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टाइप 1 एंड टाइप 2 डायबिटीज में क्या अंतर है

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2015-09-01T00:00:00+5:30
डायबिटीज कई तरह की होती हैं, लेकिन इसके जो प्रमुख प्रकार हैं, वो हैं - टाइप1 और टाइप2 डायबिटीज। टाइप1 डायबिटीज एक ऑटोइम्‍यून डायबिटीज है जिसमें पैंक्रियाज बिलकुल भी इंसुलिन नहीं बनाता है। जबकि टाइप2 डायबिटीज में इंसुलिन तो बनता है लेकिन वो असरदायक नहीं होता। टाइप1 डायबिटीज में रोज हमें रोज इंसुलिन की जरूरत होती है, नहीं तो सीरियस लक्षण जैसे कीटो सिरोसिस होने की संभावना रहती है। जबकि टाइप2 डायबिटीज में इंसुलिन बनता तो है लेकिन असरदायक नहीं होता जिसके कारण दवाओं का सहारा लिया जाता है। लेकिन कुछ मामलों में टाइप2 डायबिटीज के मरीजों को इंसुलिन की जरूरत पड़ सकती है। जबकि टाइप1 डायबिटीज में दवाओं की भूमिका बिलकुल नहीं होती है, मरीज को रोज इंसुलिन लेने की जरूरत पड़ती ही है। टाइप1 डायबिटीज बचपन में, युवाओं में और उम्रदराज खासकर 60 के बाद अधिक होने की संभावना रहती है। जबकि टाइप2 डायबिटीज 35 से 60 के बीच होने की संभावना अधिक रहती है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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