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वक्‍ता के इन भाव-मुद्राओं से अहसज हो जाते हैं श्रोता

किसी भी सभा को संबोधित करते वक्त बॉडी लैंग्वेज और फेशियल एक्सप्रेशन का ख्याल रखना हर एक वक्ता के लिए काफी जरूरी है, यह आपकी प्रस्‍तुति और श्रोताओं पर क्‍या प्रभाव डालते हैं, इसके बारे में इस स्‍लाइडशो में पढ़ें।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Gayatree Verma / Jan 12, 2016

स्पीकर की भाव-मुद्राएं

भाषण देने के दौरान स्पीकर का चेहरा औऱ बॉडी लैंग्वेज भी उसके शब्दों के साथ बोलते हैं। खासकर चेहरा, हाथ और पैर, शब्दों के साथ सबसे ज्यादा नोटिस किए जाते हैं। ये तीनों अंग आपके एटीट्यूड, फीलिंग्स और इमोशन्स को बयां करते हैं। आपको लोग तभी सुनेंगे जब आप आत्मविश्वासी, फ्रैंडली, सिंसियर, और प्रभावी होंगे जिसके लिए भाव-मुद्राओं का अपनाना जरूरी है। लेकिन कई बार स्पीकर जरूरत से ज्यादा भाव-मुद्राओं का इस्तेमाल कर लेते हैं जो श्रोताओं को कंफ्यूज औऱ बोर कर देता है। अगर आप भी स्पीकर हैं या आम तौर पर लोगों के सामने प्रेजेंटेशन देते रहते हैं तो बहुत अधिक भाव-मुद्राओं का इस्तेमाल इन कारणों से आपको सुनने वालों को कंफ्यूज कर सकता है।

आंखों को मटकाना

कई बार स्पीकर आंखों को मटका-मटका कर बात करते हैं। ऐसा स्पीकर लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए और आई कॉन्टेक्ट के विकल्प के तौर पर करते हैं। जबकि ये गलत है। इससे लोगों को लगेगा कि आप हर चीज बना कर बोल रहे हैं और आपको संबंधित विषय के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

ज्यादा सिर हिलाना

लोगों को अपने आप से कनेक्ट करने के लिए कई बार लोग सवालों के जवाब में सर हिलाते हैं। लेकिन अगर आप हद से ज्यादा सर हिलाते हैं तो संभल जाएं। ये आपको कनेक्ट करने की जगह डिसकनेक्ट कर देगा।

आंख मिलाएं, घूरे नहीं

प्रभावशाली भाषण का सबसे कारगार एक्सप्रेशन होता है लोगों की आंखों में आंख डालकर बात करना। लेकिन कई बार लोग आंख में आंख डाल कर बोलने की जगह घूरने लगते हैं। आंख में आंख डालकर बात करना और घूरने में काफी अंतर है। इससे आपको सुनने वाला डर जाएगा या असहज हो जाएगा। आम तौर पर बोलने के दौरान हर 7-10 सेकेंड के बाद पलक झपकाते रहें।

बार-बार घड़ी देखना

ऐसा स्पीकर कम समय होने के दौरान करता है। ऐसा ना करें। क्योंकि बार-बार टाइम देखने का मतलब है कि आपके अंदर आत्मविश्वास की कमी है और आप लोगों से नजरें चुराने के लिए बार-बार घड़ी देख रहे हैं। या फिर आप जल्दी में है और जल्द से जल्द ये भाषण टालने के मूड में है। इससे श्रोता भी आपमें दिलचस्पी लेना बंद कर देता है। कम समय होने के दौरान अलार्म लगा के रखें और दिमाग में टाइम सेट कर लें।

क्रॉस लेग या क्रॉस आर्म्स

ये बहुत ही बड़ी गलती होती है जो अक्सर लोग करते हैं। लोगों को संबोधित करते वक्त या भाषण देते वक्त कई बार लोग पैर या हाथों को क्रॉस करके खड़े होते हैं। ये बहुत ही गलत बॉडी लैंग्वेज है। बॉडी लैंग्वेज पर शोध कर रहे कई विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा करने का आर्थ निकलता है कि आप लोगों से खुलकर बात नहीं कर रहे हैं और कुछ छुपा रहे हैं। इससे आपको सुनने वाले का ध्यान आपके द्वारा छिपाने की कोशिश करने वाली बातों या आपके पैर या हाथों पर जाती है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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