• shareIcon

चॉकलेट और अल्टीमेट एडिक्शन

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / Oct 04, 2016

मीठा खाने से सेरोटोनिन रीलीज होता है जो हमें खुश महसूस कराता है। इसीलिए हम चॉकलेट खाते हैं। और जो मीठा खाने के शौकीन हैं उनके लिए तो चॉकलेट वरदान है। ऐसे लोगों को मिठाई की दूकान तक जाने की जरूरत नही क्‍योंकि चॉकलेट किसी भी दूकान में मिल जाते हैं। चॉकलेट को आप केवल पांच रूपए में खरीद सकते हैं। अगर आप तनाव या अवसाद में होते हैं तो चॉकलेट खा लेते हैं। लेकिन यह भी याद रखें कि चॉकलेट अपने साथ कई नुकसान भी लाता है। जैसे वजन बढ़ना, दांतों की समस्‍या और चॉकलेट समय पर नही मिले तो बेचैनी वाला तनाव, कुछ ऐसा है चॉकलेट और इसकी लत। तो फिर चॉकलेट खाएं तो लिमिट में खाएं, और कुछ इस तरह से खाएं।

 

  • कोशिश ये करें कि हमेशा डार्क चॉकलेट ही खाएं। यह दूसरे चॉकलेट के मुकाबले सही रहता है।
  • अवसाद के लिए चॉकलेट हल नही है बल्कि उसके कारण का पता लगाइए और फिर हल निकालिए।
  • एक्‍सरसाइज करें और चॉकलेट से आने वाली कैलोरीज को बर्न करें।
  • जैसे दीपिका पादुकोण हर रोज डार्क चॉकलेट का एक पीस खाकर सोती है। पर इसकी भरपाई वह जिम में एक्‍सरसाइज से करती हैं।
Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK