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किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े खतरे

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2016-04-08T00:00:00+5:30

किडनी फेल्योर के केस में डायलसिस के बजाय लोग किडनी ट्रांसप्लांट करवाना ज्यादा उचित समझते हैं। किडनी ट्रांसप्लांट में किडनी को ठीक से चलते रहने के लिए आपको ट्रांसप्लांट के बाद कुछ प्रीकॉशन्स लेने पड़ते हैं। इसमें सबसे पहला प्रीकॉशन्स है कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कम जाएं। क्योंकि ट्रांसप्लांट के बाद इंसान को इम्युन सिस्टम बहुत अधिक लो हो जाता है जिससे कि इंसान किसी भी चीज के संपर्क में बहुत जल्दी आ जाता है। इससे निमोनिया, यूरीन इंफेक्शन, स्कीन समस्या आदि कई संक्रामक बीमारियों के होने का खतरा अधिक होता है। इसलिए ट्रांसप्लांट के पहले तीन महीने में भीड़-भाड़ वाली जगहों पर बिल्कुल भी ना जाएं। तो आप समझ सकते हैं कि किडनी ट्रांसप्लांट में इंफेक्शन एक समस्या है और दूसरी समस्या है रिजेक्शन की। ये सात से दस फीसदी लोगों को होती है। रिजेक्शन का मतलब ये नहीं कि आपकी किडनी खत्म हो जाएगी। इसमें कुछ विशेष दवाईयों की जरूरत पड़ती है जिसके बाद ये समस्या खत्म हो जाती है। किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ी सारी समस्याओं को बारे में बता रहे हैं विशेषज्ञ डा. संजीव सक्सेाना।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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