"मास्‍क, एयर प्‍यूरीफायर और ऑड-इवेन से नहीं रूकेगा प्रदूषण"

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / Nov 05, 2019

दिल्‍ली-एनसीआर समेत देश के ज्‍यादातर शहरों की खराब होती हवा की गुणवत्‍ता सभी के लिए एक चिंता का विषय है, जो स्मॉग के कारण स्वास्थ्य की स्थिति के खतरे से गुजर रही है। हम अक्सर मास्क और एयर प्‍यूरीफायर पर भरोसा करते हैं, यह सोचकर कि यह हमें प्रदूषण के जोखिम से बचाने के लिए पर्याप्त होगा। हालांकि, यह हर किसी को पता होना चाहिए कि यह सभा एक अस्थायी समाधान है। हर साल दिवाली के दौरान क्या होता है, यह जानने के बावजूद, साल दर साल स्थिति गंभीर बनी हुई है। सर गंगा राम अस्पताल के डॉ अरविंद कुमार बता रहे हैं कि इस तबाही का अंत क्या हो सकता है।

उनका सुझाव है कि किसी को प्रदूषण से बचाने के लिए मास्क पर पूरी तरह से भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्‍हें लगता है कि बदलाव वैश्विक स्तर पर होना चाहिए। वह कहते हैं कि छोटे कदम उठाने से उत्तर भारत में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण अंतर आ सकता है। पटाखे न जलाना पहला कदम हो सकता है, जिसका पालन सभी को करना चाहिए। किसी भी रूप में स्‍मॉग इस स्थिति का एक महत्वपूर्ण कारण है। डॉक्‍टर अरविंद कहते हैं कि प्रदूषण को समाप्त करना एक रात का काम नहीं है; यह एक आंदोलन है जिसे एक बड़े बदलाव के लिए पालन किया जाना चाहिए।

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