• shareIcon

हेपेटाइटिस बी या सी की चपेट में है दुनियाभर का हर 12वां आदमी

लेटेस्ट By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 01, 2016
हेपेटाइटिस बी या सी की चपेट में है दुनियाभर का हर 12वां आदमी

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पूरे विश्व में प्रत्येक 12 में 1 व्यक्ति हेपेटाइटिस-बी या सी के साथ जी रहा है। हालांकि यह संख्या एच.आई.वी या किसी भी प्रकार के भी कैंसर की तुलना में बहुत अधिक है, फिर भी हेपेटाइटिस से सम्बंधित जागरूकता बहुत कम है

हेपेटाइटिस मूल रूप से लीवर की बीमारी होती है जो वायरल इन्फेक्शन होने के कारण होती है। इस अवस्था में लीवर में सूजन आती है। एक नए शोध के अनुसार पूरे विश्व में प्रत्येक 12 में 1 व्यक्ति या तो हेपेटाइटिस-बी या सी के साथ जी रहा है। हालांकि यह संख्या एच.आई.वी या किसी भी प्रकार के भी कैंसर की तुलना में अत्यधिक है, फिर भी हेपेटाइटिस से सम्बंधित जागरूकता बहुत कम है। या फिर यह कहा जा सकता है कि जिन्हें यह बीमारी है वह इससे पूर्ण रूप से अनभिज्ञ हैं।

hepatitis in hindi


वायरल हेपेटाइटिस भारत में एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है। वायरल हेपेटाइटिस वायरस एबीसी की वजह से होता है। विश्व में लगभग 24 करोड़ लोग हैं जो हेपेटाइटिस-बी से संक्रमित है, जिसमें से 75 प्रतिशत एशिया महाद्वीप से है। विश्व में लगभग 15 करोड़ लोग हेपेटाइटिस-सी से संक्रमित है। प्रत्येक वर्ष लगभग 1 मिलियन लोगों की लीवर सिरोसिस या लीवर कैंसर से मृत्यु हो जाती है। हाल ही कि एक रिपोर्ट के अनुसार हेपेटाइटिस-बी वायरस संक्रमण कई वजहों से होता है जिसमें संक्रमित पीलिया, संक्रमित सुई व रक्त का प्रयोग, असुरक्षित यौन सम्बंध और संक्रमित मां से उसके शिशु को प्रमुख है।


यह वायरस हेपेटाइटिस के 30 प्रतिशत मरीजों में लीवर सिरोसिस और 53 प्रतिशत लोगों में लीवर कैंसर के लिए जिम्मेदार है। लगभग 15-40 प्रतिशत हेपेटाइटिस-बी से प्रभावित व्यक्ति बिना किसी उपचार के मृत्यु के शिकार हो जाते है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में लगभग 4 करोड़ लोग हेपेटाइटिस-बी वायरस से संक्रमित है। एक अनुमान के अनुसार भारत में जन्म लेने वाले 25 मिलियन नवजात शिशुओं में से लगभग 1 मिलियन शिशुओं को जीवन पर्यन्त हेपेटाइटिस-बी वायरस से संक्रमित होने का खतरा बना रहता है।

Image Source : Getty

Read More Health News in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK