हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है ऐसा धूम्रपान

Updated at: May 31, 2018
हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है ऐसा धूम्रपान

तंबाकू का दुष्प्रभाव हृदय, फेफड़े और रक्त वाहिनियों (ब्लड वेसेल्स) पर पड़ता है।

Rashmi Upadhyay
हृदयाघातWritten by: Rashmi UpadhyayPublished at: May 31, 2018

तंबाकू का दुष्प्रभाव हृदय, फेफड़े और रक्त वाहिनियों (ब्लड वेसेल्स) पर पड़ता है। गंभीर रोग होने का खतरा तंबाकू के सेवन से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक व स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। सभी प्रकार के कैैंसरों में 30 प्रतिशत कैैंसर तंबाकू के कारण ही होते हैं। मुंह व फेफड़े में 70 प्रतिशत कैैंसर होने का कारण तंबाकू ही है। इसके सेवन से भोजन की नली, किडनी, लिवर और यूरीनरी ब्लैडर में कैैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। 

निकोटिन का दुष्प्रभाव 

तंबाकू में हजारों तरह के रासायनिक तत्व या केमिकल्स होते हैं, जिसमें से कई तत्व कैैंसर बनने का कारण बनते हैं। तंबाकू में निकोटिन भी पाई जाती है, जो शरीर के लिए नुकसानदेह पदार्थ है। गौरतलब है कि निकोटिन के कारण ही तंबाकू खाने की तलब लगती है। रक्त में जब निकोटिन का स्तर कम होने लगता है, तब लोगों को तंबाकू खाने की तलब लगती है। जो लोग मुंह में रखकर तंबाकू का सेवन करते हैं, उनमें मुंह के कैैंसर का खतरा ज्यादा रहता है। जो लोग धूम्रपान ज्यादा करते हैं, उनमें फेफड़े के कैैंसर का जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है। 

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पैसिव स्मोकिंग

जो लोग धूम्रपान करने वालों के करीब रहते हैं (भले ही वे सिगरेट न पीते हों) वे भी तंबाकू के दुष्प्रभावों की गिरफ्त मेें आ जाते हैं। इसे मेडिकल भाषा में पैसिव स्मोकिंग कहते हैं। जाहिर है, तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन करना शरीर के साथ अन्याय करना या जुर्म करना है। इसलिए तंबाकू की लत को जितनी जल्दी हो, छोड़ दीजिए। याद रखें, दृढ़ संकल्प शक्ति से तंबाकू को  छोड़ा जा सकता है। तंबाकू छोड़ देने से इसके शरीर पर पड़े बुरे प्रभाव एक अर्से बाद कम हो जाते हैं। 

बढ़ता है कैैंसर का खतरा

तंबाकू से लगभग 25 तरह की शारीरिक बीमारियां और लगभग 40 तरह के कैंसर हो सकते हैं।  इनमें मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, फेफड़े का कैंसर, प्रोस्टेट का कैंसर, पेट का कैंसर और ब्रेन ट्यूमर आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। तंबाकू व धूम्रपान से हो रहे विभिन्न प्रकार के कैंसरों में विश्व में मुख का कैंसर सबसे ज्यादा होता है। तंबाकू के कारण 45 लाख लोग प्रतिवर्ष हृदय रोग से पीडि़त होते हैं और 40 लाख लोग प्रतिवर्ष फेफड़े से संबधित बीमारियों से ग्रस्त होते हैं। 

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धूम्रपान से होने वाली बीमारियां

धूम्रपान के इस्तेमाल से चार हजार हानिकारक रासायनिक पदार्थ निकलते हैं, जिनमें निकोटीन और टार प्रमुख हैं। विभिन्न शोध-अध्ययनों के अनुसार लगभग 50 रासायनिक पदार्थ कैंसर उत्पन्न करने वाले  पाए गए हैं। तंबाकू सेवन और धूम्रपान के परिणामस्वरूप रक्त का संचार प्रभावित  हो जाता है, ब्लड प्रेशर की समस्या का जोखिम बढ़ जाता है, सांस फूलने लगती है और नित्य क्रियाओं में अवरोध आने लगता है। धूम्रपान से होने वाली प्रमुख बीमारियां-ब्रॉन्काइटिस, एसिडिटी, टी.बी., ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, लकवा,  माइग्रेन, सिरदर्द और बालों का जल्दी सफेद होना आदि है। 

डॉ.राजेश मिस्त्री
सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट
कोकिलाबेन-धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई

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