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क्‍यों बनाएं इस फ्राइडे फिश?

त्‍यौहार स्‍पेशल By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 13, 2017
क्‍यों बनाएं इस फ्राइडे फिश?

गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन को कई लोग उपवास दिवस के तौर पर मानते हैं लेकिन कुछ मछली का सेवन करते हैं। आइए जानें इस दिन मछली क्‍यों खाई जाती है।

ईसाई धर्म के अनुसार जिस दिन ईसा मसीह ने प्राण त्‍यागे थे उसदिन शुक्रवार था। इसी दिन की याद में गुड फ्राइडे मनाया जाता है। गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। ईसाई धर्म के मानने वालों का विश्वास है कि गुड फ्राइडे के तीसरे दिन यानी उसके अगले रविवार को ईसा मसीह दोबारा जीवित हो गए थे। उनके दोबारा जीवित होने की इस घटना को ईसाई धर्म के लोग ईस्टर दिवस या ईस्टर रविवार मानते हैं। गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहते हैं। ईस्टर खुशी का दिन होता है। इस पवित्र रविवार को खजूर इतवार भी कहा जाता है। ईस्टर का पर्व नए जीवन और जीवन के बदलाव के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

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गुड फ्राइडे के दिन क्या किया जाता है?

गुड फ्राइडे के दिन ईसाई धर्म को मानने वाले अनुयायी चर्च जाकर प्रभु यीशु को याद करते हैं। लोग भगवान ईसा मसीह के प्रतीक क्रॉस को चूमकर भगवान को याद करते हैं। इस दिन चर्च में किसी भी प्रकार की सजावट नहीं की जाती तथा घंटा भी नहीं बजाया जाता, बल्कि उसकी जगह लकड़ी के खटखटे से आवाज की जाती है। क्योंकि इस दिन को एक शौक दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। इस दिन ईसा को मानने वाले श्रद्धालु उनके द्वारा भोगी गई पीड़ा को महसूस करते हैं। गुड फ्राइडे के दौरान दुनिया भर के ईसाई चर्च में सामाजिक कार्यो को बढ़ावा देने के लिए चंदा या दान देते हैं तथा गिरजाघर में यीशु से प्रार्थना करते हैं तथा उनकी द्वारा दी गई शिक्षाओं को स्मरण करते हैं।  

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इस दिन क्‍यों खाई जाती है फिश?

रोमन कैथोलिक चर्च गुड फ्राइडे को उपवास दिवस के तौर पर मानता है, जबकि चर्च के लैटिन संस्कारों के अनुसार एक बार पूरा भोजन हालांकि वह नियमित भोजन से कम होता है और अक्सर उसमें मांस के बदले मछली खायी जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि माना जाता है कि मछली एक अलग प्रकार का मांस है, जो समुद्र से आता है। मछली को शामिल करने का एक अन्‍य कारण यह भी है, क्‍योंकि इसे शुरुआती ईसाइयों को एक दूसरे को पहचानने का प्रतीक माना जाता है और एक तथ्‍य यह भी है कि यीशु के कई शिष्‍य मछुआरे थे।


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Image Source : Shutterstock.com

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