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हाफ ब्रिज और फुल ब्रिज कैसे करें

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2016-06-20T00:00:00+5:30
ब्रिज योगासन ब्रिज के समान पोज़ करके किए जाते हैं। अगर आप हमेशा होने वाले कमर दर्द और मासपेशियों के खिंचाव से परेशान हैं तो ब्रिज योगासन आपके लिए रामबाण इलाज साबित होगा। ये थायरायड की बीमारी को भी दूर करने में कारगर है। साथ ही गर्भावस्था में इस योगासन को करने से गर्भावस्था और प्रसव में होने वाली कमर दर्द की तकलीफ से मुक्ति मिलती है। लेकिन गर्भावस्था के अंतिम महीनों में ये योगासन ना करें। इसके अलावा ये योगासन पीठ में अकड़न, कब्ज औऱ पेट के विकार को दूर करने में मदद करता है। इन ब्रिज योगासन में भी हाफ ब्रिज और फुल ब्रिज काफी महत्वपूर्ण हैं। इस योगासन को करने के लिए एक समतल जगह में दरी बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं। अब दोनों घुटनों को मोड़ दें। दोनों हाथों की हथेलियों को जमीन पर टिकाकर रखें। आप चाहें तो हाथों से एड़ियों को भी पकड़ सकते हैं। अब कमर के निचले हिस्से को सांस भरते हुए ऊपर उठाएं। जब शरीर को उठाएं तो उस पोज़िशन में थोड़ी देर के लिए रुकें। अब सांस को छोड़ते हुए धीरे-धीरे कमर को वापस जमीन पर टिकाएं। इस क्रम को 2 से 5 बार दोहराएं। ब्रिज योगासन करने कि विधि को विस्तार से जानने के लिए ये वीडियो देखें। इस वीडियो में मंटन-द फिटनेस लाउंज की जीएक्स मैनेजर ज्योतिका खजोटिया विशेष तौर पर तीस सकेंड में ब्रिज योगासन करने की विधि बता रही हैं। कौन ना करें - लेकिन हां, जिन लोगों को गर्दन में तकलीफ है या जिन लोगों को हमेशा चक्कर आते हैं वो ये योगासन ना करें।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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