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बच्चों में कैसे करें डिप्रेशन की पहचान

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2016-05-27T00:00:00+5:30
डिप्रेशन यानी तनाव केवल बड़ों में नहीं होता, इसके शिकार बच्‍चे भी होते हैं। बच्‍चे अगर डिप्रेशन में हैं तो इसका नकारात्‍मक प्रभाव उनके ऊपर अधिक पड़ता है। इसलिए जितनी जल्‍दी हो सके बच्‍चों में डिप्रेशन के असर को पहचानें और उसे उससे जितनी जल्‍दी हो सके बाहर निकालें। बच्‍चों में डिप्रेशन सबसे अधिक पढ़ाई के कारण होता है, इसके अलावा पीयर डिप्रेशन और लोगों के नकारात्‍मक व्‍यवहार के कारण डिप्रेशन होता है। बच्‍चों और बड़ों में डिप्रेशन के लक्षण लगभग सामान्‍य ही हैं। डिप्रेशन का असर सबसे पहले बच्‍चे के व्‍यवहार पर दिखेगा, और उसका व्‍यवहार और बात करने का तरीका बदल जायेगा। बच्‍चा खेलने में रुचि नहीं लेगा और अधिक रोयेगा, बच्‍चा अधिक बोलने के बजाय चुप रहना शुरू कर देगा। वह तेज से चिल्‍लाना भी शुरू कर देगा। अगर आपके बच्‍चे में ऐसे लक्षण दिखें तो दवा देने से पहले बच्‍चे को मानसिक रोग विशेषज्ञ के पास ले जायें। कई बार बिना दवा के यानी मानसिक थेरेपी से भी बच्‍चा ठीक हो जाता है। बच्‍चे में डिप्रेशन की पहचान करने के बारे में विस्‍तार से जानने के लिए इस वीडियो को देखें।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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