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बच्चों में यूटीआई

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2016-02-26T00:00:00+5:30
यूटीआई मतलब बार-बार बच्‍चे को पेशाब में इंफेक्‍शन होना। इसके बहुत सारे कारण हो सकते हैं, सबसे पहला कारण जन्‍मजात समस्‍याएं है। ऐसे में इंफेक्‍शन के बारे में जानने के लिए बच्‍चों के कुछ टेस्‍ट कराना बहुत जरूरी होता है। बार-बार यूरीन में इंफेक्‍शन होने पर यूरिनरी ब्‍लैडर, जिसे हम पेशाब की थैली कहते हैं, उसमें बदलाव आ सकता हैं। बार-बार यूरीन में इंफेक्‍शन होने पर क्रोनिक बदलाव ऊपर की तरफ बढ़कर किडनी पर असर कर सकते हैं। और जब क्रोनिकली किडनी इफेक्‍ट होगी, तो बार-बार यूरीन से किडनी तक इंफेक्‍शन पहुंचाता रहेगा। ऐसे में बच्‍चे को क्रोनिक किडनी बीमारी भी हो सकती है। इसलिए अगर बच्‍चे के यूरीन में बार-बार इंफेक्‍शन हो रहा है तो हमें यूरीन में इंफेक्‍शन का कारण पता होना चाहिए। जन्‍मजात समस्‍याओं के अलावा 3 से 5 वर्ष तक टॉयलेट ट्रेनिंग सही तरीके से न होने पर भी यह समस्‍या होती है क्‍योंकि ऐसे बच्‍चों को पेशाब करने का सही तरीका मालूम नहीं होता है। यूटीआई के लिए सबसे आम कारणों में कब्‍ज भी शामिल है। इसलिए बच्‍चे को कब्‍ज से बचाना चाहिए। इसके लिए पानी की अधिक मात्रा और फाइबर युक्‍त आहार दें। अगर फिर भी कब्‍ज ठीक नहीं होती तो डॉक्‍टर से सलाह लें। अगर लक्षणों से पता चलता है तो क्रोनिक डिजीज है तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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