेयर कर दिया जाता है। मरीज के घाव भरने में आमातौरपर 10 से 15 दिन का वक्त लगता है। लेकिन मरीज को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह कम से कम दो से तीन महीने तक कोई भी भारी काम न करे। असल में आपरेशन के बाद शरीर कमजोर और कच्चा होता है। इसकी भरपाई करने में कम से दो से तीन माह का समय लगता है। 

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इसके अलावा विशेषज्ञों की मानें तो हर्निया से बचाव मुश्किल नहीं है। लेकिन इसके लिए अपनी जीवनशैली की ओर ध्यान देना होगा। यह सुनिश्चित करें कि कभी भी अतिरिक्त वजन न उठाएं और न ही कब्ज की समस्या को हल्के में लें। कब्ज होने पर तुरंत इलाज कराएं और हमेशा रेशेदार आहार ही लें। इस तरह के उपचार आपको हर्निया की समस्या से दूर रख सकते हैं।

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