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सीने में जलन पैदा करते हैं आपके ये 7 पसंदीदा फूड

हार्टबर्न एक दर्दनाक स्थिति है, इसके लक्षणों में सीने में जकड़न, बेचैनी और दर्द महसूस शामिल है। कुछ प्रकार के आहार और खाने की मात्रा से हार्टबर्न की समस्‍या बढ़ने लगती है। इसलिए इस समस्‍या से बचने के लिए आपको इस समस्‍या में योगदान देने वाले आहार के ब

स्वस्थ आहार By अतुल मोदी / Mar 09, 2018

क्‍यों होता है सीने में जलन

हार्टबर्न एक दर्दनाक स्थिति है, यह समस्‍या हर हफ्ते लगभग 20 प्रतिशत आबादी को प्रभावित करती है। हार्टबर्न के लक्षणों में सीने में जकड़न, बेचैनी और दर्द महसूस होता है। हार्टबर्न एसिड रिफ्लक्‍स के कारण होता है, ऐसा तब होता हे जब पेट का एसिड इसोफैगस में चला जाता है। इससे इसोफैगस की अंदरूनी परत नष्ट हो जाती है। अगर आपको अक्‍सर हार्टबर्न का अनुभव होता है तो इसे समस्‍या को एसिड रिफ्लक्‍स या गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्‍स डिजीज कहते है। आहार का प्रकार और खाने की मात्रा एसिड रिफ्लक्‍स का कारण बन हार्टबर्न की समस्‍या बढ़ा सकता है। इसलिए इस समस्‍या से बचने के लिए आपको इस समस्‍या में योगदान देने वाले आहार के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी होता है। आइए हार्टबर्न का कारण बनने वाले ऐसे ही कुछ आहार के बारे में जानें।

तला हुआ आहार

हार्टबर्न से पीड़ि‍त लोगों के लिए वसायुक्‍त आहार बहुत नुकसानदेह होता है। हालांकि तले हुए खाद्य पदार्थ खस्‍ते लगते हैं लेकिन इसमें तेल की कोटिंग बरकरार रहती है। फैट से भरपूर आहार पेट और इसोफैगस में दबाव डालने के कारण पचने में लंबा समय लेते है। इससे कारण पेट अधिक समय तक भरा हुआ महसूस होने के कारण हार्टबर्न का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए तले हुए आहार से बचें।  

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चॉकलेट

चॉकलेट मांसपेशियों को आराम पहुंचता है जो पेट के अम्‍ल को प्रतिवाह को नियंत्रित करता है जिसे रिफ्लक्‍स कहते है। चॉकलेट के कारण लेस लंबे समय तक खुला रहता है। इससे पेट के अम्‍ल को ऊपर रिसने का मौका मिलता है जिससे हार्ट बर्न की समस्‍या होती है। कुछ विशेषज्ञों का मानना हे कि चॉकलेट में कैफीन की मौजदूगी मुख्‍य समस्‍या है। एक आधा औंस बार डार्क चॉकलेट में 20 मिलीग्राम कैफीन होता है।

टमाटर

टमाटर, ताजा या डिब्‍बाबंद दोनों ही हार्टबर्न का प्रमुख कारण होते हैं। हालांकि टमाटर अविश्‍वसीय रूप से स्‍वस्‍थ सब्‍जी है लेकिन इसमें प्राकृतिक रूप से एसिड बहुत ज्‍यादा होता है। यह पेट को खराबी पैदा कर भोजन पचाने के समय एसिड रिफ्लक्‍स का कारण बन सकता हे। इसलिए खाना पकाने में इस्‍तेमाल टमाटर से सावधान रहें। एक स्वादिष्ट पास्ता सॉस रात के समय खाना आपके लिए परेशानी का सबब हो सकता है। इसके अलावा आपको केचप और साल्सा में बहुत अधिक टमाटर और एसिड पर भी विचार करना चाहिए।

खट्टे फल

खट्टे फल का नाम सिट्रिक एसिड के नाम से निकला है। सिट्रिक फल और उनका जूस दोनों ही हार्ट बर्न का कारण होते है क्‍योंकि यह पेट में एसिड के उत्‍पादन में वृद्धि करते है। नींबू अन्‍य किसी भी सिट्रिक फल की तुलना में सबसे अधिक सिट्रिक होता है। ग्रेपफूट में संतरे के रस की तुलना में अधिक होता है। पाइनएप्‍पल भी इसी सूची में आता है। इसके अलावा, ऐसे साफ्ट ड्रिंक से भी बचें जिनमें सिट्रिक एसिड होता है।

मिंट

मिंट टी और कैंडीज पेट को सही रखने के लिए जानी जाती है, लेकिन यह जड़ी-बूटी हार्टबर्न को और भी खराब कर देती है। मिंट में नमिंग प्रभाव इसोफैगिल को आराम पहुंचाकर, पेट के एसिड को इसोफैगस पर हमला करने के लिए उकसाता है। अगर आप प्राकृतिक तरीके से हार्टबनर् का इलाज करना चाहते हैं तो मिंट की जगह अदरक पर विचार करें।  

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कॉफी

पूरा दिन कॉफी पीने से भी हार्टबर्न की समस्‍या हो सकती है। काफी में एसिड की उच्‍च मात्रा होती है, जो आपके एसिड रिफ्लक्‍स को बढ़ा सकती है। कैफीन से भरपूर कोई भी ड्रिंक पीने से आपको हार्टबर्न की समस्‍या हो सकती है। कैफीन एसोफैगल को आराम पहुंचाकर पेट के एसिड के जरिये शरीर को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि कैफीन मुक्त कॉफी में एसिड अधिक होती है लेकिन आप कैफीन से सुरक्षित होते हैं। यहां पर मॉडरेशन आपके लिए कुंजी की तरह है; आप अपनी कॉफी का मजा लें लेकिन पूरा दिन पीने से बचें।

लहसुन

हार्टबर्न से पीड़ि‍त लोगों के लिए लहसुन और प्‍याज बहुत नुकसान करता हैं। कई लोग लहसुन को एक स्‍वस्‍थ्‍यप्रद भोजन मानते हैं और पेट में परेशानी होने पर लहसुन खाने की सलाह देते है। लेकिन अगर आप हार्टबर्न की समस्‍या से ग्रस्‍त हैं तो इसके लक्षणों से बचने के लिए आपको अपने आहार से लहसुन और प्‍याज को दूर रखने का प्रयास करना चाहिए। इसकी बजाय भोजन में मसाला और स्‍वाद बढ़ाने के लिए आपको अन्‍य जड़ी बूटियों का इस्‍तेमाल करना चाहिए।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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