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अष्टांग योग - पार्श्‍वकोणासन

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2016-06-10T00:00:00+5:30
वर्तमान में अस्‍वस्‍थ खानपान के कारण पेट की समस्‍यायें बहुत अधिक हो रही हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं योग के जरिये पाचनतंत्र को ठीक किया जा सकता है। परिव्रता पार्श्‍वकोणासन एक ऐसा ही आसन है, जिसके अभ्‍यास से पाचन तंत्र ठीक रहता है और हड्डियां मजबूत होती हैं। इस आसन से पैरों और शरीर के ऊपरी भागों में संतुलन और मजबूती आती है। यह री‍ढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है। इस आसन का अभ्यास करते समय पीठ सीधा रखें, रीढ की हड्डियां न मुड़े इसका ख्याल रखना चाहिए। बाहों को भी सीधा रखना चाहिए इससे गहरी सांस लेना आसान होता है। आसन का अभ्यास करते समय शरीर को उतना ही मोड़ना चाहिए जितना आपके लिए आरमदायक हो। शरीर को मोड़ने के लिए अनावश्यक बल का प्रयोग न करें। उच्च रक्तचाप वालों को परिवर्त पार्श्वकोणासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। सिरदर्द और कमरदर्द में इस आसन का अभ्‍यास न करें।इसे करने की सही विधि के बारे में जानने के लिए इस विडियो को देखें।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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