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अल्जाइमर डिजीज क्या है

Tips for ParentBy Onlymyhealth Editorial Team / 2016-06-07T00:00:00+5:30
अल्जाइमर एक प्रकार का मानसिक रोग होता है। सलाहकार न्यूरो मनोचिकित्सक डॉ के के शर्मा बताते हैं कि अल्जाइमर रोग पर कई फल्में बनी हैं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भी इसके बारे में बात की जाती है। आमतौर पर लगों की धारणा होती है कि अल्जाइमर एक भूलने की बीमारी है जो लोगों को उमर बढ़ने के साथ हो ही जाती है। क्षेत्रीय बोली में कहा भी जाता है कि बुढ़ापे में सठिया गए हैं। लेकिन डॉक्टर शर्मा के अनुार यह धारणा पूरी तरह से गलत है। भूल जाने की आदत जिमेंशिया से पूरी तरह अलग है और अल्जाइमर रोग डिमेंशिया के अंतर्गत ही आता है। साधारण तौर पर होने वाली भूलने की बीमारी के लक्षण डिमेंशिया के लक्षणों से पूरी तरह से अलग होते हैं। जैसे साधारण तौर पर होने वाली भूलने की समस्या से उलट अल्जाइमर के रोगियों के व्यवहार में बदलाव होने लगता है। अल्जाइमर के रोगियों में मानसिक बदलाव होने लगते हैं। तो अगर किसी व्यक्ति को 50 से 60 साल की आयु के बीच भूलने की अधिक समस्या हो रही है तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और एक बार मनोचिक्त्सक को दिखा लेना चाहिए ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि अल्जाइमर है या नहीं। क्योंकि अल्जाइमर के बढ़ जाने की स्थिति में इलाज मुश्किल होता है, शुरुआती दौर में ही इसे पकड़ लेने से इसके विकास को रोका जा सकता है। देखा गया है कि जानकारी के अभाव में रोगी अकसर देर से डॉक्टर के पास जाते हैं और तब तक स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है। तो बेहतर होता है कि शुरुआती लक्षम दिखाई देने पर ही डॉक्टर से संपर्क कर इसका इलाज कराया जाए।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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