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वीडियो: एक्सपर्ट से जानें किन कारणों से आता है हार्ट अटैक? क्या हैं इसके लक्षण और इमरजेन्सी उपचार

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2019-01-23T00:00:00+5:30

हार्ट अटैक दिल की सबसे आम बीमारी है। आजकल भारत और दुनियाभर में दिल की बीमारियां मौत का सबसे बड़ा कारण बन रही हैं। ज्यादातर लोगों को लगता है कि हार्ट अटैक का प्रमुख लक्षण सीने में तेज दर्द है, जबकि लोग इसके अन्य लक्षणों को नहीं जानते हैं। हार्ट अटैक होने पर मरीज के लिए हर एक सेकंड कीमती होता है क्योंकि इस बीमारी में दिल की मांसपेशियां धीरे-धीरे मरने लगती हैं। इसलिए समय रहते आपको इस बीमारी से बचाव करना चाहिए। हार्ट अटैक और आर्टरी डिजीजेज (धमनी रोगों) के बारे में जानकारी देने के लिए आज हमारे साथ हैं फोर्टिस हॉस्पिटल के इन्टरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉक्टर निशीथ चंद्रा।

प्रश्न 1- कोरोनरी हार्ट डिजीज क्या है?

उत्तर- कोरोनरी हार्ट डिजीज दिल की एक सामान्य बीमारी है। इस बीमारी में हृदय से जुड़ी धमनियां ब्लॉक हो जाती हैं। ये धमनियां ही आपके हृदय तक ब्लड सप्लाई (खून की आपूर्ति) करती हैं। जब ये धमनियां ब्लॉक हो जाती हैं, तो हृदय की मांसपेशियों को कम मात्रा में खून मिलता है। हृदय में पर्याप्त रक्त न पहुंच पाने के कारण व्यक्ति को एंजाइना का दर्द, सांस लेने में परेशानी आदि समस्याएं होती हैं। इसके साथ ही गंभीर स्थिति हो जाने पर हार्ट अटैक भी हो सकता है। धमनियों के ब्लॉक होने का मुख्य कारण शरीर में कोलेस्ट्रॉल की ज्यादा मात्रा है, जिससे धमनियों में प्लाक जम जाता है।

प्रश्न 2- कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा किन चीजों से बढ़ता है?

उत्तर- इस रोग को बहुत सारे जोखिम कारक (खतरा बढ़ाने वाले कारक) हैं। इनमें से कुछ कारक ऐसे हैं जिन्हें आप कंट्रोल कर सकते हैं और कुछ ऐसे हैं, जिन्हें आप कंट्रोल नहीं कर सकते हैं। जिन कारकों को आप कंट्रोल नहीं कर सकते हैं उनमें सबसे प्रमुख हैं-

  • उम्र- जैसे पुरुषों को 55 साल की उम्र के बाद और महिलाओं को 60 साल की उम्र के बाद दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
  • लिंग- पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा हार्ट अटैक के मामले पाए जाते हैं।
  • पारिवारिक इतिहास- अगर किसी के परिवार में जैसे- मां, बाप या चाचा आदि को कम उम्र में हार्ट अटैक हुआ है, तो आपको भी इसका खतरा ज्यादा होता है।
  • हालांकि ये वो जोखिम कारक हैं, जिन्हें आप कंट्रोल नहीं कर सकते हैं। लेकिन अगर आप बचपन से हेल्दी लाइफस्टाइल जीते हैं, तो इसका खतरा कम हो जाता है।

अब, जानिए ऐसे कौन से कारक हैं जिन्हें आप आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। जैसे-

  • धूम्रपान- हमें धूम्रपान नहीं करना चाहिए।
  • डायबिटीज- अगर आपको डायबिटीज हो जाए, तो इसे जल्द से जल्द कंट्रोल करें।
  • हाईब्लड प्रेशर- ब्लड प्रेशर बढ़ने पर इसे कंट्रोल करना शुरू करें।
  • कोलेस्ट्रॉल- कोलेस्ट्रॉल बढ़ना हार्ट अटैक और दिल की दूसरी बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है, इसलिए इसे न बढ़ने दें।
  • मोटापा- अगर आप मोटे हो रहे हैं, तो मोटापा कंट्रोल करें।
  • सिडेंट्री लाइफस्टाइल- आजकल जिस कारण से सबसे ज्यादा हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं, वो है सिडेंट्री लाइफस्टाइल (अस्वस्थ जीवनशैली)। हम इसे ऐसा भी कह सकते हैं कि 'बैठना एक नए तरह का धूम्रपान है।' (यानी एक जगह पर घंटों बैठे रहने, खासकर डेस्क जॉब में, से हार्ट अटैक के खतरे बढ़ जाते हैं।)

प्रश्न 3- हार्ट अटैक के कौन से लक्षण खतरनाक होते हैं?

हार्ट अटैक का सबसे सामान्य लक्षण है सीने के बायीं तरफ या बीच में तेज दर्द। इसके साथ ही पसीना आना, बहुत अधिक थकान महसूस करना और चेतना का खो जाना। लेकिन कई बार लोगों ये सामान्य लक्षण नहीं दिखाई देते हैं बल्कि कुछ असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं जैसे- अचानक से बहुत थका हुआ महसूस करना, उल्टी होना, चक्कर आना आदि।

प्रश्न 4- स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड प्रेशर कितना हो चाहिए?

आपको पता होना चाहिए कि सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg होता है। हालांकि जब ब्लड प्रेशर 140/90 mmHg से बढ़ जाता है, तब इसे कंट्रोल करने के लिए दवा का सहारा लेना पड़ता है।

प्रश्न 5- क्या ब्लड प्रेशर घटता-बढ़ता रहता है?

जी हां, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट हर व्यक्ति में समय-समय पर बदलते रहते हैं। मगर फिर भी इनका एक सामान्य दायरा (नॉर्मल रेंज) है, जिससे बढ़ने या घटने पर समस्या शुरू हो जाती है। ब्लड प्रेशर कभी स्थायी नहीं होता है। ये आपकी परिस्थितियों और शारीरिक स्थिति पर पूरी तरह निर्भर करता है, जैसे- तनाव में आमतौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जब आप सोते हैं, तो ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।

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प्रश्न 6- क्या महिलाओं और पुरुषों में हार्ट अटैक के लक्षण अलग-अलग होते हैं?

नहीं, हार्ट अटैक का सबसे सामान्य लक्षण मैं आपको पहले ही बता चुका हूं कि, सीने में दर्द है। अब मान लीजिए कोई व्यक्ति पहले एक किलोमीटर तक बिना दर्द के चल लेता था मगर अब आधा किलोमीटर चलने पर भी उसे सीने में दर्द होने लगता है, तो ये दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति को सीढ़ियां चढ़ते समय या चलते हुए सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो ये भी हार्ट की बीमारी का संकेत है। अगर ऐसे व्यक्ति को डायबिटीज है, धूम्रपान करता है या मोटापा है, तो उसे सचेत रहना चाहिए।

प्रश्न 7- हार्ट अटैक के मरीज को अस्पताल पहुंचाने कैसे मदद करें?

हार्ट अटैक होने पर हर सेकंड कीमती है, क्योंकि हार्ट अटैक का मतलब है कि हर सेकंड में आपके हृदय की मांसपेशियां डैमेज हो रही हैं। इसलिए जैसे ही आपको लगे कि किसी व्यक्ति को या आपको हार्ट अटैक हो सकता है, तो सबसे पहले एक ग्लास पानी में एक एस्प्रिन की टेबलेट घोलें और इसे पी जाएं। ये दर्द कम करने के लिए नहीं है बल्कि खून को पतला करने के लिए है। इसके अलावा आप अपने नजदीकी सामान्य अस्पताल, क्लीनिक या डिस्पेंसरी में जाने में समय न खराब करें, बल्कि जितनी जल्दी हो सके नजदीकी हार्ट के अस्पलाल (हृदय रोग के लिए विशेष अस्पताल) में जाएं।

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प्रश्न 8- आजकल युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं, तो युवा इस बीमारी से कैसे दूर रह सकते हैं?

हार्ट अटैक से बचाव के लिए युवावस्था नहीं, बल्कि बचपन से ही कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे- घंटों बैठने और मोबाइल, लैपटॉप या टीवी देखने के बजाय घर से बाहर निकलें और थोड़ा घूमें या गेम खेलें, एरोबिक एक्सरसाइज करें, वॉकिंग करें, जिम जाएं, साइकिल चलाएं। इसके अलावा अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो आपको धूम्रपान छोड़ देना चाहिए। अगर आप एल्कोहल लेते हैं, तो बहुत ज्यादा न लें। पुरुषों को एक बार में 2 ड्रिंक्स और महिलाओं को 1 ड्रिंक से ज्यादा नहीं लेना चाहिए। अगर आप मोटे हैं और आपका बीएमआई 25 से ज्यादा है, तो अपना मोटापा घटाएं।

धन्यवाद डॉक्टर, हमें आशा है कि ये जानकारियां बहुतों को जिंदगी बचाने में मदद करेंगी।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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