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खांसी, जुकाम और साइनस के लिए योग - बाम भस्त्रिका

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2014-12-31T00:00:00+5:30
दायें हाथ के अंगूठे से दायीं नासिका को बंद कर दें। और बायीं नसिका से तेज गति से सांस भरे और छोड़ें। तेजी से सांस छोड़ने और भरने की इस प्रक्रिया को दस बार करें। ध्‍यान रखें कि जब आप सांस भरें तो आपके पेट बाहर आना चाहिये और जब सांस छोड़ें तो आपका पेट बाहर आना चाहिये। जब आप दस बार इस क्रिया को दस बार कर लें। इसके बाद बायें हाथ के अंगूठे से बायीं नासिका को बंद करें। और दायीं नासिका से दस बार इस क्रिया को करें। जो लोग थक जाएं वे पांच-पांच बार इस क्रिया को कर सकते हैं। धीरे-धीरे इसके अभ्‍यास को बीस बार तक ले जाया जा सकता है। अग्नि क्रिया को करने के लिए दायीं नासिका से सांस भरी है और बायीं नासिका से छोड़नी है। इस क्रिया को बार-बार करना है। बायीं नासिक को दायें हाथ की मध्‍य अंगुली से बंद करें और दायीं नासिका से तेजी से सांस लें और बायें से छोड़ें। फिर इसी अभ्‍यास दूसरी ओर से दोहरायें। इस क्रिया को दस बार दोहरायें। भस्त्रिका करने का एक तरीका यह भी है कि आप दायीं नासिका से सांस भरेंगे और बायें से छोड़ेंगे। और फिर बायें से सांस भरकर दायें से छोड़ेंगे। इसका अभ्‍यास दसे से बीस बार तक करें

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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