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पिलाटेस को अपने वर्कआउट में शामिल करने के 6 कारण

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2016-09-23T11:51:59+5:30

पिलेट्स धीमे और नियंत्रित चलने वाले कोर एक्सरसाइज की तरह होता है, जोकि एब्स पर बेहतर काम करता है। पिलेट्स एक बॉडी बिल्डिंग विधि है जो शरीर के शक्ति प्रशिक्षण ( खासकर पेट के हिस्‍से ) और सांस लेने की प्रक्रिया को गर्भवती महिलाओं में स्‍ट्रांग बनाती है। महिलाएं अपने स्नायुबंधन और टेंडॉन्स में पुरुषों की तुलना में आमतौर पर 7 प्रतिशत अधिक लचीली होती हैं। जिसका मतलब है कि पुरुषों को कम से कम उतना और लचीला होने की जरूरत होती है। पिलेट्स लचीलेपन के लिए कमाल की एक्सरसाइज है।  पिलेट्स व्‍यायाम बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में काफी मददागार होता है।। यह शरीर की सहनशक्ति को बनाए रखता है। यदि कामकाजी पुरुष के शरीर में सहनशक्ति अधिक होगी तो उसे थकान भी कम ही महसूस होगी और दफ्तर के बाद भी वह चुस्त रह पाएगा। पिलेट्स के दौरान पैरों में मूवमेंट होने से शरीर का रक्‍त संचार बढ़ जाता है। पिलेट्स एक्‍सरसाइज मांसपेशियों को बढ़ाती है। इससे रक्त का बेहतरीन संचार होता है, और पैर की सूजन तथा ऐंठन ठीक होती है।पिलेट्स से शरीर के पॉश्‍चर को मेंटन रखा जा सकता है। इसे करने से शरीर में कोई बीमारी या दिक्‍कत भी नहीं होती है।पिलेट्स, लिम्‍ब को सक्रिय करता है। शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। पिलेट्स शरीर को बैलेंस करने में हेल्‍प करता है, इससे पेट की मांसपेशिया सही रहती है, उन पर पड़ने वाले खिचांव से आराम मिलता है। शरीर में ऊर्जा रहती है और गर्भावस्‍था में भी शरीर फिट रहता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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