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इन 7 कारणों से वर्कआउट पार्टनर बनाना जरूरी

नियमित वर्कआउट से आप खुद को फिट रख सकते हैं, लेकिन अकेले वर्कआउट करने में आपको आलस तो आता ही है, साथ ही निर्धारित लक्ष्‍यों को पूरा नहीं कर पाते, ऐसे में वर्कआउट पार्टनर आपका न केवल साथ निभाता है बल्कि आपकी कमियां दूर करने में सहयोग करता है।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Nachiketa Sharma / Jan 28, 2015

वर्कआउट के लिए दोस्‍ती करें

नियमित वर्कआउट करके आप खुद को फिट रखते हैं और शरीर को बीमारियों से भी बचाते हैं। आप अक्‍सर वर्कआउट के लिए शेड्यूल बनाते हैं, लेकिन उसका अनुसरण नहीं कर पाते हैं, क्‍योंकि आप अकेले होते हैं। ऐसे में अगर कोई साथी मिल जाये तो आपकी वर्कआउट की दिनचर्या प्रभावित नहीं होती है और आप उसके साथ नियमित रूप से वर्कआउट करते हैं। तो अपनी वर्कआउट की दिनचर्या को निरंतर रखने के लिए वर्कआउट पार्टनर बनाना जरूरी है। आगे के स्‍लाइडशो में जानें वर्कआउट पार्टनर आपके लिए जरूरी क्‍यों है।

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वर्कआउट शुरू करने में आसानी

वर्कआउट के लिए अगर आपके साथ कोई पार्टनर है तो आपको नया वर्कआउट करने में कोई समस्‍या नहीं होती है, क्‍योंकि आपके साथ एक पार्टनर है जो या तो इसके बारे में जानता है या फिर इसका अभ्‍यास पहले से ही कर रहा है। इसके अलावा आप नये-नये वर्कआउट के बारे में जानकारी भी पार्टनर के जरिये हासिल कर लेते हैं और इनको अपने वर्कआउट में शामिल भी कर लेते हैं।

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वर्कआउट से बच नहीं सकते

वर्कआउट के लिए पार्टनर बनाने का सबसे अधिक फायदा यही होता है कि आप चाहकर भी वर्कआउट से बच नहीं सकते हैं। अगर आपका मूड भी न हो तो आपका पार्टनर आपको वर्कआउट करने के लिए उकसाता है। इसके अलावा आप वर्कआउट का कोई भी सेशन नहीं छोड़ सकते हैं, क्‍योंकि आपके हर सत्र पर आपके पार्टनर की नजर होती है।

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दिनचर्या बन जाना

आपकी दिनचर्या रोज एक ही जैसी है, लेकिन फिर भी अकेला होने के कारण आप वर्कआउट से बच जाते हैं। लेकिन अगर आपके साथ आपके दोस्‍त भी हैं तो वर्कआउट आपकी दिनचर्या बन जाती है। आप खुद से दोस्‍तों के साथ समय का निर्धारण कर लेते हैं और उसी हिसाब से अपनी दिनचर्या भी बना लेते हैं।

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नियमित प्रगति का पता चलता है

हालांकि आपके पास एक ट्रेनर है जो आपको वर्कआउट के दौरान होने वाले प्रगति के बारे में जानकारी देता है, वह आपको गुमराह भी कर सकता है। लेकिन अगर आपका कोई दोस्‍त इसमें आपके साथ है तो वह न केवल आपकी प्रगति को देखता है, बल्कि वर्कआउट के जरिये होने वाली सही फायदों के बारे में भी बताता है। वह आपकी गलतियों को भी बताता है।

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वर्कआउट जुनून बन जाता है

आपके आगे आपका साथी दौड़ रहा है और वह आपसे अधिक मेहनत कर रहा है, उसे देखकर आप प्रोत्‍साहित होते हैं। यह आपको उकसाने के लिए पर्याप्‍त है, और व्‍यायाम के लिए इससे अच्‍छी प्रेरणा आपको और क्‍या मिल सकती है। अपने पार्टनर को देखकर आप और तेजी से वर्कआउट करते हैं और उसका परिणाम आपके सामने होता है।

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कंपटीशन से हमेशा सुधार होता है

जिस जगह पर प्रति‍स्‍पर्धा होती है उसमें भाग लेने वाले इनसान में सुधार होना स्‍वाभाविक है, यह आपके व्‍यक्तित्‍व को भी निखारता है। यही बात वर्कआउट के सयम भी लागू होती है, आपके साथी आपसे अधिक मेहनत करते हैं और उन सबके बीच वर्कआउट का फायदा उठाने की होड़ मच जाती है। ऐसे में आप वर्कआउट पर अधिक जोर देते हैं। लेकिन अगर आप यही वर्कआउट अकेले करते हैं तो इतनी मेहनत भी नहीं करते।

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लक्ष्‍य पायें और खुश रहें

व्‍यायाम के दौरान अगर आप अकेले कोई लक्ष्‍य निर्धारित करते हैं तो उसे पाने के लिए आप अथक प्रयास नहीं करते हैं, क्‍योंकि यहां पर प्रतिस्‍पर्धा नहीं है और न ही इसके लिए आपको कोई चुनौती देने वाला होता है। ऐसे में अगर कोई साथी आपके साथ वर्कआउट करता है तो उससे आपको चुनौती मिलती है और उसे पाने के बाद इसका आनंद भी आप साथ ही मनाते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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