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समय से पूर्व जवानी की दहलीज पर कदम रख रही हैं लड़कियां

आज बदलते युग में सब कुछ तेजी से बदल रहा है। देखा जा रहा है कि लड़कियां भी अब जवानी के दहलीज पर बहुत जल्दी पहुंच रही हैं और उन पर यौवन दस साल की उम्र में आता दिखाई दे रहा है।

महिला स्‍वास्थ्‍य By Rahul Sharma / Feb 13, 2015

समय से पहले आता यौवन

आज के बदलते युग में सब कुछ तेजी से बदल रहा है। देखा जा रहा है कि लड़कियां भी अब जवानी के दहलीज पर बहुत जल्दी पहुंच रही हैं और उन पर यौवन दस साल की उम्र में ही दिखाई दे रहा है। आमतौर पर जो यौवन 12 से 13 साल की उम्र में आता था अब वह वक्त से बहुत पहले ही आ जा रहा है। इसके कई संभव कारण बताए जा रहे हैं। तो चलिये जानते हैं क्यों समय से पूर्व जवानी की दहलीज पर कदम रखने लगी हैं लड़कियां।
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क्या होता है "यौवनारम्भ"

यौवनारम्भ वह समय होता है, जब शरीरपरक एवं यौनपरक लक्षण विकसित हो जाते हैं। ऐसा हॉरमोन में बदलाव के कारण होता है। ये बदलाव ही प्रजनन के योग्य बनाते हैं। यौवन के साथ ही लड़कियों की महावारी की भी शुरुआत हो जाती है। इसके शुरू होने पर महीने में एक बार 2 से 3 दिन तक उनकी यौनी से रक्त स्त्राव होता है।
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यौवन का समय

हर किसी लड़की में यह अलग समय पर शुरू होता है और अलग अवधि तक रहता है। जल्द से जल्द 10 वर्ष की आयु और अधिक से अधिक 13 से 14 वर्ष की आयु तक यह शुरू हो जाता है। कुछ लड़कियों में उनकी हम उम्र दूसरी लड़कियों में यौवन के शुरू होने से पहले ही यौवन विकास पूरा भी हो जाता है।
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खान-पान व रहन-सहन हो सकता है वजह

एक शोध के अनुसार खान-पान और रहन-सहन में नकारात्मक बदलाव से भी लड़कियों में यौवन समय से पहले आने लगा है। लेकिन यह बात एक समस्या की ओर इशारा कर रही है जो कि चिंताजनक भी है। इस शोध के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर सुसान और जॉर्ज पैटन के अनुसार यौवन का जल्दी आ जाना एक शारीरिक घटना है जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इससे भविष्य में मेंटल डिसऑर्डर जैसी गंभीर बिमारियां होने के भी संकेत मिलते हैं।
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क्या कहते हैं डॉक्टर

इसी विषय से डॉक्टर भी सहमत हैं और उनका कहना है कि पहले लड़कियों के मां बाप से उम्र के तेरहवें साल में लड़कियों को मासिक चक्र (मेन्स्ट्रुअल सायकिल) की जानकारी देते थे, लेकिन इस बदलाव के कारण हम उन्हें 10 साल की उम्र में ही उनको इस तरह की जानकारी देने को कहते हैं।
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और भी हैं कारण

लड़कियां अब समय से पहले जवान होने लगी हैं, क्योंकि बदलती जीवनशैली, फास्‍ट फूड कल्‍चर, मीडिया की सक्रियता आदि उन्हें इस दिशा में प्रभावित  कर रहें हैं। वहीं समय से पहले सेक्‍स के प्रति जिज्ञासा भी लड़कियां आठ से नौ साल की उम्र में ही किशोरावस्‍था में प्रवेश कर रही हैं।
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मोटापा भी है एक कारण

मोटापा न केवल हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बनता है, बल्‍कि सेक्‍सुआलिटी भी प्रभावित होती है। बढ़ते बच्‍चों में मोटापे से यौवन उम्र से पहले ही आ जाता है। ये समस्‍याएं विशेष तौर पर लड़कियों के साथ अधिक होती हैं। विश्‍व कैंसर रिसर्च कोश द्वारा किए गए एक शोध में बताया गया कि मोटापे से लीवर संबंधी बीमारी होती है, जो सेक्‍सुआलिटी को प्रभावित करती हैं।
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लड़कियों में यौवना के लक्षण

यौवना के शुरू होने पर शरीर की लम्बाई और नितम्बों का आकार बढ़ जाता है। जननेन्द्रिय के आस-पास व बाहों के नीचे बाल दिखने लगते हैं। शुरू में बाल नरम होते हैं लेकिन बढ़ते-बढ़ते कड़े होने लगते हैं। इसमें लड़की का रजोधर्म या माहवारी शुरू हो जाती है जोकि पांच दिन तक चलता है। साथ ही त्वचा तैलीय हो जाती है जिससे मुंहासे निकल आते हैं।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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