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घुटनों के दर्द का निदान कैसे किया जा सकता है

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2016-10-06T00:00:00+5:30

आस्टियोऑर्थराइटिस, जिसे सामन्‍य भाषा में संधिवात भी कहा जाता है। इस प्रकार की समस्‍या अधिक उम्र के लोगों में अधिक वजन उठाने के कारण होता है। इसमें जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है। कुल्‍हा, घुटना, रीड़ आदि जगहों पर दर्द होता है। आस्टियोऑर्थराइटिस जोड़ों के अंदर की हड्डी के ऊपर गद्द‍ियां लगी होती है जिसे कार्टीलेज कहते हैं यह कार्टीलेज समाप्‍त होने पर हड्डियों में रगड़ लगने लगती है, इससे जोड़ों में दर्द और घुटनों में सूजन आ जाता है, जिससे चलना फिरना मुस्किल हो जाता है। इस स्थिति को आस्टियोऑर्थराइटिस कहा जाता है। अगर किसी को आस्टियोऑर्थराइटिस का कारण डेवलप हो गया है तो शुरूआत में ही इसे समझना चाहिए। ऐसे में हमें अपनी मांसपेशियों को मजबूत रखना चाहिए जिससे अगर गद्द‍ियां प्रभावित हो गई हैं तो मांसपेशियां बचाव कर लें। इस विडियो के माध्‍यम से घुटनों के दर्द का निदान करने का तरीका बता रहें हैं पार्क हॉस्पिटल के डॉक्‍टर देबाशीष चंदा-
ऐसे समय में फिजियोथैरेपी बहुत अच्‍छा माध्‍यम हो सकता है। इसके अलावा कुछ एक्‍सरसाइज भी हैं जिससे घुटनों के दर्द से राहत दिला सकती है। एक खास बात यह कि कभी घुटनों पर जोर नही देना चाहिए क्‍योंकि कार्टीलेज के घिसने के कारण ही दर्द होता है। एक्‍सरसाइज करने से पहले डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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