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रीढ़ की हड्डी और गर्दन को स्वस्थ रखने के टिप्स

दर्द का प्रबंधन By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 04, 2014
रीढ़ की हड्डी और गर्दन को स्वस्थ रखने के टिप्स

अपने गर्दन और स्पाइन को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले अपने बैठने के तरीके में सुधार करें। इसके अलावा स्पाइन को नुकसान पहुंचाने वाली आदतों को पहचानें और उनमें सुधार करें।

Quick Bites
  • स्पाइन या रीढ़ की हड्डी की समस्या से बचने के लिए भारी सामान ना उठाएं।
  • खाने में पौष्टिक आहार और व्यायाम को शामिल करें।
  • अपने बैठने के तरीके में सुधार लाना जरूरी है।
  • जूतों का चुनाव सही तरीके से करें क्योंकि अधिक कसे हुए जूते स्पाइन के लिए नुकसानदेह हैं।

रीढ़ की हड्डी हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इसमें किसी प्रकार की समस्या होने से हम सहज महसूस नहीं करते हैं। रीढ़ की हड्डी और गर्दन में होने वाली समस्या के कई कारण हो सकते हैं। बढ़ता वजन या फिर मोटापा होने से रीढ़ की हड्डी पर काफी असर डालता है। यही नहीं जो लोग धूम्रपान करते हैं या फिर पीठ के सहारे भारी चीज उठाते हैं, उन्हें भी रीढ़ की हड्डी में समस्या होती है।


डॉक्टरों का मानना है कि अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो आप इस समस्या से बच सकते हैं। इसके लिए यह जरूरी है कि आप नियमित तौर पर व्यायाम करें। अगर आप अपने ऑफिस में कुर्सी पर करीब आठ घंटे बैठते हैं तो यह सुनिश्चित करें कि सही तरीके से बैठे। बैठते समय सिर और पीठ सीधी रखें। आपके जूते सही नाप के होने चाहिए। ज्यादा टाइट जूते भी आपके स्पाइन के लिए खतरनाक हो सकते हैं।

 

हर व्यक्ति अपने दिन का एक तिहाई समय अपने बिस्तर पर सो कर गुजारता है। ऐसे में यह जरूरी है कि आप जो गद्दा इस्तेमाल करते हैं, वह सही हो। इसके अलावा आपका आहार भी पौष्टिक होना चाहिए। दिन में कम से कम तीन बार खाना जरूर खाना चाहिए ताकि आप पूरी तरह से स्वस्थ्य रहें। इसके अलावा यह जरूरी है कि आप सिगरेट न पीएं। यह भी सीधा रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है। अगर आप इन बातों का ध्यान रखें तो आपकी रीढ़ की हड्डी पूरी तरह से स्वस्थ्य रह सकती है।

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अधिक तकिये का इस्तेमाल करें

आप एक तकिया अपने सिर के नीचे लगायें जो कि आपकी गर्दन और सिर को आराम देगा और दूसरा तकिया पीठ के नीचे लगाना चाहिए जो कि शरीर के निचले हिस्से को आराम प्रदान करेगा। यदि आपको करवट लेकर सोने की आदत है तो एक नियमित आकार के तकिये को अपनी दोनों टांगों के बीच में लगाने की सलाह दी जाती है। यदि आप पेट के बल सो रहे हैं तो एक छोटा तकिया अपनी पीठ के निचले हिस्से में लगायें, यदि आप पेट के बल सो रहे हैं तो छोटे तकिये को पेट के और कमर के निचले हिस्से में लगायें।


गर्म पट्टी प्रयोग करें

जकड़न को दूर करने के लिए गर्दन और पीठ पर गर्म पट्टी प्रयोग करें गर्दन और पीठ पर गर्म पट्टी प्रयोग करने से कसी हुई मांसपेशियाँ ढीली होंगी और जकड़न से छुटकारा मिलेगा।


पानी में सेंधा नमक मिलाकर नहाएं


पूरे दिन काम करने के बाद गर्म पानी में 1-2 कप सेंधा नमक मिलाकर स्नान करने से ना केवल तनाव दूर होता है बल्कि यह जकड़न भी दूर करता है। यह तनाव और जकड़न को कम करने में मदद करता है जो कि दोनों ही पीठ दर्द के मुख्य कारण हैं।

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लैपटॉप पर संभल कर काम करें 

किताबों को लैपटॉप के नीचे रखने से लैपटॉप के लेवल को गर्दन और सिर से ऊपर रखने में मदद मिलेगी। यह कई घंटों तक लैपटॉप पर बैठें रहने पर भी बॉडी को सही मुद्रा में बनाये रखने में मददगार होगा।


सही मुद्रा में उठे-बैठें

शरीर को सही मुद्रा में बनाये रखने से पीठ दर्द को कम करने में मदद मिलती है और यह भविष्य में होने वाले पीठ दर्द को भी रोकता है। इसके आलावा शरीर का सही हाव भाव और मुद्रा आपको अच्छा और कॉंफिडेंट दिखाने में भी मदद करता है। अपने हाव भाव का ध्यान रखना एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की भांति है जो कि आपके हाव भाव को सही रखता है और आपको सजग रखता है।


काम के बीच में ब्रेक लें

यदि आपका ऑफिस जॉब है जहाँ आपको कंप्यूटर के सामने कई घंटों तक बैठना पड़ता है तो यह जरूरी है कि आप नियमित अन्तराल से ब्रेक लें इससे शरीर के लगातार बैठने पर अभ्यास पर ब्रेक लगेगा। यह सलाह दी जाती है कि आप काफी मात्रा में पानी पियें जिससे आपको बार - बार बाथरूम जाना पड़ेगा जो कि अच्छा है, इसके आलावा खाने के बाद एक छोटी वाक पर जाएँ , और ऑफिस में दूसरी तरफ बैठे अपने दोस्त के पास एक चक्कर लगा आयें।


हलासन करें

इस आसन के अभ्यास की स्थिति में आसन करने वाले व्यक्ति का आकार हल के समान होता है, इसलिए इसे हलासन कहते हैं। अगर आप दिनभर ऑफिस में बैठ कर काम करते हैं और आपकी गर्दन और पीठ हमेशा अकड़ी रहती है तो यह आसन उसे ठीक कर सकता है। शास्त्रों के अनुसर जिस व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी जितनी मुलायम व लचीली होगा व्यक्ति उतना ही स्वस्थ एवं लम्बी आयु को प्राप्त करेगा।

 

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Written by
Anubha Tripathi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMar 04, 2014

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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