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सेक्स के मामले में बुद्धू बनाना है मुश्किल

कई बार कंफ्यूज़न सेक्स का सही आनंद लेने में भी मुश्किल पैदा कर देते है, और लोग साथी को आनंद लेने का बहाना कर बुद्धू बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन उसे सब पता होता है।

सभी By Rahul Sharma / Sep 30, 2014

सेक्स में प्रदर्शन

सेक्स को लेकर लोगों के मन में कई तरह के भ्रम रहते हैं। कई बार यही कंफ्यूजन सेक्स का सही आनंद लेने में भी मुश्किल पैदा कर देते है। जिसके चलते लोग सेक्स के दौरान अपने साथी को आनंद लेने का बहाना कर बुद्धू बनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन सेक्स के मामले में बुद्धू बनाना वास्तव में मुश्किल होता है। इसमें तो प्रदर्शन ही मायने रखता है।
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साथी को होता है मालूम

यदि आप सेक्स के दौरान आनंद लेने का बहाना करते हैं तो, मुमकिन है कि आपके साथी को इस बात का पूरा आभास हो। यौन व्यवहार संबंधी शोध के अनुसार आपका साथी यह भांप सकता है कि आप अपने सेक्स जीवन से कितने संतुष्ट हैं।  
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शोध के परिणाम

ओंटारियो स्थित वाटरलू विश्वविद्यालय द्वारा किये एक शोध में 84 लंबी अवधि से साथ विषमलैंगिक जोड़ों से कई प्रश्नावली भरवा कर देखा में देखा कि ये जोड़े अपने साथी की यौन संतुष्टि या उसके अभाव को मापने में काफी अच्छे थे। और ये क्षमता पुरुषों और महिलाओं दोनों में समान रूप से थी।
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दर्द का नाटक

दर्द हमेशा तकलीफ देता है मजा नहीं। लेकिन कुछ मर्द का ऐसा मानना होता है कि यदि सेक्स के दौरान महिला को जितना दर्द होगा या वो जितना करहायेगी उसे उतना आनंद आयेगा। लेकिन यह गलत सोच है। शोध बताते हैं कि काफी सारी महिलाएं सिर्फ पार्टनर को उत्तजित करने और माहौल बनाने के लिए आवाजें निकालती हैं। लेकिन उन्हें वास्तविकता का पता होता है।  
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कोमार्य का मिथ

कोई लड़की वर्जिन है या नहीं, इसका पता दो ही तरीकों से चल सकता है। या तो वह प्रेगनेंट हो चुकी हो या फिर वह खुद इस राज़ का खुलासा करे। एक सेफ हाइमन कभी भी वर्जिनिटी का सबूत नहीं हो सकती। आज के समय में एक छोटा सा ऑपरेशन कराने से भी आर्टिफिशल हाइमन लगाई जा सकती है।
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साथी को पता हैं फैक्ट्स

फैक्ट्स कहते हैं कि केवल 42 प्रतिशत महिलाओं को ही पहले इंटरकोर्स के दौरान ब्लीडिंग होती है। इसलिए यह कहना बेमानी है, कि पहली बार ब्लीड करने का मतलब वर्जिन होना ही है।
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सिर्फ में ही सेक्स के बारे में सोचता हूं

पुरुष के दिमाग में हमेशा सेक्स रहता है, ऐसा सच नहीं। कुछ रिसर्च बताते हैं कि से सिर्फ 15 फीसदी मर्द ही दिन भर में कई बार सेक्स के बारे में सोचते हैं। सेक्स के बारे में कल्पना करने में महिलाएं ही आगे हैं। 19 प्रतिशत महिलाएं रोज कई बार सेक्स के बारे में कल्पना करती हैं, 67 प्रतिशत हफ्ते में और मात्र 14 प्रतिशत महीने में सेक्स के बारे में सोचती हैं।
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और अंत में

हर कोई सेक्‍स का आनंद अपने तरीके से लेता है। सेक्स में कुछ चीजे जिन्हें आप पसंद करते हैं, जरूरी नहीं आपका पार्टनर भी उसकाआनंद ले पाता हो। इसलिए सेक्स कम्यूनिकेशन को बढ़ाएं और खुल कर एक दूसरे की पसंद पर बात करें और फिर अमल में लाएं।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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