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स्नूज़ बटन करता है आपकी नींद को बर्बाद

नींद विशेषज्ञों का मत है कि कुछ और पल नींद की इच्छा के चलते बार-बार स्नूज़ बटन को दबाना थकान भरी सुबह का कारण बनता है और विश्राम का प्रभाव भी महसूस नहीं करने देता है।

तन मन By Rahul Sharma / Oct 28, 2014

स्नूज़ बटन करे नींद को बर्बाद

हो सकता है कि कुछ लोगों को अलार्म घडी का स्नूज़ बटन, सर्वशक्तिमान सोमवार की सुबह को सही समय पर उठने के लिए एक उपहार की तरह लग सकता है, लेकिन कई नींद विशेषज्ञों का मत है कि कुछ और पल नींद की इच्छा के चलते बार-बार स्नूज़ बटन को दबाना थकान भरी सुबह का कारण  बनता है और विश्राम का प्रभाव भी महसूस नहीं करने देता है। चलिये जानें कैसे और क्यों स्नूज़ बटन आपकी नींद को बर्बाद करता है।
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अब और न दबाएं स्नूज़ बटन

हम में से अधिकांश लोग सुबह को अलार्म की आवाज के साथ होने वाली हताशा की भावना से परिचित हैं। ऐसे में शरीर जैसे आराम के कुछ और पलों की मांग करता है, और हम स्नूज़ बटन को दबा दाते हैं। लेकिन एक शोध में सामने आया है कि स्नूज़ बटन का प्रयोग सेहत के लिए सही नहीं है।
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लॉफबोर्फ विश्वविद्यालय का शोध

अध्ययन दो साल तक लॉफबोर्फ विश्वविद्यालय चले अध्ययन के शोधकर्ताओं के मुताबिक, ऐसा इसलिए है क्योंकि इससे शरीर की प्राकृतिक घड़ी की नैसर्गिक लय बिगाड़ जाती है और फिर ये समस्या दिनों-दिन बढ़ती ही जाती है।
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क्या है विकल्प

अध्ययन का नेतृत्व करने वाले प्राध्यापक केविन मॉर्गन इस संदर्भ में बताते हैं कि, "अनिद्रा के शिकार लोगों के लिए भी बेहतर होगा कि थोडा ज़्यादा पल सोने का मोह छोड़ दें और बिस्तर पर पड़े रहने के बजाय (स्नूज़ बटन का प्रयोग) सुबह एक ही समय पर उठने की आदत डालें।
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खुद से उठने का लाभ

शोध में बताया गया कि अनिद्रा के शिकार लोग अपने साथियों की तुलना में काम करने में लगभग दस प्रतिशत तक कम सक्षम होते हैं। इस शोध में एक हजार से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया था। इस आधार पर आलस त्याग कर जल्दी उठने की आदत डालना ही सेहत के लिए सबसे फायदेमंद होता है।
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स्नूज़ बटन के आदी बने लोग

यह कहना गलत न होगा कि आज-कल बिस्तर से बाहर आने से पहले स्नूज़ बटन के प्रयोग का अभ्यास आम हो गया है। अमेरिका में हुए शोध में पाया गाया कि एक तिहाई से अधिक अमेरिकी वयस्क प्रत्येक सुबह उठने से पहले कम से कम तीन बार दिन स्नूज़ बटन दबाते हैं। वहीं 25 से 34 की आयु के बीच के लगभग आधे अमरीकी लोग रोज़ स्नूज़ बटन का प्रयोग करते हैं।
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कड़वा है पर सच है

अलार्म घड़ी के स्नूज़ बटन पर निर्भरता वास्तव में हमें और अधिक थका महसूस करा सकती है। खासतौर पर रात को बहुत कम नींद लेने से बाद, सुबह को स्नूज़ बटन का प्रयोग उठने में कोई मदद नहीं करता। सुबह में ये पांच अतिरिक्त मिनट रेम (REM) नींद के पांच मिनट की तुलना में बिल्कुल लाभप्रद नहीं होते हैं।
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कैसे होता है नुकसान

स्नूज़ बटन को दबाने के बाद मिले पांच मिनट किसी प्रकार से लाभदायक नहीं होते। ब ल्कि इसका प्रयोग से हमारे सिरकाडियन (circadian) लय को बाधित हो सकती है, और उठना और भी मुश्किल हो सकता है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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