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कैसे पहचाने बच्चे को एडीएचडी है

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2016-06-02T00:00:00+5:30
एडीएचडी की समस्‍या को हमारे देश में बच्‍चे को शरारती समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन एडीएचडी की समस्‍या वाले बच्‍चों की हरकतें सामान्‍य बच्‍चों से अलग होती है। एडीएचडी वाला बच्‍चा बाकी बच्‍चों से अधिक शरारती होता है। चीजों के साथ वह खेलता कम तोड़फोड़ ज्‍यादा करता है। बच्‍चों में एडीएचडी की समस्‍या की पहचान करने के लिए उसके घर और बाहर के व्‍यवहार पर नजर रखना बहुत जरूरी होता है। बाहर के व्‍यवहार में हम स्‍कूल को लेते हैं, क्‍योंकि बच्‍चा घर के बाद स्‍कूल में सबसे ज्‍यादा समय व्‍यतीत करता है। इसके लिए यह जानना बहुत जरूरी होता है कि स्‍कूल में बच्‍चे का व्‍यवहार कैसा है, क्‍या वह स्‍कूल में ज्‍यादा शरारत करता है। अक्सर इस तरह के बच्चे क्लास में कान्संट्रेट नहीं कर पाते हैँ। क्लास में टीचर पढ़ा रही होती है, लेकिन उसका ध्यान कहीं ओर होता है। हालांकि ऐसे बच्‍चे पढ़ाई-लिखाई में तेज होते हैं लेकिन एक जगह पर ज्यादा समय तक फोकस नहीं कर पाते हैं। इसके कारण उनकी पढ़ाई अच्‍छी तरह से नहीं हो पाती। भविष्‍य में एडीएचडी बच्‍चों की और भी चीजों में शामिल होने लगता है। एडीएचडी की समस्या बच्चों में कोई साधारण बात नहीं है, इसलिए पैरेंट्स और टीचर को इस ओर ध्‍यान देना चाहिए और बचपन में ही इसका पता लगाने की कोशिश करनी चाहिए।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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