Ganesh Chaturthi 2019 : भगवान गणेश को खुश करने के लिए इन 4 तरीकों से लगाएं भोग, जानें बनाने की विधि

गणेश चतुर्थी के खास दिन पर भगवान गणेश को नैवेघ अर्पण करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। आज हम आपके लिए भगवान गणेश के लिए सरल नैवेघ अर्पण व्यंजनों की सूची लेकर आये है। तो देर किस बात की आप भी अपने घर पर आने वाले गणपति बप्‍पा को खुश करने के लिये ये रेसिप

त्‍यौहार स्‍पेशल By Jitendra Gupta / Sep 02, 2016
गणेश चतुर्थी का महत्व

गणेश चतुर्थी का महत्व

गणेश चतुर्थी को पूरे भारत में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी विशेष रूप से दक्षिण भारत में मनाया जाता है, पहले दिन गोवरी के स्वागत के लिए (या गोवरी महोत्सव) और अगले दिन गणेश जी के स्‍वागत के लिए, गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। इस खास दिन पर भगवान गणेश को नैवेघ अर्पण करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इसलिए हम आपको सरल नैवेघ अर्पण व्यंजनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आसानी से गणेश चतुर्थी के अवसर के लिए तैयार किया जा सकता है। आमतौर पर इस त्‍योहार में लड्डू बनाये जाते हैं। इसके अलावा, कई अन्‍य स्‍वीट रेसिपी भी आप नैवेघ अर्पण के रूप में भगवान को अर्पण कर सकते हैं।

पूरन पोली

पूरन पोली

पूरन पोली इस त्‍योहार की सबसे महत्‍वपूर्ण डिश है। यह एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है। आप विभिन्‍न प्रकार की पूरन पोली व्‍यंजन ट्राई कर सकते हैं। लेकिन मुख्यत चने की दाल की पूरन पोली ही अधिक प्रचलित है। पूरन पोली को बनाना भी बहुत आसान है और इसे आप 2-3 दिन तक रख कर खा सकते हैं।

  • पूरन पोली बनाने के लिए 2 कप गेंहू का आटा, 2 चम्‍मच तेल और एक कप पानी और पूरन मिश्रण के लिए 1 कप तुवर दाल, 1 कप चीनी 1 छोटा चम्‍मच इलाइची पाउडर की जरूरत होती है।
  • पूरन पोली बनाने के लिए एक बाउल में गेंहू का आटा लेकर उसमें थोडा तेल डालिए। अब थोडा-थोडा गुनगुना पानी डालते हुए आटा गुंथ लीजिये।
  • पूरन मिश्रण बनाने के लिए तुअर दाल को अच्छे से धोकर प्रेशर कुकर में 10 मिनट के लिए उबालें। फिर एक कढाई में तुअर दाल और चीनी डालकर अच्छे से मिला लें।
  • अब इसमें इलाइची पाउडर डालकर मिला ले। पूरन मिश्रण को ठंडा होने दें। पूरन पोली बनाने के लिए आटे की लोई में पूरन मिश्रण मिलाकर इसे रोटी की तरह बेल लें। फिर इसे तवे पर दोनों तरफ से पकायें। 
गुड़ की खीर

गुड़ की खीर

गणेश चतुर्थी के मौके पर आप गुड़ के चावल की खीर जैसे सरल रेसिपी भी बना सकते हैं। सामग्री: दूध 1 लीटर, 50 चावल, 150 ग्राम कूटा हुआ गुड़, 4 कुटी हुई छोटी इलायची, 10-12 भीगे और कसे हुए बादाम, थोड़ा सा केसर।

 

  • सबसे पहले दूध को एक अच्छे से उबाल दें। बीच-बीच में चलाते रहें ताकि दूध जलने न पाएं। जब दूध में उबाल आ जाए तब चावल डालें और दोबारा एक उबाल आने दें।
  • फिर, धीमी आंच पर कुछ देर तक पकाएं। इसी दौरान, दूसरे बर्नर पर धीमी आंच पर आधा कप पानी में गुड़ घोलें। एक इसमें एक उबाल आने दें और 2-3 मिनट तक पकाएं।
  • अब ठंडा करें और छान लें।
  • दूसरी तरफ चावल जब अच्छी तरह पक जाए और दूध गाढ़ा हो जाए तब इलायची डालकर एक मिनट और पकाएं। आंच से उतारकर ठंडा करें। फिर इसमें गुड़ मिश्रण मिलाएं और सर्विंग डिश पर पलट दें।
  • अब इसे अपने अनुसार केसर और बादाम से सजाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें।

 

मीठा पोंगल

मीठा पोंगल

मीठा पोंगल सिर्फ संक्रांति के लिए तैयार नहीं होता है। बल्कि यह एक सरल रेसिपी गणेश चतुर्थी उत्सव नैवेघ अर्पण के लिए भी तैयार की जाती है।

  • मीठी पोंगल सामग्री- छोटे चावल- 1/2 कप मूंग दाल- 3 चम्‍मच गुड- 3/4 कप पानी- 4 कप घी- 3 चम्‍मच किशमिश- 12 काजू- 10 दालचीनी- 2 लौंग- 2 खाने वाला कपूर- चुटकीभर 
  • पोंगल की रेसिपी की विधि - चावल को धोकर लें‍ फिर एक प्रेशर पैन में 1 चम्‍मच घी डालें।
  • उसमें मूंग दाल डाल कर भूरा होने तक फ्राई करें। फिर 3 चम्‍मच पानी और धुला हुआ चावल डालें। इसे तब तक पकाएं जब तक कि चावल और दाल पक ना जाएं।
  • तब तक एक दूसरे पैन में गुड और 1 कप पानी डालें। इसे तब तक उबालें जब तक कि गुड सामान्‍य ना हो जाए। अब कुकर खोल कर उसमें गुड वाला मिश्रण, इलायची, लौंग और कपूर डाल कर मिक्‍स करें।
  • आप चावल को 5 मिनट मिक्‍स करने के बाद और पका लें। एक दूसरे पैन में किशमिश और काजू को फ्राई कीजिये और पोंगल में डाल दीजिये। गरम गरम सर्व कीजिये।
कज्‍जाया

कज्‍जाया

लड्डू और कज्‍जाया को गणेश का मनपसंद व्‍यंजन माना जाता है और गणेश चतुर्थी को यह भेंट में चढ़ाया जाता है। कुछ लोगों का मानना है कि नैवेघ अर्पण के लिए कज्‍जाया तैयार करना मुश्किल होता है। लेकिन यहां दिये उपायों की मदद से आप इस रेसिपी को आसानी से बना सकते हैं। सामग्री- चावल का आटा- 2 किलो गुड- 1 किलो तिल- 100 ग्राम घिसा नारियल- 3 चम्‍मच पानी- 1/4 लीटर तेल। 

  • 2 कप चावल का पाउडर लें। अब एक कढाई में 1/4 लीटर पानी डाल कर उसमें 1 किलो गुड डालें। इसे उबाल कर सीरप तैयार करें।
  • जब गुड का सीरप तैयार हो जाए तब उसमें घिसा हुआ नारियल मिलाइये। अब धीरे धीरे करके इसमें चावल का आटा मिलाइये और लगातार चलाइये।
  • अब गैस की आंच को बंद कर दीजिये और इसमें तिल मिलाइये। अब इसे ठंडा होने दीजिये।
  • जब मिश्रण ठंडा हो जाए तब इसके छोटे-छोटे बॉल्‍स बना लें। दबा कर पूरी जैसा आकार दें। अब कढाई में तेल गर्म करें, इन पूड़ियों को तब तक तले जब तक की यह भूरी ना हो जाएं। इसके बाद इसे सर्व करें या फिर इसे डिब्‍बे में बंद कर के कई दिनों तक चलाएं।
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