Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

गर्भावधि मधुमेह से बच्चे पर क्या असर पड़ता है?

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2015-08-19T00:00:00+5:30
गर्भावधि मधुमेह प्रेग्‍नेंसी के दौरान प्‍लेसेंटा से बनने वाले हार्मोन के कारण होती है। हालांकि यह समस्‍या गर्भावस्‍था के दौरान होती है इसलिए बच्‍चे पर इसका असर पड़ने की संभावना भी रहती है। लेकिन अगर यह अनियंत्रित हो तो बच्‍चे पर इसका असर पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। सामान्‍यतया जेस्‍टेशनल डायबिटीज गर्भधारण करने के 24 हफ्ते के बाद होती है। ऐसे में अगर इसमें लापरवाही बरती जाये तो ब्‍लड शुगर अनियंत्रित हो जाता है और इसका असर बच्‍चे पर पड़ता है। इसके कारण बच्‍चे का आकार बड़ा हो सकता है, क्‍योंकि बच्‍चे के पैंक्रियाज मां के ब्‍लड ग्‍लूकोज के हिसाब से इंसुलिन बनायेंगे, चिकित्‍सकीय भाषा में इसे मैक्रोसोमिया कहते हैं। बच्‍चे का आकार बढ़न से प्रसव में समस्‍या हो सकती है। इसके अलावा बच्‍चे के पैदा होते ही वह हाइपोग्‍लाइसीमिया में जा सकता है, यह इंसुलिन लेवेल बढ़ा रहता है ग्‍लूकोज की कमी होने से होता है। ऐसे में सीजेरियन की संभावना अधिक रहती है। इसके अलावा अगर ब्‍लड शुगर पहले 8 हफ्ते में बढ़ता है तो बर्थ डिफेक्‍ट होने की संभावना भी रहती है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK