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दिल के दौरे की गंभीरता रात की तुलना में सुबह होती है अधिक, जानें क्यों

लेटेस्ट By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 20, 2019
 दिल के दौरे की गंभीरता रात की तुलना में सुबह होती है अधिक, जानें क्यों

एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि एलर्जी से लेकर दिल का दौरा पड़ने तक सभी बीमारियों का प्रभाव रात की तुलना में अधिक गंभीर होता है। शोधकर्ताओं ने चेताया है कि ज्यादातर मामलों में सुबह पड़ने वाले दिल के दौरे रात में होने वाले कार्डियक अरेस्ट की तुलन

जर्नल ट्रेंड इन इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि एलर्जी से लेकर दिल का दौरा पड़ने तक सभी बीमारियों का प्रभाव रात की तुलना में अधिक गंभीर होता है। शोधकर्ताओं ने चेताया है कि ज्यादातर मामलों में सुबह पड़ने वाले दिल के दौरे रात में होने वाले कार्डियक अरेस्ट की तुलना में ज्यादा गंभीर होते हैं।

जर्नल ट्रेंड्स इन इम्युनोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में इस बात पर चर्चा की गई है कि  एलर्जी से लेकर दिल के दौरे तक इस प्रकार की बीमारियों की गंभीरता दिन के समय रात की तुलना में पीड़ितों को कैसे प्रभावित करती है। अध्ययन से सामने आया किअनुकूली प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाएं सर्कैडियन नियंत्रण के तहत होती हैं, जिसमें अत्यधिक विशिष्ट, रोगों से लड़ने वाली कोशिकाएं हफ्तों तक विकसित होती हैं। 

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स्विट्जरलैंड स्थित जिनेवा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर व  अध्ययन के वरिष्ठ लेखक क्रिस्टोफ शेएरमैन ने कहा, ''शोधकर्ताओं ने मुख्य रूप से चूहों पर ये अध्ययन किया। अध्ययन में सर्कैडियन लय और प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं के बीच संबंध का आंकलन किया गया। यह हैरान कर देने वाला था। इसमें पाया गया कि प्रत्यारोपण से टीकाकरण तक नैदानिक अनुप्रयोगों के लिए प्रासंगिकता होनी चाहिए।''

शोधकर्ताओं के मुताबिक,  मनुष्यों और चूहों दोनों में श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या सर्कैडियन तरीके से आगे-पीछे होती है, जो यह सवाल उठाती है कि क्या सर्कैडियन चक्र को लेकर जागरूकता और उपयोग का माध्यम प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को अनुकूलित करना एक दिन संभव हो सकता है।

शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए अलग-अलग अध्ययनों का आकलन किया। उन्होंने विभिन्न अध्ययनों के बीच सामान्य परिस्थितियों, सूजन व जलन और बीमारी के तहत प्रतिरक्षा कोशिकाओं  की समय-सम पर लय के बीच तुलना की।

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क्रिस्टोफ ने कहा, "स्वभाविक और अनुकूली प्रतिरक्षा में सर्कैडियन लय को जांचना प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को समझने के लिए एक उम्दा उपकरण है।''

उन्होंने कहा, " हमारे सामने चुनौती इस बात की है कि मानव रोगियों के लिए समय के अनुरूप उपचार में सर्कैडियन इम्यूनोलॉजी की हमारी बढ़ती समझ को आकार में कैसे लाया जाए।"

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